आलोचना कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के नाम एक पत्र December 2, 2011 / December 2, 2011 by संजय द्विवेदी | 6 Comments on कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के नाम एक पत्र भोपाल, 1 दिसंबर, 2011। युवा पत्रकार एवं लेखक संजय द्विवेदी ने खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के सवाल पर कांग्रेस महासचिव श्री राहुल गांधी के नाम एक पत्र भेज कर इस अन्याय को रोकने की मांग की है। संजय ने अपने पत्र के महात्मा गांधी लिखित ‘हिंद स्वराज्य’ की प्रति भी श्री गांधी को भेजी […] Read more » Congress Youth Leader Rahul Gandhi कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के नाम एक पत्र राहुल गांधी
आलोचना भारत शायद विश्व का सबसे विचित्र देश ! November 28, 2011 / November 29, 2011 by सुमंत विद्वांस | 1 Comment on भारत शायद विश्व का सबसे विचित्र देश ! सुमंत विद्वांस खबर है कि ड्रग्स बेचने के आरोप में कल इरान में 11 लोगों को फांसी दे दी गई.वहीं दूसरी ओरआज से ठीक तीन वर्षों पूर्व 26 नवंबर 2011 को मुंबई हमले में मारे गए सैकड़ों निरपराध नागरिकों का हत्यारा भारत में आज भी न सिर्फ जीवित है, बल्कि देश के लाखों करदाताओं की […] Read more » भारत शायद विश्व का सबसे विचित्र देश
आलोचना राहुल बाबा आगे बढ़ो, यूपी में छुट्टा वोट नहीं है! November 26, 2011 / November 27, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 3 Comments on राहुल बाबा आगे बढ़ो, यूपी में छुट्टा वोट नहीं है! इक़बाल हिंदुस्तानी 0यूपी वालों को भिखारी बताने वाले खुद वोट की भीख मांग रहे हैं ! कांग्रेस के तथाकथित युवराज को पता नहीं किस बात पर इतना गुस्सा आ रहा है कि वे बार बार आपा खोकर उन्हीं यूपी वालों को भिखारी बता रहे हैं जिनसे अगले साल ही उनको दामन फैलाकर वोटों की खुद […] Read more » यूपी में छुट्टा वोट नहीं है राहुल बाबा
आलोचना पुलिस अधिकारियों के लिए आदर्श आचार संहिता November 25, 2011 / November 27, 2011 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | Leave a Comment श्री पी चिदंबरम , माननीय गृह मंत्री , भारत सरकार , नई दिल्ली मान्यवर, पुलिस अधिकारियों के लिए आदर्श आचार संहिता भारत में पुलिस दुराचरण के मामले प्रायः अखबारों की सुर्ख़ियों में बने रहते हैं| फर्जी मुठभेड़ के बहुत से मामले प्रकाश में आने के बाद भी अभी तक विधि आयोग एवं राष्ट्रीय […] Read more » पुलिस अधिकारियों के लिए आदर्श आचार संहिता
आलोचना आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर मिले आरक्षण November 16, 2011 / November 28, 2011 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र अभी कुछ दिनों पूर्व योजना आयोग की रिर्पोट ने हंगामा खडा कर दिया है। लोग सोचने पर विवश हैं क्या …„ रूपए पर्याप्त हैं,व्यकित की रोजमर्रा के खानपान और जरूरतों के लिए । इस अल्प राशि में क्या खाएं क्या न खाएं,सोचकर लोगों का दिमाग भन्ना गया है। पत्रकारों और अन्य विशेषज्ञों […] Read more » Reservation
आलोचना सरकार के निशाने पर एक बार फ़िर गरीब November 15, 2011 / November 28, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on सरकार के निशाने पर एक बार फ़िर गरीब आलोक कुमार’ बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के निर्भर पर रहने वाले गरीब आवासीय भूमिहीन सावधान हो जाएं। अब सरकार आपको सिर्फ 250 वर्गफ़ीट से लेकर 625 वर्ग फ़ीट जमीन ही देगी। उसी में आपको घर बनाकर रहना हैं। क्या आप 250 वर्गफ़ीट से लेकर 625 वर्ग फ़ीट जमीन में बने घर में रह […] Read more » downtrodden in therow सरकार के निशाने पर एक बार फ़िर गरीब
आलोचना प्रवक्ता न्यूज़ सिंघ साहेब का ‘शांति पुरुष’ November 12, 2011 / December 3, 2011 by एल. आर गान्धी | 7 Comments on सिंघ साहेब का ‘शांति पुरुष’ एल. आर. गांधी इस माह २६ नवम्बर को तीन वर्ष हो जाएंगे ..ग्लानी जी के ‘शांतिदूत’ की मेहमान नवाजी को . इसे हम अतिथि देवोभव की प्राचीन राष्ट्रिय संस्कृति कहें या फिर हमारे सेकुलर शैतानो का आस्तीन में सांप पालने का गाँधी वादी व्यसन. हमारे ‘ईमानदार’, गाँधीवादी, अर्थशास्त्री,प्रधान मंत्री जी ने पाकिस्तान के वजीरे-आला युसूफ […] Read more » Manmohan Singh युसूफ रज़ा गिलानी
आलोचना जिन्हें नाज़ था हिंद (दी) पे वो कहाँ हैं? November 8, 2011 / December 5, 2011 by जगमोहन फुटेला | 2 Comments on जिन्हें नाज़ था हिंद (दी) पे वो कहाँ हैं? जगमोहन फुटेला हिंदी का सबसे ज्यादा नुक्सान हिंदी ‘जानने’ वालों ने ही किया है. खासकर उन ‘जानकारों’ ने जिन्हें ये करने के लिए चैनलों का आश्रय प्राप्त है. देखते देखते हिंदी हिंगलिश हुई और अब वो वह भी नहीं रह गई है. एक समय था जब बोलियों में इस्तेमाल होती थी. अब वो बोलियों में […] Read more » proud of hindi हिंदी पे नाज़
आलोचना फजीहत का फाईनल अभी बाकी है November 3, 2011 / December 5, 2011 by जगमोहन फुटेला | Leave a Comment जगमोहन फुटेला कांग्रेस और हरियाणा के मुख्यमंत्री दोनों ने वक्ती तौर पर अपने बचाव का इंतजाम कर लिया है. हुड्डा खुद तो क्यों ही जाएंगे. कांग्रेस भी उन्हें नहीं हटाएगी. क्योंकि फजीहत का फाईनल अभी बाकी है. प्रदेश अध्यक्ष फूल चंद मुलाना ने हिसार की नैतिक जिम्मेवारी कबूल ली है. इस्तीफे की पेशकश भी […] Read more » फजीहत का फाईनल अभी बाकी है
आलोचना पीएम सोचो!परमाणु रिएक्टर का इतना विरोध क्यों ? November 3, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी अमेरिका को खुश करने के लिये भारतीयों की चिंता नहीं! अमेरिका के साथ हमारी सरकार द्वारा किये गये परमाणु क़रार का विवाद ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है लेकिन हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस विरोध की कोई खास परवाह नहीं है। इस क़रार को लेकर महाराष्ट्र के जैतापुर में लगने […] Read more » nuclear reactor परमाणु रिएक्टर
आलोचना पुलिस दमन पर सभी दलों की सरकारें एक सी क्यों हो जाती हैं ? November 3, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी हमारी पुलिस वही करती है जो हमारे राजनेता चाहते हैं। पुलिस सुधार के लिये कई आयोग बने उनकी रिपोर्ट भी आईं लेकिन आज वे कहां धूल चाट रही हैं किसी को नहीं पता। जब भी कोई पार्टी विपक्ष में होती है वह हमेशा इस बात की शिकायत करती है कि पुलिस सत्ताधारी दल […] Read more » Police torchor पुलिस दमन
आलोचना तथाकथित उर्दू वालो से उर्दू को खतरा November 2, 2011 / December 5, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on तथाकथित उर्दू वालो से उर्दू को खतरा शादाब जफर ‘‘शादाब’’ आज शायरो और मुशायरा कन्वीनरो ने मुशायरो का रूख जिस तरफ मोड़ दिया है उसे उर्दू अदब, अदीब और मुस्लिम मुशायरे के हक में नही कहा जा सकता। आज मुशायरो में जिस तरह की शायरी कुछ तथाकर्थित शायरो के जरिये सुनने और देखने को मिल रही है उसे कही से कही तक […] Read more » urdu