लेख शख्सियत हिंदी साहित्य में नारी चेतना महादेवी वर्मा September 11, 2017 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 11 सितम्बर पुण्य तिथि पर विशेषः- मृत्युंजय दीक्षित हिंदी साहितय जगत की महान लेखिका महादेवी वर्मा का साहित्य जगत में उसी प्रकार से नाम है जैसे कि मुंशी प्रेमचंद व अन्य साहित्यकारों का। महादेवी वर्मा ने केवल साहित्य ही नहीं अपितु काव्य समालोचना संस्मरण संपादन तथा निबंध लेखन के क्षेत्र मं प्रचुरकार्य कया है अपित […] Read more » death anniversary of Mahadevi verma Featured Mahadevi verma महादेवी वर्मा
लेख साहित्य पित्तरों अर्थात पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा का प्रतीक श्राद्ध September 10, 2017 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment -अशोक “प्रवृद्ध” भारतीय परम्परा में प्रत्येक शुभ कार्य के प्रारम्भ करने के पूर्व परमात्मा, माता-पिता, पूर्वजों को नमस्कार अथवा प्रणाम करने की परिपाटी है। यह एक प्रकार से जगतपालक ईश्वर व अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा , कृतज्ञता प्रकट करना है कि ईश्वर की असीम अनुकम्पा से हम अपने इन्हीं पूर्वजों की वंश परम्परा के […] Read more » Featured पित्तरों पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा श्रद्धा का प्रतीक श्राद्ध श्राद्ध
लेख साहित्य कोई पूछे तो सही, अशोक अब तक वाजपेयी क्यों हैं September 6, 2017 / September 6, 2017 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment रामकुमार वर्मा ने अपने महाकाव्य ”एकलव्य” में लिखा है, ”तुम नहीं वत्स, यह समय ही शूद्र है”। हमेशा से ही ”शूद्र” शब्द को दलितों का प्रतीक माना जाता रहा जबकि ”शूद्र” कोई जाति नहीं एक उपमा है जो निम्नतर होते विचारों, मूल्यों, भावनाओं, विवेक और संकल्पों को हमारे सामने ठीक उसी तरह लाती है जिस […] Read more » Featured Jawad Habib जावेद हबीब सलून में हिन्दू देवी देवताओं को मैनीक्योर-पैडीक्योर
कला-संस्कृति लेख साहित्य परसाई के बहाने August 22, 2017 by आरिफा एविस | Leave a Comment आरिफा एविस हिंदी साहित्य के मशहूर व्यंग्यकार और लेखक हरिशंकर परसाई से आज कौन परिचित नहीं है और जो परिचित नहीं है उन्हें परिचित होने की जरूरत है. मध्य प्रदेश के होशंगाबाद के जमानी गाँव में 22 अगस्त 1924 में पैदा हुए परसाई ने लोगों के दिलों पर जो अपनी अमिट छाप छोड़ी है. उसका […] Read more » Featured poet Hari Shankar Parsai मशहूर व्यंग्यकार और लेखक हरिशंकर परसाई हरिशंकर परसाई
लेख साहित्य साहब हमें बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए। August 21, 2017 / August 21, 2017 by रवि श्रीवास्तव | 1 Comment on साहब हमें बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए। साहब हमें बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए। हम गरीबों के लिए यही ट्रेन सही से चलवा दीजिए साहब। हमारे लिए यही एक सहारा है। वैसे भी हम गरीब लोगों के पास इतना पैसा नहीं है कि बुलेट ट्रेन में बैठ सकें। साहब यही ट्रेन हमारे लिए उचित है। बस सुरक्षा व्यवस्था सही करा दीजिए। आज कल […] Read more » Bullet train sahab we dont want bullet train train accident train accidents in India बुलेट ट्रेन
आर्थिकी लेख साहित्य पंजाब सरकार के गले की फांस बनी कृषि ऋण माफ़ी योजना August 18, 2017 by जगमोहन ठाकन | Leave a Comment पंजाब विधान सभा चुनावों में सभी पार्टियों ने अपने अपने लुभावने वायदे जनता के बीच परोसे थे ,परन्तु कामयाबी कांग्रेस को ही मिली, चाहे इसके लिए उसे कोई भी घोषणा क्यों ना करनी पड़ी हो . उसने किसानों की कर्जा माफ़ी की घोषणा करी , तो युवाओं के लिए फ्री स्मार्ट फ़ोन देने का वायदा […] Read more » agriculture loan waiver Featured Punjab कृषि ऋण माफ़ी योजना
लेख साहित्य मानव शरीर की सार्थकता August 17, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी एक जीव के लिये मनुष्य शरीर एक अलभ्य अवसर होता है! इस का सदुपयोग करने से वह जीवन लक्ष्य को प्राप्त करता हुआ परम शान्ति का अधिकारी बन सकता है, किन्तु यदि वह इस अवसर को व्यर्थ गँवाता है अथवा दुरुपयोग करता है तो फिर नरक की यातनायें मिलती हैं और चौरासी […] Read more » the importance of human body मानव शरीर
लेख साहित्य देशभक्ति और कृष्णभक्ति के पर्व हैं स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी August 14, 2017 / August 18, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment (71वें स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष आलेख) इस साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दोनों साथ-साथ पडे हैं, दोनों पर्वों का अपना-अपना महत्व है। एक पर्व स्वतंत्रता दिवस है जो कि हमारा राष्ट्रीय पर्व है, इसी दिन हमारा हिन्दुस्तान आज से 70 साल पहले 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से […] Read more » कृष्णभक्ति जन्माष्टमी देशभक्ति स्वतंत्रता दिवस
लेख साहित्य ग्रामीण पत्रकारिता में जनक एक स्वतंत्रता सेनानी पं.गोपालकृष्ण पुराणिक August 9, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव मैं जब पोहरी के आदर्श विद्यालय में कक्षा पांच से नवीं तक पढ़ा, तब पत्रकारिता में मेरा ज्ञान शून्य था। जबकि मैं उस महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और ग्रामीण पत्रकारिता के प्रमुख जनकों में एक पं गोपालकृष्ण पुराणिक द्वारा स्थापित विघालय में पढ़ता था। यह कालखंड 1964 से 1969 के बीच का रहा […] Read more » Featured पं.गोपालकृष्ण पुराणिक स्वतंत्रता सेनानी स्वतंत्रता सेनानी पं.गोपालकृष्ण पुराणिक
लेख कर्मण्येवाधिकारस्ते August 6, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment आचार्य राधेश्याम द्विवेदी कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि ॥ श्रीमद् भगवत गीता के अध्याय दो के 47वें श्लोक का अर्थ होता है कि कर्तव्य कर्म करने में ही तेरा अधिकार है फलों में कभी नहीं. अतः तू कर्मफल का हेतु भी मत बन और तेरी अकर्मण्यता में भी आसक्ति न हो. इस […] Read more » कर्मण्येवाधिकारस्ते
लेख साहित्य पुस्तकालय व्यवसाय नहीं सेवा है August 3, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी एक व्यवसाय के रुप में पुस्तकालयाध्यक्षता (लाइब्रेरियनशिप) रोजगार के विविध अवसर प्रदान करती है। पुस्तकालय तथा सूचना.विज्ञान में आज करियर की अनेक संभावनाएं हैं। अर्हताप्राप्त लोगों को विभिन्न पुस्तकालयों तथा सूचना केन्द्रों में रोजगार दिया जाता है। प्रशिक्षित पुस्तकालय व्यक्ति अध्यापक तथा लाइब्रेरियन दोनों रूप में रोजगार के अवसर तलाश कर सकते […] Read more » पुस्तकालय
लेख साहित्य समकालीन साहित्य July 25, 2017 by बीनू भटनागर | Leave a Comment साहित्यकारों के कुछ प्रिय विषय हैं,जिन्हे बार बार लिखकर उन्हे सार्वभौमिक सत्य की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है।सार्वभौमिक सत्य वह होते हैं जो हर काल में, हर स्थान पर खरे उतर सकते हों ।एक ही बात को बार बार कहा जाय तो वह सार्वभौमक सत्य लग सकती है, हो नहीं सकती ।कुछ विषय ऐसे हैं जिन पर जिन पर लिख […] Read more » समकालीन साहित्य