आर्थिकी राजनीति गर्दिश में सितारे August 25, 2012 / August 25, 2012 by हिमकर श्याम | Leave a Comment हिमकर श्याम प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और कांग्रेस, दोनों के सितारे इन दिनों गर्दिश में हैं। सरकार चौतरफा राजनैतिक-आर्थिक संकटों से घिरी हुई है। सरकार की दिशा और दशा, दोनों ही खराब हैं। मिस्टर क्लीन की छवि धूमिल पड़ती जा रही है और प्रधानमंत्री लगातार अपनी विश्वसनीयता खो रहे हैं। 2009 के लोकसभा चुनावों में […] Read more » Congress different scam in congress
आर्थिकी कैग के कठधरे में सरकार August 25, 2012 / August 25, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के कठधरे का दायरा बढ़ रहा है। कैग द्वारा संसद में पेश ताजा ड्राफ्ट रिपोर्ट में हवाला दिया है कि लौह अयस्क खदानों के आबंटन में भी बड़े पैमाने पर बंदरबांट हुर्इ है। बेहद सस्ती दरों पर निजी कंपनियों को लोहे के भूखण्ड दे दिए गए। बाजार मूल्य पर […] Read more » CAG coal scam कैग
आर्थिकी मोहनी हवा में हलाल देहात के हाट August 24, 2012 / August 24, 2012 by संजय स्वदेश | Leave a Comment संजय स्वदेश करीब बरस पहले जब देश की अर्थव्यवस्था बदहाल थी, तब उसे मजबूत करने के नाम पर तब के वित्तमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के द्वार विदेशी बाजारों के लिए खोल दिए। तरह-तरह के सपनें दिखाकर जनता को विदेशी कंपनियों के लिए तैयार कर लिया गया। हालांकि उससे देश के विकास पर फर्क भी […] Read more » decreasing economy अर्थव्यवस्था बदहाल
आर्थिकी यह खेल बहुत खतरनाक है… August 20, 2012 / August 20, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 2 Comments on यह खेल बहुत खतरनाक है… जनसदन शनिवार 18 अगस्त को देर शाम कुछ न्यूज चैनलों पर चल रही ब्रेकिंग न्यूज में बताया जा रहा था कि पूर्वोत्तर भारतीयों को धमकी वाला एसएम्एस पाकिस्तान से भेजा गया था. अतः इससे यह स्पष्ट हो गया कि एक सोची समझी रणनीति के तहत 4-5 दिनों तक देश को सहमने की साज़िश रचने वाला […] Read more » coal ghotala
आर्थिकी उत्पाद समीक्षा विधि-कानून अनाज की बर्बादी और जिम्मेदार नौकरशाह July 25, 2012 / July 25, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव गेहूं की बर्बादी पर इलाहबाद उच्च न्यायालय की नजीर- इससे बड़ी विडंबना और कोर्इ नहीं हो सकती कि कृषि प्रधान देश में अनुमानित लक्ष्य से ज्यादा अन्न उत्पादन न केवल समस्या बन जाए, बलिक उसके खुले में पड़े रहने के कारण सड़ने की नौबत आ जाए। ऐसे ही हालात से रुबरु होकर ‘वी […] Read more » rottening food grains अनाज की बर्बादी
आर्थिकी समाज पूर्वोत्तर की समस्या का उपचार : शिक्षा और रोज़गार July 21, 2012 / July 21, 2012 by गुलशन कुमार गुप्ता | Leave a Comment गुलशन कुमार गुप्ता प्राकृतिक परिवेश में रहना बेशक जीवन का एक सुन्दरतम अनुभव है, लेकिन २१वीं सदी में इसकी कल्पना सिर्फ कोरी ही होगी, क्योंकि आज की सांसारिक गतिविधियां हमे उस ओर ध्यान देने का मौका नहीं देती | लेकिन फिर जब पूर्वोत्तर आज भी अपने दामन में वो सारी खुशियाँ सहेजे हुए हैं तो […] Read more » पूर्वोत्तर की समस्या
आर्थिकी बॉलीवुड में कालाधनः सरकार को अब पता चला ? July 15, 2012 / July 15, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on बॉलीवुड में कालाधनः सरकार को अब पता चला ? इक़बाल हिंदुस्तानी जब तक सब जगह स्टिंग ऑप्रशन नहीं होगा, सरकार नहीं जागेगी? हमारी सरकार कितनी भोली है उसको आज तक यही नहीं पता था कि मायानगरी यानी बॉलीवुड में कालाधन चलता है। अगर एक न्यूज़ चैनल स्टिंग ऑप्रशन नहीं करता तो शायद यह बात लंबे समय तक ऐसा राज़ ही बनी रहती जिसका सरकार […] Read more » black money in bollywood बॉलीवुड में कालाधन
आर्थिकी गुमटियों का व्यवसाय भारतीय अर्थव्यवस्था का अनिवार्य अंग July 12, 2012 / July 12, 2012 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी अतिक्रमण एक ऐसा शब्द है जो आजकल सर्वाधिक चर्चा में है खासतौर से व्यावसायिक अतिक्रमण जो की छोटी छोटी दुकानों याँ यूँ कहे की गुमटियों के माध्यम से किया गया अतिक्रमण खास तौर चर्चा में रहता है .सामाजिक ,राजनैतिक ,प्रशासनिक और समाचारी दुनिया में जिस बात की सर्वाधिक चर्चा हो रही हो उस […] Read more » small shops गुमटियों का व्यवसाय
आर्थिकी तिजोरियां बनीं कालाधन लुभाने की नर्इ तरकीब July 11, 2012 / July 11, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव चूंकि स्विट्ज़रलैंड की अर्थ व्यवस्था देश में जमा कालाधन से चलती है, इसलिए उसके लिए जरूरी है कि वह ऐसे नए कानूनी प्रावधान अमल में लाए जिससे दुनिया के धन कुबेर स्विस बैंकों में धन जमा करते रहें। इस नजरिए से स्विट्ज़रलैंड सरकार ने ग्राहको को लुभाने के लिए नर्इ तरकीब इजात कर […] Read more » black money in Swiss Bank
आर्थिकी आर्थिक तरक्की के लिए हिंदू अर्थशास्त्र अपनाना होगा July 10, 2012 / July 10, 2012 by विनोद बंसल | 5 Comments on आर्थिक तरक्की के लिए हिंदू अर्थशास्त्र अपनाना होगा वर्ल्ड हिन्दू इकानोमिक फ़ोरम में दोहनकारी वृति की बजाय आर्थिक शुचिता सम्पन्न नये विश्व व्यापी व्यापारिक ढांचा बनाए जाने पर बल विनोद बंसल होंगकोंग जुलाई 1, 2012। वर्ल्ड हिन्दू इकानोमिक फ़ोरम के पहली दो दिवसीय होंगकोंग सम्मेलन में दुनिया से केवल लाभ कमाने की लालसा से आर्थिक संसाधनों का दोहन किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त […] Read more » विश्व हिंदू इकॉनॉमिक फोरम
आर्थिकी विधि-कानून अल्पसंख्यक आरक्षण और आन्ध्र उच्च न्यायलय का निर्णय July 8, 2012 / July 12, 2012 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी आरक्षण और पिछ्ले दिनों आन्ध्रप्रदेश उच्च न्यायलय ने एक एतिहासिक और साहसिक फैसले को सुनाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पिछडो के लिये रखे गये 27 % आरक्षण में से 4.5 % आरक्षण अल्पसंख्यकों को देने का प्रस्ताव गलत है. पिछड़ी जातियों के लिये आरक्षित 27 % आरक्षण में 4.5 % की […] Read more » अल्पसंख्यक आरक्षण आन्ध्र उच्च न्यायलय का निर्णय
आर्थिकी राजनीति पेट्रोल के दामों पर केंद्र की नीयत July 8, 2012 / July 8, 2012 by मयंक चतुर्वेदी | 1 Comment on पेट्रोल के दामों पर केंद्र की नीयत डॉ. मयंक चतुर्वेदी लोकतंत्रात्मक शासन व्यवस्था में लोक कल्याण की अवधारणा यह इंगित करती है कि इस प्रकार की शासन प्रणाली में जनहित सर्वोपरि रहेगा। नीति निर्माता जनता के हितार्थ योजनाएँ बनाएँगे और उनका क्रियान्वयन करेंगे। राज्य के सभी संसाधन जनता के लिए रहेंगे किन्तु भारतीय संदर्भों में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर बहस […] Read more » raised prices of petrol पेट्रोल के दामों पर केंद्र