कविता हे हंसवाहिनी माँ January 22, 2021 / January 22, 2021 by आलोक कौशिक | Leave a Comment हे हंसवाहिनी माँहे वरदायिनी माँ अज्ञान तम से हूँ घिराअवगुणों से हूँ मैं भरासुमार्ग भी ना दिख रहाजीवन जटिल हो रहा ज्योति ज्ञान की जलाकरगुणों की गागर पिलाकरसत्पथ की दिशा दिखाकरजीवन सफल बना दो माँ हे हंसवाहिनी माँहे वरदायिनी माँ तू ही संगीत तू ही भाषातुम ही विद्या की परिभाषातेरी शरण में जो भी आताबुद्धि […] Read more » हे हंसवाहिनी माँ
महिला-जगत लेख समाज चाह रही वह जीना, लेकिन घुट-घुटकर मरना भी क्या जीना? January 22, 2021 / January 22, 2021 by सोनम लववंशी | Leave a Comment देश के दिल मध्यप्रदेश के लिए 2021 की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जनवरी महीने के शुरुआती 15 दिनों में ही कम से कम ऐसी तीन बड़ी घटनाएं हुई जिसने महिला सुरक्षा के दावे और वादों की पोल खोलकर रख दी। दुर्भाग्य देखिए एक तरफ़ जब सूबे के मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा को लेकर बयानबाजी कर रहें […] Read more » नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म
कविता करो न गम की बाते January 22, 2021 / January 22, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment करो न गम की बाते,आंखो को यू नम न करो |रखो दिल मे तसल्ली ,यू दिल मे गम न करो || पास बैठा हूँ मै तुम्हारे,जरा मुड़ कर तो देखो |प्यार करती हो मुझको बस उसे कम न करो || अभी दम है मेरे प्यार मे,उसे मरा न समझो |दम मे दम रखो तुम,उसे जरा […] Read more » करो न गम की बाते
जन-जागरण महत्वपूर्ण लेख लेख मातृभाषा और बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में भारतीय भाषाओं का महत्व- January 21, 2021 / January 21, 2021 by राहुल देव | Leave a Comment राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में राहुल देव किसी व्यक्ति के जीवन में उसकी मातृभाषा के महत्व की सबसे अच्छी और सटीक तुलना करने के लिए माँ के दूध से बेहतर कुछ नहीं। जैसे जन्म के एक या दो वर्ष तक बच्चे के शारीरिक और भावनात्मक विकास के लिए माँ का दूध और स्पर्श […] Read more » Importance of Indian languages in mother tongue and early education of children- प्रारंभिक शिक्षा में भारतीय भाषाओं का महत्व मातृभाषा और बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
कविता भीष्म:प्रतिभा अमर होती मिटती नहीं भौतिक प्रहार से January 21, 2021 / January 21, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment विनय कुमार विनायकभीष्म;प्रतिभा अमर होतीनाश हो सकती नहींकिसी घातक वार से जैसे कि ऊर्जा मिटती नहींकिसी भौतिक प्रहार से बदल जाती परिस्थितिनुसार असंभव था भीष्म को मारनानाकाफी थी अठारह अक्षौहिणी सेना किन्तु काफी था एक शिखण्डीभीष्म की जिजीविषा कोचिता भष्मी में बदलने के लिए शिखण्डी नाम नहींकिसी वीर्यवान पौरुष काया नारी की शक्ति का! शिखण्डी […] Read more » Bhishma: Pratibha immortal does not fade with physical hit भीष्म
कविता द्रोणाचार्य: प्रतिभा नाश हो सकती नहीं घातक वार से January 21, 2021 / January 21, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकद्रोण; प्रतिभा अमर होतीनाश हो सकती नहींकिसी घातक वार से जैसे कि ऊर्जा मिटती नहींकिसी धारदार औजार से अस्तु हथियार डाल देतीहकीकत की दीदार से कृष्णार्जुन की जोड़ी थीनाकाफी द्रोण बध के लिएकाफी था स्वजन का मृत्यु अहसास‘अश्वस्थामा हतो’ की अनुभूति अश्वस्थामा संज्ञा नहीं थीनर या कुंजर की अश्वस्थामा संज्ञा हैउस महामाया की […] Read more » द्रोणाचार्य
महत्वपूर्ण लेख लेख शख्सियत समाज त्याग, बलिदान, परमार्थ और पराक्रम की अनूठी परंपरा और खालसा-पंथ January 21, 2021 / January 21, 2021 by प्रणय कुमार | Leave a Comment जब राष्ट्राकाश गहन अंधकार से आच्छादित था, विदेशी आक्रांताओं एवं आतताइयों द्वारा निरंतर पदाक्रांत किए जाने के कारण संस्कृति-सूर्य का सनातन प्रकाश कुछ मद्धिम-सा हो चला था, अराष्ट्रीय-आक्रामक शक्तियों के प्रतिकार और प्रतिरोध की प्रवृत्तियाँ कुछ क्षीण-सी हो चली थी, जब पूरी दुनिया में धर्म और संस्कृति, उदारता और विश्व-बंधुत्व का गौरव-ध्वज फ़हराने वाले महान […] Read more » अजीत सिंह और जुझार सिंह कंघा और कच्छा कड़ा कृपाण केश गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा स्थापित खालसा पंथ जोरावर सिंह जी और फ़तेह सिंह जी राजा भीमचंद के विरुद्ध भंगारी का युद्ध वाहे गुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फ़तेह सन 1690 में राजा भीमचंद के अनुरोध पर मुग़लों के विरुद्ध नादौन का युद्ध सन 1700 में मुगलों और पर्वतीय राजाओं की संयुक्त सेना के विरुद्ध आनंदपुर साहिब का युद्ध सन 1703 में केवल 40 सिख योद्धाओं के साथ मुगल सेना के विरुद्ध प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक 'चमकौर का युद्ध' सन 1704 में महत्त्वपूर्ण एवं अंतिम मुक्तसर का युद्ध
लेख स्वास्थ्य-योग बेफिक्र रहें, लापरवाह ना बनें January 21, 2021 / January 21, 2021 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार 70 साल गुजर जाने के बाद देश में यह पहला अवसर है जिसे हम उत्सव की तरह मना रहे हैं. उत्सव का अवसर है कोरोना के विदाई के टीके का स्वागत. स्नेहिल स्वागत. ऐसा स्वागत जो पहले कभी किसी इंजेक्शन के लगाने के लिए ना हुआ हो. गर याद हो तो बचपन क्या […] Read more » corona vaccine
कविता अभिमन्यु:प्रतिभा नाश होती नहीं रसायन की मार से January 21, 2021 / January 21, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | 1 Comment on अभिमन्यु:प्रतिभा नाश होती नहीं रसायन की मार से —विनय कुमार विनायकअभिमन्यु; प्रतिभा अमर होतीनाश हो सकती नहींकिसी घातक वार से जैसे कि ऊर्जा मिटती नहींकिसी रसायन की मार से अस्तु उत्परिवर्तित हो जातीहमारी भौतिक संसार से प्रतिभाशाली बालक अभिमन्युअवध्य था, हरियाली थाकिसी मां की गोद का विरवा था किसी पिता की सृष्टि का!सुहाग था किसी नवव्याहता बाला का!छतनार वृक्ष था किसी अजन्मा शिशु […] Read more » अभिमन्यु
लेख शख्सियत निर्भयी योद्धा और विद्धानों के संरक्षक थे गुरू गोबिंद सिंह- January 20, 2021 / January 21, 2021 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment योगेश कुमार गोयल सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह जी का 354वां प्रकाश पर्व पटना में तख्त श्री हरिमंदिर पटना साहिब में 20 जनवरी को मनाया जा रहा है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 1667 ई. में पौष माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को 1723 विक्रम संवत् को पटना […] Read more » गुरू गोबिंद सिंह
कविता मां गुमसुम सी सोचती कहूं किसको? January 19, 2021 / January 19, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमानव जीवन में झमेले ही झमेले,छठी से अर्थी तक पीड़ा ही झेलते! सबका साथ रिश्तों का रेलम-पेला,यहां दुःख भोगे सब कोई अकेला! दुःख के दिन, अंगद पांव के जैसे,टस से मस की गुंजाइश ना होते! दर्द आवारा आशिक देखे ना दिन,झोपड़ी से महल तक दबोच लेते! सुख नेवला आए,दुःख सांप दुबके,फिर डंसने को […] Read more » मां गुमसुम सी सोचती कहूं किसको?
लेख सोसिओ इकोनॉमिक की खैरात और पेपर लीक ने हरियाणा के युवाओं का किया बंटाधार January 19, 2021 / January 19, 2021 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment किसी भी राज्य का प्रथम उद्देश्य वहां के नागरिकों का कल्याण होता है. लेकिन जब राज्य ही उनको भ्रष्ट तरीके अपनाने के लिए मजबूर कर दे तो सोचिये क्या होगा? कुछ ऐसा ही पिछले सात सालों में हो रहा है देश के छोटे लेकिन सबसे ज्यादा ख्याति प्राप्त प्रान्त हरियाणा में. जहाँ की वर्तमान सरकार […] Read more » Socio Economic bailout Socio Economic bailout and paper leak divided Haryanas youth पेपर लीक सोसिओ इकोनॉमिक की खैरात सोसियो इकोनॉमिक हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग हरियाणा के युवाओं का बंटाधार