लेख कारोबार के लिए भगवान कृष्ण का मजाक बनाता मिंत्रा विज्ञापन September 28, 2021 / September 28, 2021 by विवेक कुमार पाठक | 1 Comment on कारोबार के लिए भगवान कृष्ण का मजाक बनाता मिंत्रा विज्ञापन जिन योगेश्वर कृष्ण को हम हिन्दु अपना पालक उपदेशक और परम गुरु मानते हैं। जो गीता का उपदेश देकर समस्त मानव जगत में श्रद्धाभाव से पूजे जाते हैं। जिन्हें इस्कॉन के मंच से पश्चिमी समाज हरे कृष्णा हरे रामा का महामंत्र गाकर बारंबार आनंदपूर्वक याद करता है उन्हें मिंत्रा नाम की कपड़ों की ऑनलाइन कंपनी […] Read more » boycott myntra Myntra ad makes fun of Lord Krishna for business भगवान कृष्ण का मजाक बनाता मिंत्रा
कविता धर्म से ही मनुष्य की सोच बनती September 28, 2021 / September 28, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक जब अपने धर्म को अपनाओगे, तब जीवन को सफल बनाओगे! जब विदेशी धर्म स्वीकार करोगे, तब जीवन को नरक बना लोगे! तुलनात्मक अध्ययन करके देखो तब ही तथ्य को समझ पाओगे! कुछ ईरानी पारसी धर्मी रह गए, बाकी फारसी मुसलमान हो गए! पारसी भारत में आकर बस गए, फारसी इस्लामी ईरान में […] Read more » धर्म से ही मनुष्य की सोच बनती
कविता मेरे जाने से पहले।। September 28, 2021 / September 28, 2021 by अजय एहसास | Leave a Comment थाम लो हाथ यार, मेरे जाने से पहले ।बोलो करते हो प्यार, मेरे जाने से पहले।। प्यार करते हो हमसे फिर भी क्यों छुपाते होनजर मिला के नजर हमसे क्यों चुराते होकर लो दीदार यार, मेरे जाने से पहलेबोलो करते हो प्यार मेरे जाने से पहले ।। चला गया तो फिर ना लौट के मैं […] Read more » मेरे जाने से पहले।।
लेख शख्सियत शासकीय तंत्र में मानवीय मंत्र की स्थापना का सिद्धांत – एकात्म मानववाद September 24, 2021 / September 24, 2021 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment महान दार्शनिक प्लेटो के शिष्य व सिकंदर के गुरु अरस्तु ने कहा था – “विषमता का सबसे बुरा रूप है विषम चीजों को एक समान बनाने का प्रयत्न करना।” The worst form of inequality is to try to make unequal things equal. एकात्म मानववाद, विषमता को इससे बहुत आगे के स्तर पर जाकर हमें समझाता […] Read more » Integral Humanism Principle of establishment of human mantra in government system Principle of establishment of human mantra in government system - Integral Humanism एकात्म मानववाद पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय
लेख सार्थक पहल उम्मीद है यह पहला कदम होगा आखरी नहीं September 24, 2021 / September 24, 2021 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment 2021 में भारत को स्वराज प्राप्त हुए 74 वर्ष पूर्ण हुए और हम स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसर पर देश स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राजकीय विश्वविद्यालय की आधारशिला रखते हैं। भारत जैसे देश […] Read more » Raja Mahendra Pratap Singh Government University राजा महेंद्र प्रताप सिंह राजकीय विश्वविद्यालय
कविता बड़े ही अच्छे होते हैं हुनर वाले लोग September 24, 2021 / September 24, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकबड़े ही अच्छे होते हैं हुनर वाले लोग,बड़े ही सच्चे होते हैं हुनर वाले लोग! हुनरमंद अपने हुनर के दम पर जीते,हुनर वाले अपने हुनर पे कुर्बान होते! हुनर बाज झूठे व दगाबाज नहीं होते,हुनर बाज मानवता की आवाज होते! हुनर वाले हुनर के लिए समर्पित होते,वे अपने हुनर स्वदेश को अर्पित करते! […] Read more » very good people with skills बड़े ही अच्छे होते हैं हुनर वाले लोग
राजनीति व्यंग्य सवा अरब यह पूछ रहा है September 23, 2021 / September 23, 2021 by मनोहर पुरी | Leave a Comment व्यंग्य— मनोहर पुरी —कनछेदी, घर से भागी युवा कन्या के पिता की भांति, बहुत परेशान इधर उधर टहल रहा था। पतिव्रता पत्नी से भी नहीं बहल रहा था। कभी अपने हाथ मलने लगता और कभी बाल नोंचने लगता। उसकी हालत उस जेलर जैसी थी जिसे जेल तोड़ कर कैदियों के भागने का समाचार अभी अभी […] Read more » सवा अरब यह पूछ रहा है
कविता शकुनि मामा पाशा फेंको ना September 23, 2021 / September 23, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकशकुनि मामा पाशा फेंको ना,अपने गांधार जाकर देखो ना,गांधार में आज भी कुटिलताजस की तस पैरों को फैलाई! तुम्हारी एक बहन गांधारी नेदोनों आंख में पट्टी बांधी थी,आज तुम्हारी सारी बहू-बेटियांफिर से आंखों में पट्टी बंधाई! शकुनि मामा पाशा फेंको ना,अपने गांधार जाकर देखो ना,तुम्हारे पाशों की मनहूसियतआज भी गांधार में वैसे छाई! […] Read more » Shakuni Mama Pasha Throw Na शकुनि मामा पाशा फेंको ना
लेख सार्थक पहल पर्यटन विकास के क्षेत्र में मंदार से जुड़ा एक और अध्याय September 23, 2021 / September 23, 2021 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment पर्यटक ऊंचाई से मंदार की वादियों का मजा ले सकेंगे।काफी लंबे अरसे से इसकी घोषणा होती रही।अब चिरलंवित सपना साकार हो रहा है।मंदार में रज्जू मार्ग का सपना बांका के पूर्व सांसद पूर्व रेल राज्य मंत्री स्वर्गीय दिग्विजय सिंह ने देखा था। जिसके लिए उन्होंने अपने स्तर से काफी प्रयास भी किया था। यही वजह […] Read more » Another chapter related to Mandar in the field of tourism development पर्यटन विकास के क्षेत्र में मंदार
कविता व्यंग्य राहुल की रामलीला September 23, 2021 / September 23, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment राहुल धरे है राम का रूप,कौशल्या किसे बनायेगे ?सोनिया जी तो घर में,कौशल्या उन्हें ही बनायेगे। लक्ष्मण जी किसकी नाक काटेगे सूपनखा किसे बनायेगे ?कांग्रेस की नाक कटेगी,या राहुल अपनी नाक कटवायेंगे। राहुल जी तो अभी तक कुवाँरे है,सीता बिन कैसे बन जायेगे ?गठबंधन में काफी सीता है,किसी एक को ब्याह कर ले जायेगे। कैकयी […] Read more » Rahul's Ramleela राहुल की रामलीला
लेख पंडित उपाध्याय विचार ही नहीं, व्यक्ति-क्रांति के प्रेरक September 23, 2021 / September 23, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म जयन्ती- 25 सितम्बर, 2021-ललित गर्ग- एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय बीसवीं सदी के वैचारिक युगपुरुष थे, वे अजातशत्रु थे। उन्होंने भारत के जन-मन-गण को गहराई में आत्मसात करते हुए न केवल वैचारिक क्रांति की बल्कि व्यक्ति-क्रांति के भी प्रेरक बने। उनके दर्शन में आज भारत की संस्कृति और […] Read more » Pt. Deendayal Upadhyay the pioneer of Integral Human Philosophy एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म जयन्ती- 25 सितम्बर
लेख भागलपुर ने दी राष्टकवि दिनकर को ख्याति September 22, 2021 / September 22, 2021 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment (जन्मदिन 23 सितम्बर पर विशेष)कुमार कृष्णनभागलपुर से ही राष्टकवि रामधारी सिंह दिनकर को ख्याति मिली।इसे उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है।उनके मुताबिक-” 1933 में सुप्रसिद्ध इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल नें भागलपुर में बिहार प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन का सभापतित्व किया था।इसके आयोजक थे पं शिवदुलारे मिश्रअपनी कविता ‘हिमालय’ ‘के प्रति’ उपकार मानता हूं। जनता में मेरा […] Read more » राष्टकवि दिनकर राष्टकवि रामधारी सिंह दिनकर जन्मदिन 23 सितम्बर