लेख बिजनौर मदरसे व चांदनी चौक के आईने में मुस्लिमों का विश्वास July 26, 2019 / July 26, 2019 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment अपने दुसरे प्रधानमंत्रित्व में नरेंद्र जी मोदी ने अपने नारे “सबका साथ सबका विकास” में एक नया शब्द जोड़ा है, वह है, सबका विश्वास। वस्तुतः कांग्रेस मुस्लिमों को वोट बैंक बनाया और उन्हें छदम तुष्टिकरण करके राष्ट्र की मुख्य धारा में आने से सदैव रोके रखा; यह “विश्वास” उस कांग्रेसी प्रवृत्ति पर विराम का राष्ट्रीय […] Read more » beleives of muslims bijnor madarse chandni chowk muslims
समाज मुसलमान: राष्ट्रवाद और मुख्य धारा June 17, 2019 / June 17, 2019 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment भारत के अधिकांश भागों पर 700-800 वर्षो तकशासन करने वाले आक्रान्ताओं के वंशजों को भारत की मुख्य धारा से अलग मान कर उन्हें दीन-हीन समझना क्या अनुचित नहीं ? इस्लाम के शासन में प्रायः अधिकांश मुख्य सरकारी पदों पर मुसलमान ही होते थे। हिन्दुओं की ही स्थिति अत्यधिक दयनीय होती थी। इस्लाम से छुटकारा मिला […] Read more » muslims Nationalism
विविधा कुरान, इस्लाम और मुसलमान November 18, 2017 by शालिनी तिवारी | Leave a Comment वर्ष 2010 के एक अध्ययन के मुताबिक, दुनियाँ के दूसरे सबसे बड़े धार्मिक सम्प्रदाय इस्लाम के तकरीबन 1.6 अरब अनुयायी हैं. जोकि विश्व की आबादी की लगभग 23% हिस्सा हैं, जिसमें 80-90 प्रतिशत सुन्नी और 10-20 प्रतिशत शिया हैं. मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, अफ्रीका का हार्न, सहारा, मध्य एशिया एवं एशिया के अन्य कई हिस्सों […] Read more » Featured Islam muslims quran इस्लाम कुरान मुसलमान
विविधा क्या है आतंकवाद और इस्लाम का संबंध July 6, 2016 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 1 Comment on क्या है आतंकवाद और इस्लाम का संबंध लोकेन्द्र सिंह (लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं) बांग्लादेश की राजधानी ढाका के प्रतिष्ठित और सुरक्षित क्षेत्र में आतंकी हमले के बाद आतंकवाद और इस्लाम के संबंधों पर फिर से बहस शुरू हो गई है। महत्त्वपूर्ण बात है कि इस बहस में तीखे सवाल स्वयं मुस्लिम ही पूछ रहे हैं। […] Read more » Featured muslims terrorist are muslims terrorists why all terrorists are muslims आतंकवाद आतंकवाद और इस्लाम आतंकवाद और इस्लाम का संबंध इस्लाम इस्लांमिक आतंकवादी
कला-संस्कृति फ़तवा मानो या मत मानो, उलेमा को मत कोसो! April 11, 2012 / April 11, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on फ़तवा मानो या मत मानो, उलेमा को मत कोसो! इक़बाल हिंदुस्तानी तर्क और आस्था में टकराव तो सदियों से चलता आ रहा है? दारुल उलूम देवबंद से कुछ दिन पहले एक फतवा आया था कि शराब के नशे में दी गयी तलाक भी तलाक मानी जायेगी। इस फतवे पर मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के नायब सदर और मशहूर शिया नेता मौलाना क़ल्ब ए सादिक़ ने […] Read more » Fatwa muslims उलेमा फ़तवा
लेख फ़तवा जारी करना उनका काम है मानना ना मानना आपका हक़? December 26, 2011 / December 26, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on फ़तवा जारी करना उनका काम है मानना ना मानना आपका हक़? इक़बाल हिंदुस्तानी इस्लामी उलेमाओं के मुंह से निकली हर बात फ़तवा नहीं होती! दुनिया के साथ साथ आज का मुसलमान भी अन्य सम्प्रदायों की तरह काफी बदल रहा है लेकिन यह बात सच है कि वह और वर्गों की तरह तेजी से नहीं बदल रहा है। यह भी सही है कि मुसलमान अपने धर्म को […] Read more » Fatwa muslims फ़तवा फ़तवा जारी करना उनका काम
गजल पड़ौसी पड़ोसी है हिंदू न मुस्लिम……. November 3, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on पड़ौसी पड़ोसी है हिंदू न मुस्लिम……. इक़बाल हिंदुस्तानी हरेक तश्नालब की हिमायत करूंगा, समंदर मिला तो शिकायत करूंगा। अगर आंच आई किसी जिंदगी पर, हो अपना पराया हिफ़ाज़त करूंगा। अभी तो ग़रीबों में मसरूफ हूँ मैं, मिलेगी जो फुर्सत इबादत करूंगा। तरक्की की ख़ातिर वो यूं कह रहा था, मैं जिस्मों की खुलकर तिजारत करूंगा। ज़मीर अपना बेचंू जो दौलत कमाउ, […] Read more » hindu India muslims pakistan पड़ौसी पड़ौसी है हिंदू न मुस्लिम