कविता दोहे / क्षेत्रपाल शर्मा February 22, 2012 by क्षेत्रपाल शर्मा | 1 Comment on दोहे / क्षेत्रपाल शर्मा हाथ जेब भीतर रहे, कानों में है तेल नौ दिन ढाई कोस का वही पुराना खेल . छिपने की बातें सभी, छपने को तल्लीन सच मरियल सा हो गया झूट मंच आसीन. बचपन- पचपन सब हुए रद्दी और कबाड़, आध – अधूरे लोग हैं करते फ़िरें जुगाड़ . क्या नेता क्या यूनियन सबके तय हैं […] Read more » दोहे
पुस्तक समीक्षा उपन्यास अंश(आमचो बस्तर से)- नरबलि और माँ दंतेश्वरी February 21, 2012 / February 21, 2012 by राजीव रंजन प्रसाद | 2 Comments on उपन्यास अंश(आमचो बस्तर से)- नरबलि और माँ दंतेश्वरी राजीव रंजन प्रसाद विलियम्सन का अगला कदम था बस्तर की आत्मा का हनन। भोंसला शासक रघुजी तृतीय पर दबाव बनाया जाने लगा। माँ दंतेश्वरी के मंदिर में नरबलि होने की खबरों को हवा दी जाने लगी जिसकी आड़ में कभी भोंसला राजा तो कभी कंपनी बहादुर की ओर से अपमान जनक पत्र भूपाल देव तक […] Read more » aamcho bastar आमचो बस्तर नरबलि और माँ दंतेश्वरी
कविता कांग्रेस- मनमोहन-सोनिया और अब राहुल-कुशल सचेती February 17, 2012 / February 18, 2012 by कुशल सचेती | Leave a Comment कुशल सचेती कांग्रेस- मनमोहन-सोनिया और अब राहुल देख तेरे भारत की हालत क्या कर दी हे राम….! कांग्रेसासुरों की करतूतों का है ये परिणाम देख तेरे भारत……. गांधी बाबा के ये बंदे, रचते रहे नित नए फंदे, कितने ये मक्कार औ अंधे, इन धूर्तो के जाली धंधे, गांधी-नेहरू-गांधियों की मुग़ल सल्तनत देखी है ? वंशवाद […] Read more » famous poems poem Poems कांग्रेस मनमोहन-सोनिया राहुल
लेख समाज गरीबी का आधुनिकीकरण February 14, 2012 / February 14, 2012 by गंगानन्द झा | Leave a Comment ऐसा बताया जाता रहा है कि बढ़ते हुए परिवर्द्धन के साथ-साथ अभाव की स्थिति में कमी आती जाएगी तथा अन्त में विश्व के हर कोने से गरीबी समाप्त हो जाएगी। परिवर्द्धन (Development) और गरीबी के बीच विलोमानुपाती सम्बन्ध समझा जाता रहा है। पर यह परी-कथा ही निकली। अमीर और गरीब के बीच के फर्क के […] Read more » modernisation of poverty poverty आधुनिकीकरण गरीबी गरीबी का आधुनिकीकरण
कविता साहित्य कविता: बिल्ली का संदेश – प्रभुदयाल श्रीवास्तव February 14, 2012 / February 14, 2012 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | 1 Comment on कविता: बिल्ली का संदेश – प्रभुदयाल श्रीवास्तव एक दिवस बिल्ली रानी ने सब चूहों को बुलवाया ढीले ढाले उन चूहों को बड़े प्रेम से समझाया| अपने संबोधन में बोली मरे मरे क्यों रहते हो इंसानों के जुर्म इस तरह क्यों सहते हो डरते हो। गेहूं चावल दाल सरीखे टानिक घर में भरे पड़े क्यों जूठन चाटा करते हो खाते खाने […] Read more » famous poems poem Poem by Prabhudayal shrivastav Poems कविता कवितायें सर्वश्रेष्ठ कविता
पुस्तक समीक्षा साहित्य पुस्तक समीक्षा ; ‘ये तय हुआ था’ February 14, 2012 / February 14, 2012 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on पुस्तक समीक्षा ; ‘ये तय हुआ था’ शादाब जफर ‘‘शादाब’’ लोकसभा में कार्यरत बचपन से आज तक मेरी दोस्ती की डोर में बंधे मेरे अज़ीज़ दोस्त शहजाद जी ने अभी कुछ दिनो पहले बडे से लिफाफे में बंद मुझे एक गजल संग्रह समीक्षार्थ दिया और बोले समीक्षा लिखनी है। मैने पूछा किस का है बोले मेरे साथ ही लोकसभा में है उन […] Read more » Book Review पुस्तक समीक्षा ये तय हुआ था’
प्रवक्ता न्यूज़ साहित्य राजीव रंजन प्रसाद के उपन्यास ‘आमचो बस्तर’ का विमोचन 15 को February 14, 2012 / February 14, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बुधवार 15 फरवरी को नई दिल्ली में श्री राजीव रंजन प्रसाद के उपन्यास ‘आमचो बस्तर’ का विमोचन करेंगे। विमोचन समारोह कांस्टीटयूशनल क्लब के सभागृह में शाम पांच बजे आयोजित किया जाएगा। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेम जनमेजय करेंगे। वरिष्ठ पत्रकार श्री एन.के. सिंह समारोह के विशेष […] Read more » amcho bastar आमचो बस्तर
गजल गजल:नये पत्ते डाल पर आने लगे-सजीवन मयंक February 14, 2012 / February 14, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment सजीवन मयंक नये पत्ते डाल पर आने लगे । फिर परिंदे लौटकर गाने लगे ।। जो अंधेरे की तरह डसते रहे । अब उजाले की कसम खाने लगे ।। चंद मुर्दे बैठकर श्मशान में । जिंदगी का अर्थ समझाने लगे ।। उनकी ऐनक टूटकर नीचे गिरी । दूर तक के लोग पहिचाने लगे ।। जब […] Read more » gazal Gazals gazals by sanjeevan mayank गजल गजलें
लेख व्हॅलंटाइन डे विकृति February 14, 2012 / February 14, 2012 by डॉ. मधुसूदन | 12 Comments on व्हॅलंटाइन डे विकृति डॉ. मधुसूदन उवाच उत्सव-स्वीकृति की कसौटियां किसी उत्सव-स्वीकृति की (५) पांच कसौटियां सूझती है। (१) वह उत्सव समाज में समन्वयता, सामंजस्य, सुसंवादिता, या भाईचारा बढाने वाला हो। (२) ऊंच-नीच या अलगता का भाव प्रोत्साहित करनेवाला ना हो। (३) समाज के अधिकाधिक सदस्यों का उत्थान करने वाला हो। (४) समाज के सभी स्तरों को स्पर्श करने […] Read more » Valentine Day व्हॅलंटाइन डे
आलोचना वैलेंटाइन डे के बहाने ………. February 13, 2012 / February 13, 2012 by हर्षवर्धन पान्डे | Leave a Comment हर्षवर्धन पाण्डे बाजार आज के दौर में प्रेम से गुलजार हो गया है……..हर तरफ प्रेम की महक नजर आती है……. गिफ्ट सेन्टरों में युवक युवतियों का सैलाब देखा जा सकता है जो प्रेम दिवस से पहले खरीदारी करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता …..भारत में भी पश्चिमी देशो की तर्ज पर १४ फरवरी को […] Read more » ‘वैलेंटाइन डे’ 14th feb Valentine Day
व्यंग्य व्यंग्य-जनता बदलाव चाहती है February 13, 2012 / February 13, 2012 by पंडित सुरेश नीरव | Leave a Comment पंडित सुरेश नीरव अब अपने भारत के दिन फिर बहुरेंगे। पहले सुनहरे कल में बेचारा घुसते-घुसते रह गया था। फिर शाइनिंग इंडिया होते-होते भी बाल-बाल बच गया। मगर अबकी बार कोई चूक नहीं हो सकती है। क्योंकि मंहगाई और घोटालों के साथ-साथ मतदान का ग्राफ भी लप-लपाता हुआ आगे बढ़ा है। मतदाताओं के सर मुंडाते […] Read more » satire by pandit Suresh Neerav जनता बदलाव चाहती है
टॉप स्टोरी लेख कहीं पीपीपी की मदद तो नहीं कर रही पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ? February 13, 2012 / February 13, 2012 by जगमोहन फुटेला | Leave a Comment जगमोहन फुटेला पहले भी भारत, अमेरिका या इंग्लैण्ड की तरह इमानदार नहीं दिखती रही पाकिस्तानी न्यापालिका ने फिर अपनी प्रतिष्ठा दांव पे लगा दी है. राष्ट्रपति ज़रदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों वाली दस साल पुरानी वो फ़ाइल खोल के जिस के बहाने ‘टांगा’ प्रधानमंत्री गिलानी को जा रहा है. ऊपर से देखने पर लगता […] Read more » president yusuf raza gilani पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट पीपीपी की मदद