कला-संस्कृति समाज बृहत्तर भारत का गौरवमय अतीत February 21, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment भारत की संस्कृति :- भारत की संस्कृति कई चीज़ों को मिला-जुलाकर बनती है जिसमें भारत का लम्बा इतिहास, विलक्षण भूगोल और सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान बनी और आगे चलकर वैदिक युग में विकसित हुई, बौद्ध धर्म एवं स्वर्ण युग की शुरुआत और उसके अस्तगमन के साथ फली-फूली अपनी खुद की प्राचीन विरासत शामिल […] Read more » Featured बृहत्तर भारत का गौरवमय अतीत भारत
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म हिन्दू धर्म के आदि रक्षक संत रैदास February 9, 2017 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment 10 फर. माघ पूर्णिमा, संत रविदास जयंती पर विशेष – लगभग सवा छः सौ वर्ष पूर्व 1398 की माघ पूर्णिमा को काशी के मड़ुआडीह ग्राम में संतोख दास और कर्मा देवी के परिवार में जन्में संत रविदास यानि संत रैदास को निस्संदेह हम भारत में धर्मांतरण के विरोध में स्वर मुखर करनें वाली और स्वधर्म […] Read more » 10 feb 2017. माघ पूर्णिमा Featured संत रविदास जयंती संत रैदास हिन्दू धर्म के आदि रक्षक
कला-संस्कृति जन-जागरण धर्म-अध्यात्म जानिए चंद्र नमस्कार के लाभ February 6, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment सूर्य नमस्कार आसन के बारे में आपको तो पता ही होगा। अब हम बात कर रहे हैं चंद्र नमस्कार के बारे में। यह आसन इंसान को उर्जा देता है। चंद्र नमस्कार को केवल पंद्रह से दस मिनट तक करने से इंसान को कई तरह के फायदे मिलते हैं जैसे शरीर में उर्जा का आना, कल्पनाशक्ति […] Read more » Featured चंद्र नमस्कार चंद्र नमस्कार के लाभ
कला-संस्कृति राजनीति कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा को विस्तार देता मध्यप्रदेश February 3, 2017 / February 3, 2017 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी मध्यप्रदेश की भूमि भारत भू की वह भूमि है, जिसने कभी अपनी जमीन पर कालीदास, भवभूति, तानसेन जैसे महान साहित्यकार-कलाकारों को बनाया तो कभी इस भूमि से उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ , कृष्ण राव पंडित, उस्ताद आमिर ख़ाँ, डी. जे. जोशी, डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर, कुमार गंधर्व और अब्दुल लतीफ़ ख़ान, सैयद हैदर […] Read more » Featured कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विस्तार देता मध्यप्रदेश
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विविधा फिर आया वसंत धरती पर January 31, 2017 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment डॊ. सौरभ मालवीय आओ आओ कहे वसंत धरती पर, लाओ कुछ गान प्रेमतान लाओ नवयौवन की उमंग नवप्राण, उत्फुल्ल नई कामनाएं घरती पर कालजयी रचनाकार रवींद्रनाथ टैगोर की उक्त पंक्तियां वसंत ऋतु के महत्व को दर्शाती हैं. प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में ऋतुओं का विशेष महत्व रहा है. इन ऋतुओं ने विभिन्न प्रकार […] Read more » Basant Panchmi Basant rity Featured ॠतुराज वसंत को नमन वसंत वसंत पंचमी
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार जानिए आखिर क्या है बसंतोत्सव / बसंत पर्व / “बसंत पंचमी” अथवा मधुमास पर्व …. January 29, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी कहा जाता है। माना जाता है कि विद्या, बुद्धि व ज्ञान की देवी सरस्वती का आविर्भाव इसी दिन हुआ था। इसलिए यह तिथि वागीश्वरी जयंती व श्री पंचमी के नाम से भी प्रसिद्ध है। ऋग्वेद के 10/125 सूक्त में सरस्वती देवी के असीम प्रभाव व […] Read more » Basant Panchami Saraswati Pooja Saraswati Puja बसंत पंचमी बसंत पर्व बसंतोत्सव मधुमास पर्व माँ सरस्वती सरस्वती पूजा
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म कैसे मनाएं मौनी अमावस्या 2017 — January 29, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या ‘सोमवती अमावस्या’ कहलाती है। ऐसा संयोग कम ही होता है जब अमावस्या सोमवार के दिन हो। सोमवार भगवान शिव जी का दिन माना जाता है और सोमवती अमावस्या तो पूर्णरूपेण शिव जी को समर्पित होती है।स्नान, दान और पुण्य की मौनी अमावस्या इस बार आज 27 जनवरी 2017 को […] Read more » मौनी अमावस्या
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार मर्यादा महोत्सव है तेरापंथ का महाकुंभ मेला January 28, 2017 / January 28, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment 153वें मर्यादा महोत्सव- 3 फरवरी, 2017 – ललित गर्ग भारत की वसुंधरा ऋषिप्रधान है। भारतीय संस्कृति में दो प्रकार की पद्धतियों का प्रचलन हैµ एक है श्रमण संस्कृति, और दूसरी है वैदिक संस्कृति। दोनों ही संस्कृतियों में अनेक पर्व, उत्सव मनाए जाते है। पर्व, उत्सव क्यों मनाए जाते है? क्योंकि इन उत्सवों के माध्यम से […] Read more » तेरापंथ तेरापंथ का महाकुंभ मेला तेरापंथ धर्मसंघ महाकुंभ मेला
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार क्यों कहते हैं शिवरात्रि ? January 18, 2017 / January 18, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | 1 Comment on क्यों कहते हैं शिवरात्रि ? वर्ष 2017 महा शिवरात्रि —————————————————————————————- महाशिवरात्रि 2017 में 24 फरवरी— निशिथ काल पूजा- 24:08 से 24:59 पारण का समय- 06:54 से 15:24 (25 फरवरी) चतुर्दशी तिथि आरंभ- 21:38 (24 फरवरी) चतुर्दशी तिथि समाप्त- 21:20 (25 फरवरी) ——————————————————————- हिंदु शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव मनुष्य के सभी कष्टों एवं पापों को हरने वाले हैं। सांसरिक कष्टों […] Read more » mahashivratri Mahashivratri in 2017 कालरात्रि जानिए क्यों कहते हैं शिवरात्रि महाशिवरात्रि मंत्र एवं समर्पण वर्ष 2017 महा शिवरात्रि
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार विविध रूपों में मनाया जाता है मकर संक्रान्ति January 12, 2017 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप मकर संक्रांति हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। चाहे वह महाभारत के समय की बात हो या फिर रामायण काल की बात हो या फिर अन्य पौराणिक ग्रन्थ हो, कहीं न कहीं मकर संक्राति का किसी न किसी रूप में वर्णन मिलता है। गोस्वामी तुलसी दास जी श्री रामचरित्र मानस में लिखते है- माघ […] Read more » makar sankranti मकर संक्रान्ति
कला-संस्कृति विविधा मोक्ष का महासागर गंगासागर January 9, 2017 by जगदीश यादव | Leave a Comment 14 जनवरी गंगासागर पुण्य स्नान पर विशेष जगदीश यादव अंग्रेजों ने भी इस देश को साधु-संतों का देश कहा है। भारत की धरती ही एक मात्र जगह है जहां आस्था सिर चढ़कर बोलती है। यहां डुबते सूर्य को भी अर्घ्य प्रदान किया जाता है। पश्चिम बंगाल की जिस पावन भूमि में गंगा व सागर का […] Read more » गंगासागर पुण्य स्नान मोक्ष का महासागर गंगासागर
कला-संस्कृति विविधा प्राचीन भवनों के संरक्षण की अनुपम पहल January 8, 2017 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ मयंक चतुर्वेदी संस्कृति एवं परंपरा के कभी जागृत नमूने रहे भवन आज भले ही अपने वैभव से दूर होकर अनेक स्थानों पर टूटे-फूटे स्मारकों में तब्दील हो गए हों, किंतु वे हैं तो हमारे अतीत का दिग्दर्शन करानेवाले आधार स्तम्भ ही। इसलिए उन्हें उनके प्राचीन गौरवपूर्ण स्वरूप में वापस लाकर उनसे निरंतर प्रेरणा […] Read more » Featured प्राचीन भवनों के संरक्षण