कविता भाषा नहीं किसी धर्म-मजहब की, ये पुकार है रब की February 8, 2021 / February 8, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकपाट दो मन की खंदक-खाई,भाषा की दीवार नहीं होतीहवा सी उड़कर जाती-आती, भाषा मन पर सवार होती! इसपार-उसपार उछल जाती, खुद ही विस्तार हो जाती,भाषा ध्वनि का झोंका है, पूरे संसार में फैलती जाती! बड़े-बड़े साम्राज्य ढह गये,उजड़ गये भाषा की मार से,बड़ी धारदार होती भाषा,किन्तु बिना तलवार की होती! भाषा सदा से […] Read more »
लेख घूंघट में रह कर स्वावलंबी बनती ग्रामीण महिलाएं February 8, 2021 / February 8, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment राजेश निर्मल सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश इंसान और पशु में बस इतना ही फ़र्क है कि पशु अपना सारा जीवन खाने और सोने में गुज़ार देता है, लेकिन इंसान की शिक्षा उसे इतना सक्षम बनाती है कि वह खुद के साथ साथ अपना और अपने समाज को बढ़ाने में मदद करता है। बाबा साहब अम्बेडर हमेशा कहा […] Read more » Rural women become self-sufficient by living in the veil स्वावलंबी बनती ग्रामीण महिलाएं
पर्यावरण लेख क्या टल सकती थी चमोली में ग्लेशियर फटने से हुई तबाही? February 8, 2021 / February 8, 2021 by निशान्त | Leave a Comment रविवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदादेवी ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने से हुई भारी तबाही क्या टल सकती थी? अगर 2019 में प्रकाशित एक अध्ययन में दी गयी चेतावनी पर ध्यान दिया गया होता तो अगर ये आपदा टल नहीं सकती थी, तो कम से कम इसके जोखिम को कम करने के लिए उचित […] Read more » Could the destruction of the glacier in Chamoli be averted? चमोली में ग्लेशियर फटने से हुई तबाही
साहित्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा बलिदान था “15 फरवरी 1932 का तारापुर शहीद दिवस” February 8, 2021 / February 8, 2021 by जयराम 'विप्लव' | Leave a Comment देश को आजादी कितनी कुर्बानियों के बाद हासिल हुई है, इसका अंदाजा शायद नई पीढ़ी को नहीं होगा. इसमें उनका दोष भी नहीं है. वे आजाद भारत में पैदा हुए हैं और बिल्कुल अलग परिवेश में जी रहे हैं. इन 70 वर्षों में काफी कुछ बदल चुका है. लेकिन उन्हें इस बारे में […] Read more » 15 फरवरी 1932 का तारापुर शहीद दिवस तारापुर गोलीकांड तारापुर शहीद दिवस
लेख विज्ञान की जननी है वेद February 7, 2021 / February 7, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment विज्ञान दो शब्दों से मिलकर बना है वि+ज्ञान अर्थात विशेष ज्ञान,ही विज्ञान है|विज्ञान में “वि” पूर्वप्रत्यय है जो शब्दों के आरम्भ में जुड़कर अर्थ देता है|विज्ञान को अंग्रेजी में‘साइंस’कहते है,यह शब्द लेटिन भाषा के “साइन्सिया” शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ होता है जानना।अतएव हम कह सकते हैं किसी भी ज्ञान का विशेष स्वरुप […] Read more » विज्ञान की जननी है वेद
कविता अहिंसा की हिंसा February 7, 2021 / February 7, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकअहिंसक का हिंसा का शिकार हो जाना है,अहिंसा का हिंसा के प्रति अहिंसक हो जाना! हिंसा एक कुप्रथा है, अहिंसा धर्म से पोषित,ईसा अहिंसक थे इतना कि हिंसकों के लिएउनके दिल से आखिरी उद्गार निकला क्षमा! ईसापूर्व अशोक शोकग्रस्त तब हुए,जब हिंसा केविरुद्ध युद्ध विरत हो अहिंसक बौद्ध हो गए,हिंसकों का सबसे बड़ा […] Read more » अहिंसा की हिंसा
लेख समाज बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य February 6, 2021 / February 6, 2021 by सोनम लववंशी | 1 Comment on बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य किसी ने सच ही कहा है कि हम सब कुछ बदल सकते है, लेकिन अपने पूर्वज नहीं। उनके बिना न ही हमारा वर्तमान सुरक्षित है और ना ही भविष्य की नींव रखी जा सकती है। हमारे पूर्वज ही इतिहास से भविष्य के बीच की कड़ी होते है। इन सबके बावजूद अफ़सोस की आज हम अपने […] Read more » It is our duty to take care of the elderly बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य
कविता एक धर्म निरपेक्ष कविता February 6, 2021 / February 6, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकमैं चाहता हूंएक ऐसी कविता लिखनाजिसमें परम्परा गान न होकिसी संस्कृति पुरुष का नाम न होजो पूरी तरह से हो सेकुलरऔर समकालीन भी! मैं चाहता हूंएक वैसी कविता लिखनाजिसमें चिंता हो आज केवृद्ध-उपेक्षित-सेवानिवृत्त माता-पिता कीजिसे पढ़ूंगा उस सेमिनार मेंकि कितना जरूरी/कितना त्याज्य हैआज के वरिष्ठ नागरिक! मैं लिखूंगा नहींमातृ देवो भव:/पितृ देवो भव: […] Read more » एक धर्म निरपेक्ष कविता
लेख शख्सियत शुद्ध साधुता की सफेदी में सिमटा विलक्षण व्यक्तित्व : साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभाजी February 6, 2021 / February 6, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:- इक्कीसवीं सदी तो महिलाओं के वर्चस्व की सदी मानी जाती है। उन्होंने विभिन्न दिशाओं में सृजन की ऋचाएं लिखी हैं, नया इतिहास रचा है। अपनी योग्यता और क्षमता से स्वयं को साबित किया है। उन्होंने राजनीति से लेकर चांद तक अपनी हिम्मत और हौसले की दास्तान लिखकर सिद्ध कर दिया है कि […] Read more » साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभाजी
कविता अमृत और विष अपने हिय में होता है February 6, 2021 / February 6, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकअमृत और विष अपने हिय में होता है,अमृत के नाम से चहक उठता मानव,विष के नाम पर वह व्यर्थ ही रोता है!अमृत और विष अपने हिय में होता है! विकसित करो आत्म बल को, दूर करोसारे हतबल को,छल को,मन के मल को,डर कर मानव यूं ही क्यों कर सोता है!अमृत और विष अपने […] Read more » अमृत और विष अमृत और विष अपने हिय में होता है
कविता धर्माधिकारी February 5, 2021 / February 5, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकचाहे तुम बदल लो नाम जाति उपाधियहां तक कि धर्म भीपर तुम्हारी जाति उपाधि वंशावलीखोज ही लेंगे धर्माधिकारीतुम्हें अकुलीन/वर्णसंकर के बजायअपनी बराबरी का दर्जा देकरगले लगाएंगे नहीं धर्माधिकारी! कृष्ण बुद्ध महावीर शिवाजी तक कीजन्म कुंडली में वृषलत्व को ढूंढ लिया गया थाऔर वंचित किया गया था कृष्ण को अग्रपूजन सेऔर शिवाजी को तिलक […] Read more » धर्माधिकारी
लेख स्वास्थ्य-योग सेल्फ मोटिवेट बने_वर्ल्ड कैंसर डे February 5, 2021 / February 5, 2021 by आनंद जोनवार | Leave a Comment कैंसर के प्रति हर नागरिक को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जा जाता है जिसका उद्देश्य कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करना और कैंसर से होने वाली मौत की संख्या में कमी लाना है. वर्ल्ड कैंसर डे की थीम है “मैं हूं और मैं रहूंगा”. इसी […] Read more » World Cancer Day