व्यंग्य साहित्य किसी की सफलता , किसी की सजा…!! April 22, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा उस दिन मैं दोपहर के भोजन के दौरान टेलीविजन पर चैनल सर्च कर रहा था। अचानक सिर पर हथौड़ा मारने की तरह एक एंकर का कानफाड़ू आवाज सुनाई दिया। देखिए … मुंबई का छोरा – कैसे बना क्रिकेट का भगवान। फलां कैसे पहुंचा जमीन से आसमान पर। और वह उम्दा खिलाड़ी कैसे […] Read more »
कविता साहित्य सखी वे हैं भी या कि हैं ही नहीं April 21, 2016 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment सखी वे हैं भी या कि हैं ही नहीं, हुआ अहसास नहीं उम्र गई; कबहुँ बौराई कबहुँ भायी रही, जगत की माया समझ पाई नहीं ! सहज गति आई नहीं धायी रही, मग़ज मैं मारी रही बूझी नहीं; कर्म बहुतेरे करी धर्म बही, तबहु मैं तरी कहाँ मर्म गही ! ध्यान दुनियाँ कौ रह्यौ उनकौ […] Read more »
कला-संस्कृति जन-जागरण लेख साहित्य विश्व का सबसे बड़ा कोहिनूर हीरा April 19, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा राधेश्याम द्विवेदी 1.परी कथाओं सा रोमांचक कहानी:- कोहिनूर फारसी का शब्द है, जिसका अर्थ है : आभा या रोशनी का पर्वत । कोहिनूर (फ़ारसी: कूह-ए-नूर) एक 105 कैरेट (21.6 ग्राम) का हीरा है जो किसी समय विश्व का सबसे बड़ा ज्ञात हीरा रह चुका है। कोहिनूर दुनिया के सभी हीरों का राजा है । […] Read more » Featured history of kohinoor hira कोहिनूर हीरा
कविता साहित्य भारत – स्वच्छ – अस्वच्छ April 19, 2016 / April 21, 2016 by आशा वर्मा | 1 Comment on भारत – स्वच्छ – अस्वच्छ आँख में उँगली डाल एक ज़ोरदार नारे ने हमें झकझोर कर जगा दिया – “स्वच्छ भारत” आजतक पता ही नहीं था कि हम स्वच्छ नहीं हैं । हम तो अबतक यही मानते रहे कि हमने नहा कर तन बदन साफ़ किया । घर-द्वार बुहार कर कूडा कचरा घर के बाहर कर दिया। पूजा-पाठ करके मन […] Read more » अस्वच्छ भारत स्वच्छ
व्यंग्य साहित्य बाबा हँस रहे थे… April 18, 2016 by अमित राजपूत | Leave a Comment ∙ अमित राजपूत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पैदाईश की 125वीं सालगिरह पर मैं दिल्ली में ही था। अन्य लोगों की तरह मेरे लिए भी आज यह एक भरपूर छुट्टी का ही दिन है। लेकिन आज भी मुझे आकाशवाणी की शक्ल देखनी ही पड़ी। ख़ुदा का ख़ैर है कि आज रिपोर्ट बनाने से बचा […] Read more » Featured अंबेडकर जयंती बाबा हँस रहे थे...
लेख साहित्य सूखा April 16, 2016 / April 17, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment डॉ.अमित प्रताप सिंह सुबह अचानक घबराकर आँख खुली, झटके से उठकर बिस्तर पर बैठ गए, माथे पर पसीना छलक रहा था, दिल की धड़कन किसी सुपरफास्ट ट्रेन के इंजन की तरह बहुत जोर की आवाज कर रही थी. तेज़ी से उठकर खिड़की से बाहर झांककर देखा, माली बगीचे में पौधों को पानी दे रहा […] Read more » drought in India Featured सूखा
व्यंग्य साहित्य खा “ना” खजाना April 16, 2016 / April 16, 2016 by अमित शर्मा (CA) | Leave a Comment खाली दिमाग शैतान का घर होता हैं और खाली पेट चूहों का. जब दिमाग और पेट दोनों भर जाते हैं तो शैतान और चूहे, रोहित शर्मा के टैलेंट की तरह अदृश्य हो जाते हैं. लेकिन जब ज़्यादा खाकर दिमाग और पेट दोनों पर चर्बी चढ़ जाये तो इंसान “विजय माल्या” गति को प्राप्त होता हैं. […] Read more » खजाना
महत्वपूर्ण लेख लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन ? भाग-14 April 15, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 4 Comments on देश का वास्तविक गद्दार कौन ? भाग-14 गांधीजी से चार गुणा अधिक जेल में रहे सावरकरजी हमारे क्रांतिकारियों ने हर वर्ष की भांति 1933 के प्रारंभ से ही कई स्थानों पर बम विस्फोट कर करके सरकार की नाक में दम कर दिया था। सरकार का उन दिनों वश चलता तो वह एक क्रांतिकारी को भी छोड़ती नही। परंतु क्रांतिकारियों के पीछे जनता […] Read more » Featured who is the real traitor of India देश का वास्तविक गद्दार कौन
महत्वपूर्ण लेख राजनीति लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-13 April 14, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment गांधीजी और सावरकरजी की कार्य शैली में था मौलिक मतभेद अब हम देखेंगे कि गांधीजी और वीर सावरकरजी की कार्यशैली व चिंतनशैली में कितना मौलिक मतभेद था? सावरकर जी ने उन मुस्लिम लीगी और अलगाववादी मुस्लिम नेताओं को लताड़ते हुए कहा था, जो देश के बंटवारे की कीमत पर ही स्वतंत्रता आंदोलन में सहयोग करने […] Read more » Featured real traitor of India देश का वास्तविक गद्दार कौन
व्यंग्य साहित्य चिंतन बढ़े तो चिंता घटे …!! April 14, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा चिंता और चिंतन की दुनिया भी अजीब है। हर इंसान की चिंता अलग – अलग होती है। जैसे कुछ लोगों की चिंता का विषय होता है कि फलां अभिनेता या अभिनेत्री अभी तक शादी क्यों नहीं कर रहा या रही। या फिर अमुक जोड़े के बीच अब पहले जैसा कुछ है या […] Read more » चिंतन बढ़े तो चिंता घटे ...!!
लेख साहित्य जलियांवाला नरसंहार की कहानी April 13, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी जालियाँवाला बाग के पंजाब प्रान्त के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पास का एक छोटा सा बगीचा है बैसाखी के दिन 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा रखी गई, जिसमें कुछ नेता भाषण देने वाले थे। शहर में कर्फ्यू लगा हुआ था, फिर भी इसमें सैंकड़ों […] Read more » Featured Jaliawalan blood bath जलियांवाला नरसंहार जलियांवाला नरसंहार की कहानी
महत्वपूर्ण लेख लेख समाज देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-12 April 12, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-12 सावरकरजी के हिन्दुत्व और नेहरूजी की ‘हिन्दुस्तान की कहानी’ का सच स्वतंत्रता आंदोलन के काल में हमारे क्रांतिकारी जब भी कोई ‘आतंकी घटना’ कर ब्रिटिश सरकार को हिलाने का प्रशंसनीय कार्य करते थे तभी हमारे कांग्रेसी नेताओं की कंपकंपी छूट पड़ती थी। उस कंपकंपी से मुक्ति पाने के लिए गांधीजी की कांग्रेस तुरंत एक ‘माफीनामा’ […] Read more » Featured who is the real traitor of India गद्दार देश का वास्तविक गद्दार कौन सावरकर