कविता कविता ; सिलवटों की सिहरन – विजय कुमार सप्पाती March 13, 2012 by विजय कुमार सप्पाती | 1 Comment on कविता ; सिलवटों की सिहरन – विजय कुमार सप्पाती अक्सर तेरा साया एक अनजानी धुंध से चुपचाप चला आता है और मेरी मन की चादर में सिलवटे बना जाता है ….. मेरे हाथ , मेरे दिल की तरह कांपते है , जब मैं उन सिलवटों को अपने भीतर समेटती हूँ ….. तेरा साया मुस्कराता है और मुझे उस जगह छु जाता है […] Read more » poem Poems कविता कविता - सिलवटों की सिहरन
लेख भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों द्वारा ही संसार का कल्याण संभव March 12, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों द्वारा ही संसार का कल्याण संभव सुरेश गोयल धूप वाला भारतवर्ष को ऋषि-मुनियों की भूमि व देव भूमि कहा जाता है जिसके विशेष कारण है कि इस देव भूमि में लाखों हजारौं वर्षों में एक विशेष संस्कृति फलीफूली है और बढ़ी है। इसने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में एक सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। इन्हीं विशेष संस्कृति को हिन्दुत्व कहा जाता […] Read more » Indian Culture indian culture value भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों संसार का कल्याण
लेख यारो जग बौराया… March 11, 2012 / March 13, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment संजय बिन्नाणी साथियो! आप मानें या न मानें, समझें या न समझें, लेकिन यह सच है कि इन दिनों भारत और भारतीय मन-मिजाज वैसे ही बौराया हुआ है, जैसे आम का पेड़। कारण है, ऋतुवसन्त में फगुनई हवा; जिसके असर के चलते मन- मधुकर हुआ, मधु-पान की लालसा लिए डोलता फिर रहा है। रसपान की […] Read more » Holi vasant season ऋतुवसन्त फगुनई हवा
कहानी कहानी ; एक मुट्ठी खुशी March 9, 2012 / March 12, 2012 by राजकुमार सोनी | Leave a Comment – राजकुमार सोनी मिस्टर और मिसेज रायजादा बगीचे में बैठे हैं। जब से सरकारी नौकरी में आए थे लोग मिस्टर रायजादा के नाम से ही उनको पहचानते हैं। बगीचे में बहुत सारे बच्चे खेल रहे हैं और हम दोनों इन्हीं में अपने बच्चों का बचपन याद करके हंस रहेथे। ये हम दोनों की ही आदत […] Read more » stories Story एक मुट्ठी खुशी कहानी
कविता कविता ; छटपटाता आईना – श्यामल सुमन March 9, 2012 / March 12, 2012 by श्यामल सुमन | 1 Comment on कविता ; छटपटाता आईना – श्यामल सुमन सच यही कि हर किसी को सच दिखाता आईना ये भी सच कि सच किसी को कह न पाता आईना रू-ब-रू हो आईने से बात पूछे गर कोई कौन सुन पाता इसे बस बुदबुदाता आईना जाने अनजाने बुराई आ ही जाती सोच में आँख तब मिलते तो सचमुच मुँह चिढ़ाता आईना कौन […] Read more » poem poem by shyamal suman Poems कविता छटपटाता आईना
कविता कविता ; गीत नया तू गाना सीख – श्यामल सुमन March 9, 2012 / March 9, 2012 by श्यामल सुमन | 1 Comment on कविता ; गीत नया तू गाना सीख – श्यामल सुमन खुद से देखो उड़ के यार एहसासों से जुड़ के यार जैसे गूंगे स्वाद समझते, कह ना पाते गुड के यार कैसा है संयोग यहाँ सुन्दर दिखते लोग यहाँ जिसको पूछो वे कहते कि मेरे तन में रोग यहाँ मजबूरी का रोना क्या अपना आपा खोना क्या होना जो था हुआ आजतक, और […] Read more » poem Poems कविता गीत नया तू गाना सीख
कविता कविता ; प्रेम जहाँ बसते दिन-रात – श्यामल सुमन March 7, 2012 / March 8, 2012 by श्यामल सुमन | 2 Comments on कविता ; प्रेम जहाँ बसते दिन-रात – श्यामल सुमन मेहनत जो करते दिन-रात वो दुख में रहते दिन-रात सुख देते सबको निज-श्रम से तिल-तिल कर मरते दिन-रात मिले पथिक को छाया हरदम पेड़, धूप सहते दिन-रात बाहर से भी अधिक शोर क्यों भीतर में सुनते दिन-रात दूजे की चर्चा में अक्सर अपनी ही कहते दिन-रात हृदय वही परिभाषित होता […] Read more » poem poem by shyamal suman Poems कविता प्रेम जहाँ बसते दिन-रात
कहानी कहानी ; मैं जिंदा हूं March 7, 2012 / March 7, 2012 by राजकुमार सोनी | Leave a Comment – राजकुमार सोनी बचपनसे शायद जब मैं 7-8 साल की रही हूंगी तब से ही अछूत थी। मुझे छूने सेलोगों में वायरस फैल जाता था। वायरस भी कोई साधारण नहीं बहुत भयानक था।इसलिए लोग मुझसे ज्यादा बात नहीं करते थे। वैसे तो हम दो बहनें और एक भाईथा। भाई हम दोनों बहनों के बीच में […] Read more » stories Story कहानी मैं जिंदा हूं
कविता कविता ; अश्क बनकर वही बरसता है – श्यामल सुमन March 7, 2012 by श्यामल सुमन | Leave a Comment नहीं जज्बात दिल में कम होंगे तेरे पीछे मेरे कदम होंगे तुम सलामत रहो कयामत तक ये है मुमकिन कि हम नहीं होंगे प्यार जिसको भी किया छूट गया बन के अपना ही कोई लूट गया दिलों को जोड़ने की कोशिश में दिल भी शीशे की तरह टूट गया यार मिलने को जब […] Read more » poem poem by shyamal suman Poems कविता ; अश्क बनकर वही बरसता है
कविता कविता ; उड़ा दिया है रंग – श्यामल सुमन March 7, 2012 by श्यामल सुमन | Leave a Comment कोई खेल रहा है रंग, कोई मचा रहा हुड़दंग मँहगाई ने हर चेहरे का उड़ा दिया है रंग रंग-बिरंगी होली ऐसी प्रायः सब रंगीन बने अबीर-गुलाल छोड़ कुछ हाथों में देखो संगीन तने खुशियाली संग कहीं कहीं पर शुरू भूख से जंग कोई खेल रहा है रंग, कोई मचा रहा हुड़दंग मँहगाई ने हर […] Read more » poem poem by shyamal suman Poems उड़ा दिया है रंग कविता
लेख सौतेलापन क्यों ? March 6, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on सौतेलापन क्यों ? आकाश भारत का संबंध जितना अच्छा नेपाल से है, उतना अच्छा पाकिस्तान से नहीं है. अभी भी भारतीय लड़की की शादी नेपाल में होती है और नेपाली लड़की की शादी भारत में. लेकिन, पाकिस्तान में नहीं. सानिया मिर्ज़ा और शोएब मलिक की शादी को छोड़ दिया जाए तो कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया है. […] Read more » Nepal pakistan नेपाल पाकिस्तान सौतेलापन
कहानी एक कदम जिंदगी की ओर March 6, 2012 / March 6, 2012 by राजकुमार सोनी | Leave a Comment राजकुमार सोनी बहुत दिनों से मेरी कलम शांत थी कोई विषय नहीं मिल रहा था मन बैचेन हुआ तो ऐसे ही गार्डन की ओर चल पड़ी। आज शनिवार था और बच्चों की स्कूल की छुट्टी थी। इसलिए आज उनकी टीचर सुबह ही आने वाली थी। तब तक मैंने सोचा दोनों बच्चों के लिए उनकी पसंद […] Read more » कहानी-एक कदम जिंदगी की ओर