कविता कृष्ण के जीवन में ना कोई राधा थी June 21, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायककृष्ण के जीवन में ना कोई राधा थी,औ न सोलह हजार एक सौ रानी थी!हां ये सही है कि कृष्ण राम के जैसे,एकपत्नीव्रती नहीं,अष्टरानी युक्त थे! सोलह हजार एक सौ नारियां कैद थी,असम राजा नरकासुर के रनिवास में!जिन्हें श्री कृष्ण ने मुक्ति दिलाई थी,उनके आग्रह से दिया रानी का दर्जा! कृष्ण का अवतार […] Read more » There was no Radha in Krishna's life कृष्ण के जीवन में ना कोई राधा थी
लेख योग एवं आयुर्वेद वैकल्पिक ही नहीं, मुख्य चिकित्सा-पद्धत्ति बनने की दिशा में अग्रसर June 21, 2021 / June 25, 2021 by प्रणय कुमार | Leave a Comment शब्द-संख्या:- 997 निःसंदेह योग एवं आयुर्वेद को देश-दुनिया तक पहुँचाने में स्वामी रामदेव का योगदान अतुल्य एवं स्तुत्य है। उन्होंने योग और आयुर्वेद को गुफाओं-कंदराओं, शास्त्र-संस्थाओं से बाहर निकाल जन-जन तक पहुँचाने का अभूतपूर्व कार्य किया। इससे आम जन के धन और स्वास्थ्य की रक्षा हुई। उनके कार्यक्रमों को देख-सुन, उनके शिविरों में प्रशिक्षण पा […] Read more » Yoga and Ayurveda are not only optional योग एवं आयुर्वेद
कविता योग की जीवन में महत्ता June 21, 2021 / June 21, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment शरीर को अगर रोग मुक्त तुम्हे रखना है।योग को जीवन में सदा तुम्हे रखना है।। पहला सुख निरोगी हो काया,दूसरा सुख घर में हो माया।तीसरा सुख संत्वंती हो नारी,चौथा सुख पुत्र हो आज्ञाकारी।अगर इन सुखों को तुम्हे पाना है,योग को जीवन में तुम्हे अपनाना है।। योग की परम्परा है बहुत ही पुरानी,इसको अपनाने मे करो […] Read more »
लेख स्वास्थ्य-योग कोरोना में अपनाएं योग, परिवार बनाएं निरोग June 20, 2021 / June 20, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल भारत की समस्त सृष्टि और संस्कार में योग समाहित है। योग विकारों से मुक्ति का मार्ग है। योग हमारा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान है। योग की सार्थकता को दुनिया के कई धर्मों ने स्वीकार किया है। यह सिर्फ व्यायाम का नाम नहीं बल्कि मन, मस्तिष्क, शारीरिक और विकारों को नियंत्रित करने का […] Read more » adopt yoga in corona
लेख मां पंख देती हैं तो पिता उड़ना सिखाते हैं June 20, 2021 / June 20, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment अंतर्राष्ट्रीय पिता दिवस – 20 जून 2021 ललित गर्ग-अंतर्राष्ट्रीय पिता दिवस यानी फादर्स डे जून माह के तीसरे रविवार को मनाया जाता है, इस साल 20 जून 2021 को भारत समेत विश्वभर में मनाया जायेगा। पिताओं के सम्मान में व्यापक रूप से मनाया जाने वाला यह एक खास पर्व है, अवसर है क्योंकि पिता रिश्तों […] Read more » father teaches to fly international fathers day Mother gives wings अंतर्राष्ट्रीय पिता दिवस
लेख योग से आरोग्य और प्रतिभा का विकास दोनों ही संभव है June 20, 2021 / June 24, 2021 by इ. राजेश पाठक | Leave a Comment “ ऐलोपेथी से डायग्नोसिस; आयुर्वेद के अनुसार खान-पान; और फिर योग का अभ्यास”- एनडीटीवी पर अपने इंटरव्यू में बिहार स्कूल ऑफ़ योग, मुंगेर के श्री निरंजनानंद सरस्वती नें विभिन्न चिकित्सा-पद्धति में समन्वय स्थापित कर किस प्रकार योगिक जीवन शैली अपनाते हुए रोग-मुक्त सुखी जीवन प्राप्त किया जा सकता है इसका मन्त्र देते हुए उक्त बात कही. […] Read more » Yoga योग
लेख सदगुणों के विकास का वाहक है योग June 19, 2021 / June 20, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ. शंकर सुवन सिंह योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया हैं। योग शरीर, मन और आत्मा को एक सूत्र में बांधती है। योग जीवन जीने की कला है। योग दर्शन है। योग स्व के साथ अनुभूति है। योग से स्वाभिमान और स्वतंत्रता का बोध होता है। योग मनुष्य व प्रकृति के बीच सेतु का कार्य करती है। […] Read more » International Yoga Diwas Yoga is the carrier of development of virtues योग
लेख सोए हुए पौरुष और स्वाभिमान को जागृत-झंकृत करने वाली वीरांगना के नाम! June 18, 2021 / June 18, 2021 by प्रणय कुमार | Leave a Comment – बलिदान-दिवस विरला ही कोई ऐसा होगा जो महारानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य एवं पराक्रम को पढ़-सुन विस्मित-चमत्कृत न होता हो! वे वीरता एवं संघर्ष की प्रतिमूर्त्ति थीं। मात्र 23 वर्ष की अवस्था में अँग्रेजों से लड़ते हुए 18 जून, 1858 को वे वीरगति को प्राप्त हुईं। पर अपने जीवन का साहसपूर्ण बलिदान देकर उन्होंने […] Read more » महारानी लक्ष्मीबाई
कविता कल तक जो हिन्दू थे आज विधर्मी हो गए June 18, 2021 / June 18, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकपरिस्थितिजैसे बना देती है,वैसा ही, हो जाता है आदमी,कलतक जोहिन्दूधर्मीथे,आजविधर्मीहो गए आदमी! जिनके पूर्वजों ने ढेर दुख सहे,मूल धर्मकोत्यागनेके पहले,आतंकऔरअत्याचार भी सहे,परसबकैसे भूलगए आदमी? कितने लोग बलिदान हो गए,स्वधर्म व वंशको बचाने में,गर्दन कट गई, उफनहीं कहे,उनकेवंशज कैसेहुएआदमी? कल तकजोक्रूर आक्रांता था,वर्तमान मेंवही आदर्श हो गए,अपनीपूर्वजा माता, बहन, बेटी,कैसे भूल गए आज के […] Read more »
लेख महारानी लक्ष्मीबाई वीरगति दिवस June 18, 2021 / June 18, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment के साथ छोड़ गई थी अपनी अमिट छाप देश पर प्राण न्योछावर करने का जज्बा और प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ने का अद्भुत हौसला।अपनी वीरगति के साथ ही दे गई थी एक देदीप्यमान सबक ,देश, समाज और भारतीय जन के लिए और देश पर मर मिटने का सबक। कुछ लोग महारानी पर आरोप लगाते हैं कि […] Read more » Maharani Laxmibai Veergati Diwas महारानी लक्ष्मीबाई वीरगति दिवस
कविता बच्चों का पन्ना वीर बहादुर बनाना June 16, 2021 / June 16, 2021 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment साँझ समय उस दिन बाजार में,हुआ अचानक हमला |इस हमले को देख सहम गए ,राजू विमला कमला | मुँह ढांके काले कपड़े से ,दिखे कई आतंकी |दाग रहे थे तड़ -तड़ गोली ,ये पागल से सनकी | भगदड़ मची लोग थे घायल ,इधर -उधर को भागे |कुछ ने जान बचा ली अपनी ,कुछ मर गए […] Read more » वीर बहादुर बनाना
कविता मानव की मौलिक प्रवृत्ति है June 16, 2021 / June 16, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमानवकी मौलिक प्रवृत्ति हैअपनीगुनाहव सजा के लिएदूसरे को कसूरवारठहराना! जबकि हरेकशख्सपाता है, अपनी कृतगुनाह की सजा! मानव की मौलिकप्रवृत्ति है,गलत तरीके से प्राप्त लाभकोनिरंतर बरकरार रखना! औरगलत लाभपरअंकुशजोलगाएउसेगलत कहना! मानव कीमौलिक प्रवृत्ति हैप्रशंसा के नाकाबिल होनेपर भीअपनी प्रशंसा से खुश होना! यथा स्थिति जो बयान करे,उससेतुरंतही नाराज़ होना! मानव की मौलिक प्रवृत्ति हैजो […] Read more » मानव की मौलिक प्रवृत्ति है