अयोध्या पर क्या मंजूर है शिया वफ्फ का फैसला ! 

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प्रभुनाथ शुक्ल अयोध्या में राममन्दिर निर्माण पर दोनों पक्षकारों और समुदाय के बीच धर्मगुरु और आर्ट्सआफ लीवींग के संस्थापक श्री- श्री रविशंकर जी और शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की पहल कितनी कामयाब होगी अभी कहना मुश्किल है । लेकिन इस प्रयास का स्वागत किया जाना चाहिए। क्योंकि श्री के पास जहाँ इस… Read more »

सोमनाथ मंदिर के तर्ज पर राम मन्दिर का निर्माण 

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डा. राधेश्याम द्विवेदी दोनों मंदिर बिद्वेष की भावना से तोड़े गये थे :- इतिहास हमेशा वर्तमान पर हमले करता है और वर्तमान को बचाने के लिए बलिदान दिया जाता है तब यही वर्तमान फिर इतिहास बनता है. हिन्दुओ का इतिहास काफी संघर्षपूर्ण रहा है. एक समय था जब हिन्दू अपने देश में शांतिपूर्वक रहते थे…. Read more »

जब मोदी जी ने भारत के अतीत को शर्मिंदगी भरा बताया तो भाई जी खपा क्यों हो गए ?

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-श्रीराम तिवारी- मेरे एक पुराने सहपाठी हुआ करते थे । विश्व विद्यालयीन जीवन में ही वे अपने ‘जनसंघी ‘पिता के प्रभाव में ‘शाखाओं ‘ में जाने लगे थे। मेरी उनसे तब भी  पटरी नहीं बैठती थी। उनके अधिकांस साथी उन्हें भाई जी कहकर ही बुलाया करते ।  कुछ गैरसंघी युवा  उन्हें मजाक में  ‘चड्डा’ कहकर भी बुलाते थे । मुझे बहुत बाद में मालूम पड़ा कि वे जाति  से नहीं… Read more »

बाबरी पर पटेल ने मस्जिद का साथ दिया था

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-के. विक्रम राव एक हकीकत थी 1947 के इतिहास की। इस्लामी पाकिस्तान के बनते ही यदि खण्डित भारत एक हिन्दु राष्ट्र घोषित हो जाता, तो उन्माद के उस दौर में शायद ही कोई उसका सबल विरोध कर पाता। मगर सरदार वल्लभभाई झवेरदास पटेल ने इसका पुरजोर प्रतिरोध किया। सांप्रदायिक जुनून को रोका। भारत पंथनिरपेक्ष रहा।… Read more »

इनका दर्द भी समझें

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-विजय कुमार मेरे पड़ोस में मियां फुल्लन धोबी और मियां झुल्लन भड़भूजे वर्षों से रहते हैं। लोग उन्हें फूला और झूला मियां कहते हैं। 1947 में तो वे पाकिस्तान नहीं गये; पर मंदिर विवाद ने उनके मन में भी दरार डाल दी। अब वे मिलते तो हैं; पर पहले जैसी बात नहीं रही। अब वे… Read more »

अयोध्या में भारत जीत गया

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-डॉ0 कुलदीप चंद अग्निहोत्री 30 सितम्बर 2010 को अयोध्या में राम जन्म स्थान को लेकर हुए विवाद का अतं हो गया। इलाहबाद उच्च न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि जिस स्थान पर इस समय श्रीराम विराजमान है वही उनका जन्म स्थान है। न्यायालय के अनुसार आम लोगों में इसी स्थल को जन्म भूमि… Read more »

लखनऊ बैंच का फैसला और संघ परिवार का पैराडाइम शिफ्ट

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-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच ने जब फैसला सुनाया तो उसके पहले उसने सभी पक्षों के वकीलों को यह आदेश दिया था कि वे मीडिया के सामने तब तक कुछ न बोलें जब तक अदालत के द्वारा फैसले की कॉपी मीडिया वालों को वितरित न हो जाए। लेकिन अदालत के प्रति सामान्य सम्मान… Read more »

अदालत का फैसला और मेढकों की टर्र-टर्र

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-आवेश तिवारी बारिश हुई और जैसी उम्मीद थी मेढक निकले और टर्र-टर्र करने लगे, अगर इन मेढकों कि मानें तो अदालती फैसला भी समय और परिस्थितियों को देखकर किया गया है। पाकिस्तान से लेकर हिंदुस्तान तक, हर जगह मौजूद इन मेढकों की निगाह में ये देश हिंदुस्तान, और इस देश की सारी व्यवस्थाएं पूरी तरह… Read more »

त्‍वरित टिप्‍पणी: है राम के वजूद पे हिन्दोस्तां को नाज़

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-फ़िरदौस ख़ान है राम के वजूद पे हिन्दोस्तां को नाज़ अहल-ए-नज़र समझते हैं इस को इमाम-ए-हिन्द लबरेज़ है शराब-ए-हक़ीक़त से जाम-ए-हिन्द सब फ़सलसफ़ी हैं ख़ित्त-ए-मग़रिब के राम-ए-हिन्द बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच का फ़ैसला आ चुका है। अदालत ने विवादित ज़मीन को तीन हिस्सों में बांटा है। एक… Read more »

क्यों बने आक्रांता का मकबरा?

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बाबर कोई मसीहा नहीं अत्याचारी, अनाचारी, आक्रमणकारी और इस देश के निवासियों का हत्यारा है -लोकेन्‍द्र सिंह राजपूत सितम्बर में अयोध्या (अयुध्या, जहां कभी युद्ध न हो) के विवादित परिसर (श्रीराम जन्मभूमि ) के मालिकाना हक के संबंध में न्यायालय का फैसला आना है। जिस पर चारो और बहस छिड़ी है। फैसला हिन्दुओं के हित… Read more »