कला-संस्कृति समाज उत्तराखंड का बालपर्व “फूलदेई” March 15, 2017 by प्रदीप रावत | Leave a Comment पहाड़ की यह अनूठी बाल पर्व की परम्परा जो मानव और प्रकृति के बीच के पारस्परिक सम्बन्धों का प्रतीक है । तेज़ी से बड़ रही आधुनिकता के कारण यह प्राचीन परम्परा विलुप्त की कगार पर खड़ी हो गयी है इन प्राचीन परम्पराओ को बचाने के लिए सरकार को निति तय करनी होगी और स्कूलों मे बच्चों को इस बालपर्व फूलदेई को मनाने के लिए प्रेरित किया जाय व इस परम्परा से संबन्धित लेख या कविताओं को नौनिहालों के पाठ्यक्रम मे शामिल किया जाय ताकि इसे व्यापकता प्रदान हो सके. Read more » Featured उत्तराखंड का बालपर्व फूलदेई बाल पर्व
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार जोगीरा हास्य व्यंग की अनूठी विधा March 14, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment किसके बेटा राजा रावण किसके बेटा बाली? किसके बेटा हनुमान जी जे लंका जारी? विसेश्रवा के राजा रावण बाणासुर का बाली। पवन के बेटा हनुमान जी, ओहि लंका के जारी। जोगी जी वाह वाह, जोगी जी सारा रा रा। Read more » जोगीरा
कला-संस्कृति जन-जागरण धर्म-अध्यात्म आइये जाने होली खेलने के दौरान क्या रखें सावधानी… March 10, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment होली रंगों का त्योहार है जो भारत में हिन्दु धर्म के लोग हर साल बड़ी धूमधाम से मनाते है | ये पर्व हर साल वसंत ऋतु के समय फागुन (मार्च) के महीने में आता है | भारत पहले से ही कला और संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी रहा हैं अगर भारतीय समाज के त्यौहार की […] Read more » होली खेलने के दौरान क्या रखें सावधानी
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म चैतन्य महाप्रभु की संकीर्तन रस संस्कृति March 9, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment चैतन्य महाप्रभु जयन्ती-12 मार्च 2017 पर विशेष ललित गर्ग चैतन्य महाप्रभु भारतीय संत परम्परा के भक्ति रस संस्कृति के एक महान् कवि, संत, समाज सुधारक एवं क्रांतिकारी प्रचारक थे। वैष्णव धर्म के परम प्रचारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक थे। उन्होंने जात-पांत के बंधन को तोड़ने और सम्पूर्ण मानव जाति को एक […] Read more » Featured चैतन्य महाप्रभु चैतन्य महाप्रभु जयन्ती चैतन्य महाप्रभु जयन्ती-12 मार्च 2017
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार समाज होली पर्व भारत में बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक March 9, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment होली पर्व पूरे देश में परंपरा, हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला त्यौहार है। होली पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली पर्व हमारे देश में उपस्थित बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक है। होली पर्व देश में हमारी संस्कृति और सभ्यता के मूल सहिष्णुता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने वाला पर्व है। इस पर्व को सभी लोगों को शांति, सौहार्द और भाईचारे की भावना से मनाना चाहिए। Read more » Featured जीवंत रंगों का प्रतीक होली पर्व होली पर्व भारत में बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म अमालकी एकादशी March 8, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के रूप में जाना जाता है। आमलकी एकादशी महाशिवरात्रि और होली के मध्य में आती है। अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार वर्तमान में यह फरवरी या मार्च के महीने में आती है। इस वर्ष यह आज (बुधवार),08 मार्च,2017 को मनाई जा रही हैं|सनातन धर्म में एकादशी व्रत का […] Read more » अमालकी एकादशी आमलकी एकादशी व्रत विधि
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म हनुमान जयंती March 8, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment प्रिय पाठकों/मित्रों, 2017 में हनुमान जयंती 11 अप्रैल, दिन मंगलवार को मनाई जाएगी ।हनुमान जयंती भारत में लोगों के द्वारा हर साल, हिन्दू देवता हनुमान जी के जन्म दिवस को मनाने के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। भारतीय हिन्दी कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार हर साल चैत्र (चैत्र पूर्णिमा) माह के शुक्ल पक्ष में 15वें […] Read more » 2017 में हनुमान जयंती 11 अप्रैल हनुमान जयंती
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म जानिए की क्यों नहीं करना चाहिए बिस्तर पर बैठ कर भोजन…??? March 7, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment ऐसा करना दे सकता है शनिदेव को आमंत्रण….. प्रिय पाठकों/मित्रों, कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं जो बहुत साधारण लगते हैं लेकिन ज्योतिष के अनुसार वे शुभ नहीं होते. दूसरे शब्दों में कहें तो वे मनुष्य के जीवन से सुख और समृद्धि को नष्ट करते हैं. ऐसे कार्यों से सदैव दूर रहना चाहिए. जानिए […] Read more » बिस्तर बिस्तर पर बैठ कर भोजन भोजन
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार अक्षय तृतीया (आखा तीज) 2017 March 4, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment अक्षय तृतीया पर्व को कई नामों से जाना जाता है| इसे अखतीज और वैशाख तीज भी कहा जाता है| इस वर्ष यह पर्व 28 अप्रैल 2017 (शुक्रवार) के दिन मनाया जाएगा. इस पर्व को भारतवर्ष के खास त्यौहारों की श्रेणी में रखा जाता है| अक्षय तृतीया पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है | इस दिन स्नान, दान, जप, होम आदि अपने सामर्थ्य के अनुसार जितना भी किया जाएं, अक्षय रुप में प्राप्त होता है | वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को “अक्षय तृतीया” या “आखा तृतीया” अथवा “आखातीज” भी कहते हैं। Read more » अक्षय तृतीया
कला-संस्कृति विलुप्त हो रही सिक्की कला की पहचान March 3, 2017 / March 3, 2017 by गुंजन कुमारी | 1 Comment on विलुप्त हो रही सिक्की कला की पहचान मधुबनी की पहचान पेंटिंग से होती है लेकिन ऐसी कई कलाएं है जो अपनी पहचान के लिए बाट जोह रही है ऐसी ही एक कला है सिक्की कला, सिक्की कला से बननेवाली कलाकृतियाँ न केवल खूबसूरत होती है बल्कि गांव घर की महिलाओं को स्वरोजगार देने […] Read more » Featured सिक्की कला
कला-संस्कृति लेख साहित्य होली के रंगों का आध्यात्मिक महत्व March 2, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment श्वेत रंग की कमी होती है, तो अशांति बढ़ती है, लाल रंग की कमी होने पर आलस्य और जड़ता पनपती है। पीले रंग की कमी होने पर ज्ञानतंतु निष्क्रिय बन जाते हैं। ज्योतिकेंद्र पर श्वेत रंग, दर्शन-केंद्र पर लाल रंग और ज्ञान-केंद्र पर पीले रंग का ध्यान करने से क्रमशः शांति, सक्रियता और ज्ञानतंतु की सक्रियता उपलब्ध होती है। होली के ध्यान में शरीर के विभिन्न अंगों पर विभिन्न रंगों का ध्यान कराया जाता है और इस तरह रंगों के ध्यान में गहराई से उतरकर हम विभिन्न रंगों से रंगे हुए लगने लगा। Read more » होली
कला-संस्कृति लेख जहां कण-कण में बिखरी है ऋषि वाल्मिकी की स्मृतियां…!! February 27, 2017 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा — सीता ने व्यतीत किया था अज्ञातवास — लव-कुश का हुआ था जन्म आधुनिकता के उच्चतम शिखर पर जहां आज भी मानव जीवन के चिह्न नदारद हो वहां सदियों पहले मानवीय दिनचर्या की उपस्थिति किसी को भी देवत्व प्रदान करने के लिए पर्याप्त है, क्योंकि अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में सामान्य जीवन यापन […] Read more » Featured ऋषि वाल्मिकी पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत नयाग्राम के तपोवन