लेख शख्सियत निर्भयी योद्धा और विद्धानों के संरक्षक थे गुरू गोबिंद सिंह- January 20, 2021 / January 21, 2021 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment योगेश कुमार गोयल सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह जी का 354वां प्रकाश पर्व पटना में तख्त श्री हरिमंदिर पटना साहिब में 20 जनवरी को मनाया जा रहा है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 1667 ई. में पौष माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को 1723 विक्रम संवत् को पटना […] Read more » गुरू गोबिंद सिंह
कविता मां गुमसुम सी सोचती कहूं किसको? January 19, 2021 / January 19, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमानव जीवन में झमेले ही झमेले,छठी से अर्थी तक पीड़ा ही झेलते! सबका साथ रिश्तों का रेलम-पेला,यहां दुःख भोगे सब कोई अकेला! दुःख के दिन, अंगद पांव के जैसे,टस से मस की गुंजाइश ना होते! दर्द आवारा आशिक देखे ना दिन,झोपड़ी से महल तक दबोच लेते! सुख नेवला आए,दुःख सांप दुबके,फिर डंसने को […] Read more » मां गुमसुम सी सोचती कहूं किसको?
लेख सोसिओ इकोनॉमिक की खैरात और पेपर लीक ने हरियाणा के युवाओं का किया बंटाधार January 19, 2021 / January 19, 2021 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment किसी भी राज्य का प्रथम उद्देश्य वहां के नागरिकों का कल्याण होता है. लेकिन जब राज्य ही उनको भ्रष्ट तरीके अपनाने के लिए मजबूर कर दे तो सोचिये क्या होगा? कुछ ऐसा ही पिछले सात सालों में हो रहा है देश के छोटे लेकिन सबसे ज्यादा ख्याति प्राप्त प्रान्त हरियाणा में. जहाँ की वर्तमान सरकार […] Read more » Socio Economic bailout Socio Economic bailout and paper leak divided Haryanas youth पेपर लीक सोसिओ इकोनॉमिक की खैरात सोसियो इकोनॉमिक हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग हरियाणा के युवाओं का बंटाधार
लेख राष्ट्रीय स्वाभिमान का भामाशाह : महाराणा प्रताप January 19, 2021 / January 19, 2021 by प्रणय कुमार | Leave a Comment जिनका नाम लेते ही नस-नस में बिजलियाँ-सी कौंध जाती हो; धमनियों में उत्साह, शौर्य और पराक्रम का रक्त प्रवाहित होने लगता हो; मस्तक गर्व और स्वाभिमान से ऊँचा हो उठता हो- ऐसे परम प्रतापी महाराणा प्रताप पर भला किस देशभक्त को गर्व नहीं होगा! उनका जीवन वर्तमान का निकष है, उनका व्यक्तित्व स्वयं के मूल्यांकन-विश्लेषण […] Read more » 19 जनवरी महाराणा की पुण्यतिथि महाराणा प्रताप
लेख बेहद जरूरी है खूनी एवं त्रासद सड़कों से सुरक्षा January 19, 2021 / January 19, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- भारत का सड़क यातायात तमाम विकास की उपलब्धियों एवं प्रयत्नों के असुरक्षित एवं जानलेवा बना हुआ है, सुविधा की खूनी एवं हादसे की सड़कें नित-नयी त्रासदियों की गवाह बन रही है। सड़क सुरक्षा माह के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से दी गई यह जानकारी […] Read more » Protection from bloody and tragic roads is very important road accidents खूनी एवं त्रासद सड़कों से सुरक्षा
कविता थार के पारिस्थितिक तंत्र में अक्षय ऊर्जा की संभावनाएं January 18, 2021 / January 18, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment दिलीप बीदावत बाड़मेर, राजस्थान रेगिस्तान में अक्षय ऊर्जा अर्थात सौर और विंड एनर्जी निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। यहां साल के अधिकांश दिनों में सूर्य दर्शन होता है तथा तेज हवाएं भी चलती रहती हैं। अक्षय ऊर्जा की संभावनाओं को देखते हुए सरकारी एवं गैर सरकारी स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और वितरण पर कार्य चल […] Read more » Renewable energy prospects in Thar ecosystem अक्षय ऊर्जा की संभावनाएं
पुस्तक समीक्षा सच में अनोखा है ‘जीव जंतुओं का अनोखा संसार’ January 18, 2021 / January 18, 2021 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पुस्तक समीक्षापुस्तक: जीव जंतुओं का अनोखा संसारलेखक: योगेश कुमार गोयलपृष्ठ संख्या: 104मूल्य: 245 रुपयेसंस्करण: 2020प्रकाशक: मीडिया केयर नेटवर्क, 114, गली नं. 6, गोपाल नगर, नजफगढ़, नई दिल्ली-110043.जीव-जंतुओं की विचित्र दुनिया बच्चों और बड़ों के लिए सदा से कौतूहल भरी रही है। इसी कौतूहल और ज्ञान को बढ़ाने में वरिष्ठ पत्रकार श्री योगेश कुमार गोयल ने […] Read more »
कविता तेरी कविताओं को काली स्याह सड़कें नहीं पढ़ती January 18, 2021 / January 18, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकबार-बार जिसके खिलाफ लिखते कवितावे पढ़ते नहीं,मरती नहीं उनकी मानसिकताहर बार मर जाती तेरी कविता! जिसे रोज-रोज ही नोनिआए ईंट के माफिकएक-एक सड़े अवयव को फेंकते रहतेऔर चिपका देते हो तुम नव खरपाक ईंटेंफिर क्यों बालू की भीत सीभहरा-भहरा जाती तेरी लिखी कविताएं!! तेरी कविता तेरी रहती,होती नहीं उनकीजबतक वो नहीं पढ़ते जिनके […] Read more » काली स्याह सड़कें तेरी कविताओं को काली स्याह सड़कें नहीं पढ़ती
कविता तुम कब ठहरोगे अंगुलीमाल January 18, 2021 / January 18, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकअंगुलीमाल अंगुली काटता थाजिसके पास माल होता था! अंगुलीमाल सिर्फ नहीं था डाकूबल्कि पाप-पुण्य बोधवाला थाबाल-बच्चेदार सामाजिक प्राणी! जिसकी तादाद आज भी समाज में,बहुतायत में मिलते, ढेर अंगुलीमाल!अंगुलीमाल अपने ठौर से गुजरतेहर राहगीर की अंगुली नहीं काटता था! वर्णा गौतम बुद्ध कैसे लौट आतेसभी अंगुलियों के साथ आशीर्वाद देने! इतिहास अकसर झूठ नहीं […] Read more » तुम कब ठहरोगे अंगुलीमाल
कविता मोबाईल में है अब जिंदगी January 16, 2021 / January 16, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment सारे रिश्ते सिमट गए हैं आज मोबाइल मे,सारे सम्बन्ध चिपट गए हैं आज मोबाईल मे,कितना बदल गया है इंसान इस ज़माने मेंसारा दिन चिपटा रहता हैं वह इस मोबाईल मे।। शोक संदेश भी आने जाने लगे हैं मोबाईल से,निमंत्रण भी मिलने लगे है आज मोबाईल से,आता जाता नहीं इंसान किसी के दुख सुख में,सुख दुख […] Read more » मोबाईल में है अब जिंदगी
लेख दमघोटू प्रदूषण की चादर में लिपटी दिल्ली January 16, 2021 / January 16, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- कहते हैं जान है तो जहान है, लेकिन दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण जान और जहान दोनों ही खतरे में हैं। दिल्ली की हवा में घुलते प्रदूषण का ‘जहर’ लगातार खतरनाक स्थिति में बना होना चिन्ता का बड़ा कारण हैं। प्रदूषण की अनेक बंदिशों एवं हिदायतों के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण की बात […] Read more » Delhi wrapped in stifling pollution दमघोटू प्रदूषण दमघोटू प्रदूषण की चादर दिल्ली
कविता भाषाई गुलामी का मुक्तियोद्धा January 16, 2021 / January 16, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकभाषाई गुलामी का मुक्तियोद्धनिपट अकेला समर भूमि मेंसिर में सिरस्त्रान नहीं, कर में कृपाण नहींकवच-कुण्ड़ल विहीन कर्ण सा!निपट अकेला मृतवजूदधारी लड़ रहाघोषित अज्ञात कुल शील का! भूत-भविष्य-वर्तमान से निर्लिप्तभाषाई गुलामी का मुक्तियोद्धापक्ष और विपक्ष के सम्मिलितगला काट साजिश के बीचभाग्य चक्र को फंसाए खड़ा! भौंचक्क रश्मिरथी अनुसंधान करेशस्त्र या निज प्राण बचाए जबकिसारथी […] Read more » भाषाई गुलामी का मुक्तियोद्धा