लेख स्वामी दयानन्द सरस्वतीः राष्ट्रक्रांति के उन्नायक February 11, 2021 / February 11, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment स्वामी दयानन्द सरस्वती जन्म जयन्ती-12 फरवरी 2021 पर विशेष-ः ललित गर्ग:-महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोकहितकारी चिन्तन त्रैकालिक, सार्वभैमिक एवं सार्वदेशिक होता है और युग-युगों तक समाज का पथदर्शन करता है। स्वामी दयानंद सरस्वती हमारे समाज एवं राष्ट्र के ऐसे ही एक प्रकाश स्तंभ हैं, जिन्होंने न केवल धर्मक्रांति […] Read more » Swami Dayanand Saraswati: the master of national revolution स्वामी दयानन्द सरस्वती
आर्थिकी लेख राजकोषीय एवं मौद्रिक नीतियों में तालमेल से तेज़ होगी विकास की दर February 11, 2021 / February 11, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए संसद में दिनांक 1 फ़रवरी 2021 को प्रस्तुत किए गए बजट के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 5 फ़रवरी 2021 को मौद्रिक नीति की घोषणा की है। इस वर्ष राजकोषीय नीति को विस्तारवादी बनाया गया है ताकि आर्थिक विकास को गति दी जा सके। केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष […] Read more » The pace of development will be faster due to coordination between fiscal and monetary policies तेज़ होगी विकास की दर
कविता प्रिय की पाती February 11, 2021 / February 11, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment पाती जब आती है सुखद संदेशा लाती है !सांसो की बंद पड़ी धड़कन खिल जाती है ! ! छुई- मुई वनिता नचिकेता सी बन जाती है !जब सांसो के सरगम में घुलमिल जाती है ! ! संदेशा साजन का जब कोई भी लाता है !बेदर्दी दिल को कोई यूँ खुश कर जाता है ! ! […] Read more » प्रिय की पाती
कविता हम हिन्दी हैं देश हमारा हिन्दुस्तान February 11, 2021 / February 11, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकहम हिन्दी हैं,देश हमारा है हिन्दुस्तान! हम हिन्दी हैं,मिटी नहीं अपनी पहचान! देख फिजा में,गूंज रहा है एक ही नाम! प्यारा हिन्दुस्तान,हम कभी रहे नहीं गुमनाम! वायदा में पक्के,धोखाधड़ी नहीं हमारा काम! मानवता धर्म हमारा,हम देते हैं सबको सम्मान! नमस्कार, नमस्ते से,हम करते विश्व को प्रणाम! हमने दिया विश्व को,सत्य,अहिंसा धर्म का पैगाम! […] Read more » our country is our India We are Hindi हम हिन्दी हैं देश हमारा हिन्दुस्तान
लेख गाय का दुग्ध एवं इससे बने पदार्थ स्वस्थ जीवन का आधार हैं February 11, 2021 / February 11, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यपरमात्मा ने इस सृष्टि को जीवात्माओं के सुख आदि भोग व अपवर्ग के लिए बनाया है। सृष्टि को बनाकर परमात्मा जीवों को उनके कर्मों का भोग कराने के लिये जन्म देता व उनका माता-पिता व भूमि माता के द्वारा पालन कराता है। परमात्मा ने मनुष्य जीवन को उत्तम, श्रेष्ठ व महान बनाने के […] Read more » गाय का दुग्ध
कला-संस्कृति लेख गुप्त नवरात्रि से पूर्ण होती हैं सभी कामनाएं February 11, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment तंत्र साधना के लिए विशेष है यह महापर्व गुप्त नवरात्रि देगा। आपको दुर्लभ और कल्याणकारी देगा फल इस व्रत के प्रभाव से जीवन के समस्त दुख होंगे दूर जीवन के नकारात्मक ऊर्जा खत्म होकर सकारात्मकता प्राप्त होगी। आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि के बारे में पंडित अतुल शास्त्री से……इस बार गुप्त नवरात्रि में अनेक ग्रहों […] Read more » All wishes are fulfilled by Gupta Navratri gupt navratri गुप्त नवरात्रि
लेख शख्सियत भारत के स्पार्टाकस तिलका मांझी February 10, 2021 / February 10, 2021 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment वैसे तो विधर्मी आक्रांताओं के विरुद्ध भारत भूमि ने हजारों-लाखों लाल जन्मे हैं किंतु औपनिवेशिक आक्रांताओं के विरुद्ध जो आदि विद्रोही हुये या प्रथम लड़ाके हुये उस वीर को तिलका मांझी के नाम से जाना जाता है। तिलका मांझी को जबरा पहाड़िया नाम से भी जाना जाता है। ऐसा निस्संकोच कहा जा सकता है कि […] Read more » तिलका मांझी
कविता कोयल की तेरी बोली February 10, 2021 / February 10, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकआज देखा ठूंठ पर बैठावृद्ध कोयल को बेतहाशा रोतेअपने बच्चों की नादानी परबच्चे जो कौवे के कोटर में पलकर बड़े होतेजो होश संभालते ही घर छोड़ देते!कोयल जिसे घर नहीं होताजो हर शाख, जर्रा-जर्रा को घर समझता!जाने कैसे कोयल के बच्चेलड़ पड़े घर के लिए!समझाया भी था उसने‘कोयल की संतानों/ खुद को पहचानो’कुछ […] Read more » कोयल की तेरी बोली
लेख शख्सियत समाज संघ एवं सेवा के सुमेरु थे दर्शनलाल जैन February 10, 2021 / February 10, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग –वीर प्रसूता भारत माता की कोख से ऐसे अनगिनत लाल जन्में, जिन्होंने देश हित में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। राष्ट्रसेवी, समाजसेवी एवं संघसेवी दर्शनलाल जैन उनमें से एक हैं, जिन्होंने अपने जीवन के 94 वर्षों में जब से उनकी प्रज्ञा जागृत हुई, एक-एक क्षण राष्ट्र, समाज एवं व्यक्ति उत्थान एवं उन्नयन के […] Read more » Darshan Lal Jain Darshan Lal Jain was the Sumeru of the sangh and service दर्शनलाल जैन
कविता चाहे जितना जलाओ विचार जलता नहीं February 9, 2021 / February 9, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकचाहे जितना जलाओ विचार जलता नहीं,विचार मरता नहीं एकबार उग आने पर!युगों-युगों तक जीवित रहता रहेगा विचार! विचार एक सीधी रेखा है कागज पर,जो मिटता नहीं विचारक के मिट जाने पर! विचार एक अनाशवान हथियार है,जिसका होता नहीं कोई मारक प्रतिहथियार! एक विचार प्रतिस्थापित होता नेक विचार से,एक रेखा के समानांतर दूसरी बड़ी […] Read more » चाहे जितना जलाओ विचार जलता नहीं
कविता ऋतुराज बसन्त February 9, 2021 / February 9, 2021 by शकुन्तला बहादुर | Leave a Comment Read more » ऋतुराज बसन्त
लेख सूझ-बूझ से मुग़ल सल्तनत को जमींदोज़ किया February 8, 2021 / February 8, 2021 by इ. राजेश पाठक | Leave a Comment Read more » मुग़ल सल्तनत को जमींदोज़ किया