कविता है ! मानुष मन में जरा धीरज धरे। May 17, 2020 / May 17, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment है ! मानुष मन में जरा धीरज धरे।ये कोरोना आया है,एक दिन जरूर टरे।।जो आवत है वो जावत है,ये प्रकृति नियम न टरे।जो जन्मा है उसे मरना है इसमें संशय जरा न करे ।।ये माया तो आवत जावत है काहे इसके फेर में परे।जब तक है कोरोना तब तक घर पर ही रहे।।पूरब पश्चिम उत्तर […] Read more » मानुष मन में जरा धीरज धरे
कविता माँ तेरी स्वच्छंद गोद में, स्वर्ग सुख पाया है। May 17, 2020 / May 17, 2020 by डॉ. मधुसूदन | Leave a Comment माँ तेरी स्वच्छंद गोद में जो स्वर्ग सुख पाया है।कृपा वितान तले तेरे, हो निश्चिन्त गान गाया है ।उसका कोई मोल करे क्या? करे तो, किस विधि करे?(२) जब रोया तब दौडी आई, चूम चूम खुशी बरसाई|पल में पीडा कहाँ गई ? हँसी कहाँ से लौट आई ?उसका भी कोई मोल करे क्या? करे तो […] Read more » माँ तेरी स्वच्छंद गोद में स्वर्ग सुख पाया है।
कविता इंसान की असलियत May 17, 2020 / May 17, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment लगा रहे हैं छप्पन भोग भगवान को।खिला न रहा है कोई भूखे इंसान को ।। रेशमी वस्त्र पहनाए जाते है पाषाण को।कौन पहनाता है वस्त्र नंगे इंसान को।। बिलख रहे हैं भूखे बच्चे दूध की एक बूंद को।दूध पिलाया जाता है पत्थर के पाषाण को।। आज बोलबाला है,एक झूठे इंसान का।कोई न पूछता है अब […] Read more » इंसान की असलियत
कविता क्या ये महान दृश्य है ? May 16, 2020 / May 16, 2020 by डॉ देशबंधु त्यागी | Leave a Comment डॉ देशबंधु त्यागी कैसी तेरी हैं रहमतें ?उनके दर्द ही बढ़ते रहे।जिस द्वार पर भी वो गए,उन पर डण्ड बरसते रहे।तेरी रेल भी चलती रही,वो पटरियों पर कट मरे।तेरा रिजक ही बँटता रहा,तो भूख क्यों बढ़ती रही ?तेरा इलाज भी अजीब है ,दवा नही दारू बेचने लगे।मेरे दर्द से निकली थी आह ,तु तप त्याग […] Read more » क्या ये महान दृश्य है ?
कविता मोदी जी का संदेश May 15, 2020 / May 15, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment हम बचना भी है और बचाना है।भारत को काफी आगे बढ़ाना है।।बदलना है आपदा को अवसर में।हर हाथ को काम इस अवसर में । लोकल को ग्लोबल में बदलना है।अपने आयतों को कम करना है।।लोकल को वोकल में बदलना है।अपने प्रोडक्ट का प्रयोग करना है।। लॉकडाउन को जीवन अंग बनाना है। कोरोणा को अब सबने […] Read more » modi ji on corona मोदी जी का संदेश
कविता ये मौसम भी बेईमान है May 11, 2020 / May 11, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment ये हवाएं भी बदचलन हैं ,पहले जैसी चलती नहीं।ये भी रुख बदल देती हैं,हमारी बाते कहती नहीं।। चलो इन हवाओं का रुख मोड़ दे,और प्यार भरी बाते हम करेकब ये रूख बदल दे अपना,हमे पता लगने देती नहीं।। बेबस हो जाती है धड़कने,जब ख्याल मेंआ जाते हो ।कहने को तो बहुत कहना है,पर कुछ तुमसे […] Read more » This weather is also dishonest ये मौसम भी बेईमान है
कविता उर की उड़ान औ उफान! May 10, 2020 / May 10, 2020 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment उर की उड़ान औ उफान, फुर लिया करो; आयाम सृष्टि झाँके सुर को, सुध लिया करो! हर कोश कोशिका के कोष, किलकिला रहे; नव चक्र चिन्मयी को तके, झिलमिला रहे! तर पंचभूत जीव कोटि, ज्वार ले रहे; बुद्धि के बोध स्वयंभू के, चरण छू रहे! स्थूल भाव अनमने से, अचेतन रहे; त्वर त्राण प्राण उनमें […] Read more »
कविता मेरी बहना। May 10, 2020 / May 10, 2020 by अजय एहसास | Leave a Comment कभी वो दोस्त जैसी है, वो दादी मां भी बनती हैबचाने की मुझे खातिर, वो डांटे मां की सुनती हैअभी सर्दी नहीं आया, वो रखती ख्याल है मेरावो मेरी बहना है मेरे लिए स्वेटर जो बुनती है। कभी लड़ती झगड़ती प्यार भी करती वो कितनी हैजो रखती हाथ सिर पे मां के आशीर्वाद जितनी हैवो […] Read more » मेरी बहना
कविता मेरा वतन है भारत May 8, 2020 / May 8, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment आबोहवा में जिसके जीवन हमारा गुजरा ।बाजुओं को जिसकी हमने बनाया झूला ।।गोदी में लोट जिसकी हमने पिया है अमृत ।वह देश हमको प्यारा बतलाया नाम भारत ।।मेरा वतन है भारतमेरा वतन है भारत — – – बलिदान देना जिसको हमने है समझा गौरव ।जिसके हितार्थ हमने जीवन किया समर्पण ।।सर ऊंचा करके जिसकी गायी […] Read more »
कविता सड़कें यूं उदास तो न थी ….!! May 8, 2020 / May 8, 2020 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा अपनों से मिलने की ऐसी तड़प , विकट प्यास तो न थीशहर की सड़कें पहले कभी यूं उदास तो न थीपीपल की छांव तो हैं अब भी मगरबरगद की जटाएंं यूं निराश तो न थीगलियों में होती थी समस्याओं की शिकायतमनहूसियत की महफिल यूं बिंदास तो न थीमुलाकातों में सुनते थे ताने […] Read more » roads in corona lockdown सड़कें यूं उदास तो न थी
कविता हे प्रभु! बद्री विशाल May 8, 2020 / May 8, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment हे प्रभु! बद्री विशाल,तुम हो सबसे विशाल।कोरोना वायरस का प्रभुअंत करो तुम तत्काल।। हे प्रभु ! कृपा करो हम पर,कॉरोना से हमें मुक्त कराओ।तुम बिन कोई नहीं हितकारी,इस राक्षस से मुक्त कराओ।। सारा जग कॉरोना से हारा,प्रभु ! बस अब तेरा सहारा।जब मिलता नहीं कोई सहारा,तब मिलता है प्रभु का सहारा।। फैल रहा है कॉरोना […] Read more » हे प्रभु! बद्री विशाल
कविता बुद्ध पूर्णिमा May 7, 2020 / May 7, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आओ सब बुद्ध पूर्णिमा मनाये।उनके पद चिन्हों पर चलते जाएं।।करे न किसी के साथ अत्याचार ।ऐसा हम अपना जीवन बनाए। करे पालन उनकी शिक्षाओं का,बने भिक्षक उनकी आशाओं का।करे सभी के साथ उचित व्यवहार,तभी पालन होगा उनकी शिक्षाओं का।। विश्व जो corona से जझ रहा हैहर कोई इसका उपाय बूझ रहा हैंमिल जाए इससे जल्द […] Read more » बुद्ध पूर्णिमा