राहुल गांधी-कांग्रेस मुक्त भारत के ‘अनथक योद्धा’

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देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब कांग्रेस मुक्त भारत का संकल्प मंच पर बार-बार दोहराते हैं, तब व्यक्तिगत रूप से मुझे ऐसा कई बार लगता है कि यह एक नकारात्मक विचार है। भाजपा स्वयं को सर्वव्यापी बनाने की बात करे, किसी को मिटाने की नहीं। एक लोकतांत्रिक देश में पक्ष के साथ विपक्ष की भी… Read more »

भ्रष्टाचार के आरोप और कांगे्रस के बयान

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सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में राजनीतिक दलों में जिस प्रकार से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, उससे कमोवेश ऐसा ही लग रहा है कि मेरे दामन पर लगे दाग तेरे दागों से अच्छे हैं। पिछले लोकसभा चुनावों के परिणामों ने यह सिद्ध कर दिया था कि कांगे्रस के दामन पर लगे दाग वास्तव में अच्छे… Read more »

कहीं अपने होने का अर्थ ही न खो दें राहुल गांधी !

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राहुल गांधी शुरू से ही राजनीति को लेकर दुविधा में दिखते रहे हैं। वे सार्वजनिक रूप से यहां तक कह चुके हैं कि सत्ता तो जहर है। लेकिन फिर भी मनमोहन सिंह की पहली सरकार में ही मंत्री बन गए होते, तो देश चलाना सीख जाते और सत्ता का जहर पीना भी। कांग्रेस ने अगली बार फिर जब मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया था, तब भी उनको न बनाकर, राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बना दिया जाता, तो कोई कांग्रेस का क्या बिगाड़ लेता ?

अंधेरी सुरंग में कांग्रेस!

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शिवशरण त्रिपाठी एक तरफ भाजपा जीत पर जीत के नये रिकार्ड बना रही है। एक तरफ उसके रणनीतिकार अगले वर्ष होने वाले गुजरात, कर्नाटक, हिमाचल में जीत का परचम फहराने की पुख्ता रणनीति बनाने में जुटे है। एक तरफ जहां भाजपा के रणनीतिकार बड़े करीने से राजग की बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को… Read more »

कांग्रेसविहीन भारत बनाते राहुल गांधी

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राकेश कुमार आर्य बहुत सी दुर्बलताओं के उपरांत भी कांग्रेस का गौरवपूर्ण इतिहास है। इसके गौरवपूर्ण पक्ष पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लालबहादुर शास्त्री और इन जैसी अनेकों प्रतिभाएं अपना डेरा डाले बैठी हैं, जिनको पढ़े बिना कांग्रेस का इतिहास किसी भी जिज्ञासु विद्यार्थी की समझ आ नहीं सकता। जिन लोगों ने… Read more »

राहुल गांधी में दम है, तो कांग्रेस का दम क्यों निकल रहा है ?

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ताजा परिदृश्य में देखे, तो पंद्रह सालों से लगातार कोशिशें करने के बावजूद राहुल गांधी देश के राजनैतिक परिदृश्य में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने और जगह बना पाने में शाश्वत रूप से असफल रहे हैं। राहुल गांधी के पार्टी की कमान पूरी तरह से संभालने में लगातार देरी भी उनकी काबिलियत पर सवाल खड़े कर रही है। राज्यों में पार्टी की कमान सौंपने के मामले में भी गलतियां हो रही हैं।

राहुल गांधी पर अपने भाषणों में बहुत क्रूर हैं मोदी !

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देखा जाए तो, मोदी को इस क्रूर अंदाज में लाने का श्रेय भी कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी और उनकी माता सोनिया गांधी को ही जाता है, जिन्होंने मोदी को ‘लाशों का सौदागर’ से लेकर ‘शहीदों के खून का दलाल’… और न जाने क्या क्या कहा। फिर वैसे देखा जाए, तो लोकतंत्र में अपनी ताकत को ज्यादा लंबे वक्त तक जमाए रखने के लिए कुछ हद तक क्रूर और अत्यंत आक्रामक होना भी आज मोदी की सबसे पहली जरूरत है।

तो अब प्रियंका गांधी के सहारे मजबूत होंगे राहुल ?

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निरंजन परिहार- कांग्रेस अब बदलाव की तैयारी में है। अपने 131वें स्थापना दिवस से पहले कांग्रेस प्रियंका गांदी को पार्टी में पद पर लाकर राहुल गांधी को मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। इससे पार्टी से युवा तो जुडेंगे ही, महिलाएं भी मजबूती से जुड़ेगी। जो, कि बीते दस साल में पार्टी से दूर… Read more »

आरएसएस, गौडसे और राहुल गांधी

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राहुल गांधी द्वारा ‘आरएसएस के लोगों ने गांधीजी की हत्या की’ वाले भाषण पर सुप्रीम कोर्ट में मामला खिंचता लग रहा है। इस में रोचक राजनीतिक कोण भी है, जिस के अनपेक्षित परिणाम भी संभव हैं। पहली दृष्टि में कोर्ट ने राहुल को दोषी पाया, जिस पर राहुल पीछे हटते नहीं दिख रहे, इसलिए गांधीजी… Read more »

गांधी हत्या और आरएसएस

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लोकेन्द्र सिंह (लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं) —- राजनेताओं को यह समझना होगा कि अपने राजनीतिक नफे-नुकसान के लिए किसी व्यक्ति या संस्था पर झूठे आरोप लगाना उचित परंपरा नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी शायद यह भूल गए थे कि अब वह दौर नहीं रहा, जब… Read more »