साहित्य कहो कौन्तेय-७५ December 12, 2011 / December 12, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा दुर्योधन और कर्ण की पराजय युद्ध हो या शान्ति, हवा बहती ही है, फूल खिलते ही हैं, सुगंध फैलती ही है। अन्तर इतना ही होता है कि शान्ति काल में हम उसकी अनुभूति कर पाते हैं, युद्ध काल में विस्मृत कर देते हैं। हवा का एक तेज झोंका कुरुक्षेत्र के समीपवर्ती अरण्य […] Read more » episodes of mahabharta Kaho Kauntey vकहो कौन्तेय दुर्योधन और कर्ण की पराजय
महिला-जगत लेख समाज आखिर कब रुकेंगी औरतों पर होती यातनाएं ? December 11, 2011 / December 15, 2011 by अन्नपूर्णा मित्तल | 12 Comments on आखिर कब रुकेंगी औरतों पर होती यातनाएं ? हमारा समाज पुरुष प्रधान देश है. यहाँ औरतें शुरू से ही जुर्म का शिकार होती रही हैं. शादी के पहले उस पर बेटी, बहन के नाम पर पाबंदी लगाई जाती है. थोड़ी सी आज़ादी पर ही उसके भाई, पिता, नाते रिश्तेदार घर की मर्यादाएं तोड़ने का आरोप लगा डालते हैं. वहीं शादी के बाद उसे […] Read more » torture on woman Woman woman suffering औरत यातनाएं
लेख संसदीय समिति ने आधार (यूआईडी) योजना को किया खारिज December 10, 2011 / December 10, 2011 by प्रमोद भार्गव | 5 Comments on संसदीय समिति ने आधार (यूआईडी) योजना को किया खारिज प्रमोद भार्गव देश की आजादी के बाद से ही कई उपाय ऐसे होते चले आ रहे हैं, जिससे देश के प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रीय नागरिकता की पहचान दिलाई जा सके। मूल निवासी प्रमाण-पत्र, राशनकार्ड, मतदाता पहचान पत्र और अब आधार योजना के अंतर्गत एक बहुउद्देश्य विशिष्ट पहचान पत्र हरेक नागरिक को देने की कवायद देशव्यापी […] Read more » Adhar card uid card यूआईडी
लेख देसी मंडी में विदेशी खपत, जेब पर करारी चपत December 9, 2011 / December 9, 2011 by क्षेत्रपाल शर्मा | 3 Comments on देसी मंडी में विदेशी खपत, जेब पर करारी चपत क्षेत्रपाल शर्मा आज एफ़ डी आई को लेकर कितनी गरमा गरम बहस है कि एक दूसरे के फ़ैसलों के आधार पर आरोप प्रत्यारोप मढे जा रहे हैं .लेकिन एक बुनियादी बात पर हम गोर कर लें कि क्या यह हमारे हित में हैं .जवाब मिलता है कि नहीं ,इससे पूर्ववर्ती महानुभावों ने तब क्या सोचा […] Read more » FDI Retail Sector जेब पर करारी चपत देसी मंडी विदेशी खपत
व्यंग्य एफ डी आई यानि फेयर डील फार इण्डिया December 9, 2011 / December 9, 2011 by जगमोहन ठाकन | Leave a Comment जग मोहन ठाकन बुजुर्गों का मानना है कि सरकार माई-बाप होती है। मां-बाप कभी अपनी संतान का बुरा नहीं सोचते। और फिर कांग्रेस सरकार तो उस गांधी के नाम पर सत्ता सुख भोगती आ रही है ,जिसके बंदर तक बुरा बोलना, बुरा देखना,यहां तक कि बुरा सोचना भी निषेध मानते हैं । पर क्या करें […] Read more » FDI एफ डी आई फेयर डील फार इण्डिया
लेख सिब्ब्ल जी अपने गिरेबान में भी झांकिये December 9, 2011 / December 10, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 4 Comments on सिब्ब्ल जी अपने गिरेबान में भी झांकिये शादाब जफर‘शादाब’ श्री इकबाल हिंदुस्तानी जी का लेख ‘यदि अन्ना कुवांरे होते तो सरकार उन्हे झुका लेती’ पढा ।लेखक ने अपने विचारो को आम आदमी के मन की अभिव्यक्ति दी। पर कहना चॉहूगा कि यदि अन्ना शादी शुदा होते तो सरकार के झुकाने की नौबत ही नही आती बल्कि अन्ना खुद ही झुक जाते। क्या […] Read more » corruption.inflation Kapil Sibbal सिब्ब्ल जी सिब्ब्ल जी अपने गिरेबान मैं भी झांकिये
प्रवक्ता न्यूज़ लेख साख खराब हो जायेगी December 9, 2011 / December 9, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on साख खराब हो जायेगी घनश्याम चंदर्वंशी रिटेल में एफ. डी. आई. के मुद्दे पर लगातार घमासान मचा हुआ है। मल्टी ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति का संसद सहित पूरे देश में विरोध हो रहा है। विपक्षीय दलों के साथ ही यू.पी.ए. के घटक दलों द्रमुक एवं तृणमूल कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया […] Read more » FDI Manmohan Singh Sonia Gandhi रिटेल में एफ. डी. आई
लेख मुसलमानों की हालत के लिये उनकी मज़हबी सोच भी ज़िम्मेदार? December 9, 2011 / December 10, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 7 Comments on मुसलमानों की हालत के लिये उनकी मज़हबी सोच भी ज़िम्मेदार? इक़बाल हिंदुस्तानी उनको आरक्षण देने से बिना उच्च शिक्षा के सुधार नहीं होगा! मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा को लेकर अकसर यह बहस होती रही है कि वे दीनी तालीम को ही असली शिक्षा क्यों समझते हैं? आजकल मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की ज़ोरशोर से वकालत की जा रही है। हम यहां इस […] Read more » muslim reservation.poor condition of muslims मुसलमानो की हालत के लिये उनकी मज़हबी सोच भी ज़िम्मेदार
लेख काबुल में करबला December 9, 2011 / December 9, 2011 by एल. आर गान्धी | Leave a Comment एल.आर.गाँधी सिंह साहेब के शांति पुरुष की काबिना के अंदरूनी रक्षा मंत्री रहमान मलिक ने ‘तालिबान’ का शुक्रिया अदा किया .. क्योंकि उनकी अपील पर इस बार तालिबान ने ‘मुहर्रम’ के मौके पर कोई ‘काण्ड’ नहीं किया और शांति बनाए रक्खी . पाक की वीणा मलिक तो जिसम से ही बेनकाब हुई थी, मगर मलिक […] Read more » afganistan kabul काबुल में करबला
कहानी कहानी : वह विदेशी लड़की December 9, 2011 / December 9, 2011 by आर. सिंह | 2 Comments on कहानी : वह विदेशी लड़की आर. सिंह वह अचानक ही यहाँ मिल गयी थी. मैं अपने मित्र के साथ छुट्टियाँ बिताने सियाटल आया हुआ था मेरा मित्र सपत्निक यहाँ रहता था . मुझे अमेरिका आये हुए अधिक दिन नहीं हुए थे. पर मैं अमेरिका आने का प्रयत्न तो बहुत दिनों से कर रहा था.मेरा अमेरिका आने का स्वप्न तो और […] Read more » foreign girl विदेशी लड़की
लेख पानी की कमी के चलते उजड़ते पक्षी अभ्यारण्य December 9, 2011 / December 9, 2011 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भारत में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ की चेतावनी परिंदे दे रहे हैं। पानी की जो कमी अब तक मानव आबादियां किया करती थीं,उसे अब देशी-विदेशी पक्षियों की प्रजातियां भी करने लगी हैं। इस पारिस्थितिकी तंत्र के बिगड़ने के कारण पक्षियों के जीवन चक्र पर विपरीत असर पड़ रहा है। यही कारण है कि […] Read more » bird sanctuary उजड़ते पक्षी अभ्यारण्य पक्षी अभ्यारण्य
लेख विदेशी निवेश पर भारी पड़ा गठबंधन December 8, 2011 / December 8, 2011 by प्रमोद भार्गव | 4 Comments on विदेशी निवेश पर भारी पड़ा गठबंधन प्रमोद भार्गव अपने सहयोगी दलों को दरकिनार कर कांग्रेस द्वारा खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश का निर्णय भारी पड़ा। यूपीए-2 गठबंधन की वैशाखियों पर टिकी न होती तो देश एक अबूझ संकट से जुझने को मजबूर हो गया होता ?इस मसले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में सहयोगी […] Read more » Manmohan Singh Retail Sector खुदरा कारोबार यूपीए - 2 विदेशी निवेश