लेख साहित्य अक्तूबर मास के पर्व और महापुरुषों की जयन्तियां September 5, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य अक्तूबर, 2016 माह में अनेक पर्व व जयन्तियां पड़ रही हैं। जयंतियों में वीर हनुमान, महर्षि बाल्मीकि, ऋषि धनवन्तरी, गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी सम्मिलित हैं वहीं पर्वों में विजयादशमी, दीपावली, ऋषि दयानन्द बलिदान दिवस एवं गोवर्धन पूजा सम्मिलित हैं। इस अवसर पर हम कुछ चर्चा सभी जयन्तियों व पर्वों […] Read more » अक्तूबर मास के पर्व और महापुरुषों की जयन्तियां
कविता साहित्य मानसिक पतन September 5, 2016 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment उपहास और उलाहना समाज में साथ दौड़ते रहते हैं, जैसे कोई पतंगा भोजन की तलाश में भागता है। एक चौराहे के मानिंद मानता है समग्र शक्ति को, जहाँ कल्पित जिंदगी का नाम गुजर भर जाना है। शहर की भाषा में आधी आबादी एक गहरा तंज है, आदमी स्त्री को गहरे चिंतन में भी शक से […] Read more » मानसिक पतन
लेख साहित्य शिक्षक दिवस की महत्ता September 5, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी गुरु की महत्ता बताने वाला दिवस:- शिक्षक विद्यार्थियो के जीवन के वास्तविक कुम्हार होते हैं जो न सिर्फ हमारे जीवन को आकार देते हैं बल्कि हमें इस काबिल बनाते हैं कि हम पूरी दुनिया में अंधकार होने के बाद भी प्रकाश की तरह जलते रहें। इस वजह से हमारा राष्ट्र ढ़ेर सारे […] Read more » Featured Im[ortance of TEACHERS DAY शिक्षक दिवस शिक्षक दिवस की महत्ता
आलोचना राजनीति यूपी बीजेपीः एक अदद ‘मोदी’ की अधूरी तलाश September 3, 2016 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना भारतीय राजनीति का दुर्भाग्य है कि यहां विरोधी दलों के नेताओं की किसी भी बात और सुझाव को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाता हैं,जब तक की सत्तारूढ़ दल को इस बात का अहसास नहीं हो जाता है कि उसके विरोधी उसे किसी तरह का नुकसान पहंचा सकते हैं। वहीं विरोधी दलों […] Read more » Featured यूपी बीजेपी
लेख साहित्य राजनीति का हिन्दूकरण’ और सावरकर, भाग-2 September 3, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment सावरकर जी के हिंदू राष्ट्र में ‘राजनीति का हिंदूकरण’ हो जाने पर कुछ ये बातें स्वाभाविक रूप से देखने को मिलतीं :- हिंदी को प्राथमिकता दी जाती :- सावरकर जी मूलरूप से मराठी भाषा को बोलने वाले थे। पर उनका अपना चिंतन अत्यंत राष्ट्रवादी और पवित्र था। मराठी भाषी होकर भी वह हिंदी के अनन्यतम […] Read more » Featured राजनीति का हिंदूकरण सावरकर हिंदूनिष्ठ राजनीति
पर्यावरण लेख साहित्य एक चिट्ठी, धर्माचार्यों के नाम September 1, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment संदर्भ: मूर्ति विसर्जन पर प्रधानमंत्री जी के मन की बात आदरणीय आचार्यवर, आम धारणा है कि मुख्य रूप से उद्योग, सीवेज और शहरी ठोस कचरा मिलकर हमारी नदियों को प्रदूषित करते हैं। इसीलिए प्रदूषण के दूसरों स्त्रोत, कभी किसी बङे प्रदूषण विरोधी आंदोलन का निशाना नहीं बने। समाज ने खेती में प्रयोग होने वाले रासायनिक […] Read more » Featured प्रधानमंत्री जी के मन की बात मूर्ति विसर्जन
कविता साहित्य कागजों पर अहसास लिखता हूँ। August 31, 2016 by आकाश कुमार राय | Leave a Comment ना कवि, ना लेखक, ना ही इतिहासकार हूँ… जीवन है अबूझ पहेली, उसके कुछ पल लिखता हूँ.. ना लिखता हूँ शायरी.. ना दोहों की करता बातें.. गुजरे उम्र का.. कागजों पर अहसास लिखता हूँ। यादों के मर्म की बस.. कुछ बात लिखता हूँ.. कुछ उलझे हुए से अपने हालात लिखता हूँ.. जीवन उलझा जिनमें वो […] Read more » कागजों पर अहसास लिखता हूँ।
लेख साहित्य राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2016 August 30, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2016 डा. राधेश्याम द्विवेदी सप्ताह का इतिहास:-पोषण शिक्षा के द्वारा अच्छे स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देने के लिये वर्ष 1982 में केन्द्रीय सरकार द्वारा पहली बार इस अभियान की शुरुआत की गयी क्योंकि राष्ट्रीय विकास के लिये मुख्य रुकावट के रुप में कुपोषण है। इसी लक्ष्य के लिये लोगों को बढ़ावा देने के लिये, […] Read more » National Nutrition Week राष्ट्रीय पोषण सप्ताह
कहानी साहित्य सहयात्री August 30, 2016 by आर. सिंह | Leave a Comment बात उन दिनों की है, जब रेलगाड़ी में प्रथम श्रेणी में सफर करना बहुत बड़ी बात समझी जाती थी. श्रेणियाँ भी तो बहुत होती थी. प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी, बीच में इंटरक्लास (हिंदी समतुल्य शब्द नहीं मिला) और फिर जनता की अपनी श्रेणी यानि तृतीयश्रेणी. वातानुकूलित डब्बे तो आम तौर पर गाड़ियों में होते ही […] Read more » Featured सहयात्री
आलोचना राजनीति खामोश ….अभी पटना कर रहा अपने गुमशुदा सांसद की तलाश है August 30, 2016 by आलोक कुमार | Leave a Comment दशकों से सांसदों को जनता के बीच जाने और उनकी समस्याओं से रूबरू होने की बातें होती आ रही हैं , लोकतन्त्र का तकाजा भी यही है l सुनने – सुनाने में अच्छी लगने वाली इन बातों का बाकियों पर क्या असर हो रहा है ये तो मैं नहीं जानता लेकिन हमारे ,पटना साहिब के, […] Read more » Shatrughan Sinha गुमशुदा सांसद की तलाश
व्यंग्य साहित्य विपक्ष का जोश और शासक का होश …!! August 30, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा मोरली हाइ या डाउन होने का मतलब तब अपनी समझ में बिल्कुल नहीं आता था। क्योंकि जीवन की जद्दोजहद के चलते अब तक अपना मोरल हमेशा डाउन ही रहा है । लेकिन खासियत यह कि जेब में फूटी कौड़ी नहीं वाले दौर में भी यह दुनिया तब बड़ी खूबसूरत लगती थी। जी […] Read more » Featured विपक्ष का जोश शासक का होश ...!!
लेख विविधा साहित्य लघु उद्योग दिवस August 29, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 2 Comments on लघु उद्योग दिवस डा. राधेश्याम द्विवेदी किसी विशेष क्षेत्र में भारी मात्रा में सामान का निर्माण,उत्पादन या वृहद रूप से सेवा प्रदान करने के मानवीय कर्म को उद्योग (industry) कहते हैं। उद्योगों के कारण गुणवत्ता वाले उत्पाद सस्ते दामों पर प्राप्त होते है जिससे लोगों का रहन-सहन के स्तर में सुधार होता है और जीवन सुविधाजनक होता चला […] Read more » Featured small industries लघु उद्योग लघु उद्योग दिवस