पर्यावरण क्या वाकई बाढ़, एक आपदा है ? October 13, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment 13 अक्तूबर: अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण दिवस जवाब आया कि बाढ़, प्राकृतिक होती है और कृत्रिम कारणों से भी, किंतु यह सदैव आपदा ही हो, यह कहना ठीक नहीं। आपदा के आने का पता नहीं होता; कई नदियों में तो हर वर्ष बाढ; आती है। पता होता है कि एक महीने के आगे-पीछे बाढ़ आयेगी […] Read more » Featured अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण दिवस एक आपदा है ? क्या वाकई बाढ़
जन-जागरण पर्यावरण विविधा जैविक कृषि एवं पंचतत्व October 13, 2015 by विजय कुमार | Leave a Comment विद्वानों का मानना है कि सम्पूर्ण सृष्टि पंचतत्वों से बनी है। पंचतत्व यानि धरती, जल, अग्नि, वायु और आकाश। मानव हो या पशु-पक्षी या फिर पेड़-पौधे, सबमें इन पंचतत्वों का वास है। किसी में कोई एक तत्व प्रधान है, तो किसी में कोई दूसरा। जैसे मछली के लिए जल तत्व प्रधान है, तो पेड़-पौधों के […] Read more » Featured जैविक कृषि जैविक कृषि एवं पंचतत्व पंचतत्व
जन-जागरण टॉप स्टोरी पर्यावरण विविधा लाउडस्पीकर के शोर मे गुम होती साझी संकृति October 6, 2015 by शाहिद नकवी | Leave a Comment अदालतों के लगातार सख्त र्निदेश के बाद भी सरकारें लाउडस्पीकर के बेजा इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नही लगा पा रही हैं ।जबकि दिन –रात लगातार बजने वाले ये लाउस्पीकर बड़े पैमाने पर ध्वनि प्रदूषण तो फैला ही रहै हैं साथ मे देश की साझी संकृति ,सामाजिक तानेबाने और साम्प्रद्रायिक एकता को भी भारी नुकसान पहुंचा […] Read more » Featured लाउडस्पीकर के शोर मे गुम होती साझी संकृति
पर्यावरण विविधा हवा के इस जहर से कैसे बचें October 3, 2015 by पियूष द्विवेदी 'भारत' | Leave a Comment पीयूष द्विवेदी विगत दिनों एक तरफ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पर्यावरण संरक्षण के लिए मशहूर कैलिफोर्निया के गवर्नर के बीच भारत में वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से निपटने पर चर्चा हो रही थी, तो वहीँ दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली के छः से चौदह महीने तक के तीन दुधमुंहे बच्चे सर्वोच्च न्यायालय […] Read more » Featured हवा के इस जहर से कैसे बचें
पर्यावरण विविधा पर्यावरण को लेकर भारत की सराहनीय पहल October 3, 2015 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्बन उत्सर्जन को लेकर युरोपियन देशों को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर जिस तरह से फटकार लगाना शुरू किया है, उससे अब साफ झलकने लगा है कि दुनिया में भारत आज स्वस्थ वैश्विक पर्यावरण को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित है। भारत की ओर से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को 22 […] Read more » Featured पर्यावरण भारत की सराहनीय पहल
पर्यावरण विविधा घट रहे हैं पेड़ September 20, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः- वैश्विक वृक्ष गणना प्रमोद भार्गव वैश्विक-फलक पर सबसे अहम् गणना,जनगणना मानी जाती है। हालांकि पालतू-पशु,वन्य जीव और वृक्षों की गिनती भी होती रही हैं,लेकिन इन्हें जनगणना के मुकाबले अहमियत नहीं दी जाती। यही वजह रही कि विश्व स्तर पर वृक्षों की की गई गिनती के निष्कर्शों को समाचार माध्यमों ने उतना महत्व नहीं दिया,जितना […] Read more » Featured घट रहे हैं पेड़
पर्यावरण राजनीति व्यंग्य डिपेन्डेन्स वाया वल्र्ड वाटर लीग-2020 August 23, 2015 by अरुण तिवारी | 1 Comment on डिपेन्डेन्स वाया वल्र्ड वाटर लीग-2020 उल्लेखनीय है कि भारत के पानी के प्रति दुनिया के कर्जदाता देशों के नजरिये और नतीजे बता रहे हैं कि भारत का पानी उनके बिजनेस खेल का शिकार बन चुका है। इसे सहज ही समझाने की दृष्टि से सीधे संवाद शैली में लिखा एक व्यंग्य लेख डियर इंडि ! मैं, दुनिया के रेगुलेटर्स के प्रतिनिधि […] Read more »
पर्यावरण विविधा घटता जलस्तर August 10, 2015 / August 10, 2015 by धीरेन्द्र गर्ग | Leave a Comment कविवर रहीम के दोहे के इस अंश “बिनु पानी सब सून” से यदि हम दूसरा अर्थ समझने का प्रयास करें तो यही कि पानी के बगैर जीवन की कल्पना बस कल्पना मात्र ही है। ज़मीन के नीचे भागता पानी का स्तर पर्यावरणविदों के साथ समाज के सभी लोगों के लिए चिंता का सबब बना हुआ […] Read more »
पर्यावरण यहां प्राकृतिक आपदा ने निपटने की फिक्र किसे है ? July 3, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान भारत की राजनीति में गहमा गहमी मची हुई है. किसी को आने वाले मौसम की मार से निपटने की चिंता नहीं है. प्राकृतिक आपदाओं में हर वर्ष हजारों जानें चली जाती हैं लेकिन हमारे नेताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बाढ़, तूफ़ान, गर्मी, सुनामी, भूकंप, फ्लू, डेंगू और बुखार से हर वर्ष […] Read more » natural disaster प्राकृतिक आपदा प्राकृतिक आपदा ने निपटने की फिक्र
जन-जागरण पर्यावरण तकनीक खींचती मानव के महाविनाश की लकीर July 2, 2015 / July 2, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अब तक जीव-जंतुओं और कीट पतंगों की प्रजातियों के लुफ्त होने के अनुमान ही देश-विदेश में किए जाने वाले सर्वेक्षणों के निष्कर्ष लगाते रहे हैं,लेकिन ‘सांइस एडवांस‘ नामक जर्नल ने हाल ही में होश उड़ाने वाला अध्ययन छापा है। इसके मुताबिक परिस्थितिकी तंत्र इस हद तक बिगड़ता जा रहा है कि अब मानव […] Read more » तकनीक महाविनाश की लकीर
पर्यावरण विविधा मानसून की अस्थिरता के कारण सूखे की आशंका June 29, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” प्राकृतिक अर्थात मौसमीय मार सिर्फ किसानों को नहीं वरन समस्त देश अथवा संसार को रूलाने की क्षमता रखती है और समय-समय पर इसने सबों को रूलाया भी है ।यह एक सर्वविदित तथ्य है कि कभी सूखा, कभी बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदायें न केवल फसलों को क्षति पहुँचाते है, बल्कि गाँव के […] Read more » मानसून मानसून की अस्थिरता सूखे की आशंका
पर्यावरण विविधा मध्यप्रदेश का जलसंकट June 24, 2015 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को झीलों का शहर भी कहा जाता है, वर्षों से यहाँ के तालाब नगरवासियों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत रहे हैं लेकिन पिछले करीब एक दशक से देश के अन्य शहरों की तरह भोपाल भी गंभीर जल संकट से जूझ रहा है, तेजी से गिरते भूजल स्तर […] Read more » drinking water scarcity in MP Featured जलसंकट मध्यप्रदेश