खेत-खलिहान अन्नदाता की तकलीफ पर ध्यान दीजिए June 19, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment इरफाना खातून बिहार सरकार ने हाल ही में किसानों की समस्याओं के हल के लिए एक कॉल सेंटर की शुरूआत की है। कृषि विभाग और इफको किसान संचार लिमिटेड के संयुक्त प्रयास से यह सेंटर पटना स्थित मीठापुर कृषि फार्म के रसायन भवन में स्थापित किया गया है। इस सेंटर के माध्यम से किसान अपनी […] Read more » किसान
खेत-खलिहान कुदरती खेती का एक अनूठा प्रयोग June 16, 2012 / June 16, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 3 Comments on कुदरती खेती का एक अनूठा प्रयोग बाबा मायाराम भारत एक कृषि प्रधान देश है। प्रकृति की कृपा तथा हमारे किसानों कि आर्थिक मेहनत से हमारी भूमि सदा उपजाऊ रही है। प्राचीन समय में हमारी खेती प्राकृतिक संपदा व संसाधनों पर ही निर्भर थी और देश की खाद्यान्नों सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूरा कर पाती थी। जैसे-जैसे देश में शहरीकरण व औद्योगिकरण बढते […] Read more » प्राकृतिक खेती
खेत-खलिहान बिना जुताई की खेती संभव है June 9, 2012 / June 9, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 3 Comments on बिना जुताई की खेती संभव है बाबा मायाराम मध्यप्रदेश के होशंगाबाद शहर से भोपाल की ओर मात्र 3 किलोमीटर दूर है टाईटस फार्म। यहां पिछले 25 साल से कुदरती खेती का अनोखा प्रयोग किया जा रहा है। राजू टाईटस जो स्वयं पहले रासायनिक खेती करते थे, अब कुदरती खेती के लिए विख्यात हो गए है। उनके फार्म को देखने देश-विदेश के […] Read more » खेती
खेत-खलिहान सतपुड़ा की अनूठी खेती पद्धति है उतेरा April 28, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment बाबा मायाराम इन दिनों खेती-किसानी का संकट गहरा रहा है। नौबत यहां तक आ पहुंची है कि किसान अपनी जान दे रहे हैं। पिछले 16 सालों में ढाई लाख आत्महत्या कर चुके हैं। होशंगाबाद जिले में भी आत्महत्या होने लगी हैं। अब सवाल है कि क्या आज की भारी पूंजी वाली आधुनिक खेती का कोई […] Read more » उतेरा खेती किसानी
खेत-खलिहान राजनीति बलराम यात्रा और किसान वोट बैंक February 28, 2012 by अशोक मालवीय | Leave a Comment अशोक मालवीय पिछले दिनों किसानों से जुड़ी दो महत्वपूर्ण खबरें हमारे सामने आर्इ। एक तो राज्य मानव अधिकार आयोग ने पिछले वर्ष किसानों की आत्महत्या को गंभीरता से लेते हुये 130112 को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपी। आयोग की अनुशंसाओं में कुछेक प्रशंसा करने योग्य है, जैसे:- […] Read more » balram kisan yatra
खेत-खलिहान आत्महत्या की फसल January 3, 2012 / January 3, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment बाबा मायाराम किसानों के लिए नई फसल का आना किसी त्यौहार से कम नहीं होता है। यह उसकी सारी जमा पूंजी, अथक परिश्रम और आशाओं की एक नई किरण के रूप में अभिव्यक्त होता है। लेकिन मध्यप्रदेश में होशंगाबाद जिले के किसानों के घर गहरा दुख, नैराश्य और मातम छाया हुआ है। हाल ही महीनों […] Read more » farmers suicide किसानों की आत्महत्या
खेत-खलिहान गांव में किसानों के प्रति सरकार का व्यवहार November 11, 2011 / December 3, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment निर्मला कुमारी आर्थिक स्तर पर मजबूती और बढ़ते औद्योगिकीकरण के प्रधान देश के रूप में ही माना जाता है। यही कारण है कि आज भी इसपर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है। कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार प्रयासरत हैं। इसके लिए समय-समय पर प्रभावी नीतियां लागु करने का […] Read more » Farmers किसान सरकार का व्यवहार
खेत-खलिहान ऐसे तो नहीं खत्म होगी किसानों की कर्जदारी October 24, 2011 / December 5, 2011 by सुनील अमर | Leave a Comment सुनील अमर देश के आधे किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं, सरकार ने इस बात को संसद में स्वीकार किया है। कृषि मंत्री शरद पवार ने गत सप्ताह सदन को बताया कि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन यानी एन.एस.एस.ओ ने अपने ताजा सर्वे में पाया है कि देश के कुल किसान परिवारों में से 48.6 […] Read more » Farmers कर्ज किसान
खेत-खलिहान भू-अधिग्रहण से जीवन-स्तर में वृद्धि हो October 4, 2011 / December 5, 2011 by कुन्दन पाण्डेय | Leave a Comment कुन्दन पाण्डेय भू-अधिग्रहण नीति से भूस्वामी के परिवार के जीवन-स्तर में वृद्धि अवश्य होनी चाहिए, अन्यथा वह खुशी से अधिग्रहण के लिए कभी भी तैयार नहीं होगा। सारी जमीन पर राज्य के स्वामित्व वाले एमिनेंट डोमेन के सिद्धांत से यदि भूस्वामी के जीवन-स्तर पर नकारात्मक असर पड़े तो यह राज्य के लोकहित का निर्णय कभी […] Read more » living standard भूमि अधिग्रहण
खेत-खलिहान खेती-बाड़ी और बोलीभाषा October 1, 2011 / December 6, 2011 by क्षेत्रपाल शर्मा | 2 Comments on खेती-बाड़ी और बोलीभाषा क्षेत्रपाल शर्मा खेतीबाड़ी …… सुर्खरू होता है इन्सां ठोकरें खाने के बाद रंग देती है हिना पत्थर पे घिस जाने के बाद बहुत समय पहले मैंने प्रोफ़ेसर अली मोहम्मद खुसरो साहब का एक लेख पढा था जिसमें खासतौर पर मैं जो समझ पाया उसमें दो बात बेहद महत्वपूर्ण थीं पहली यह कि कृषि जमीन उतनी […] Read more » language खेतीबाड़ी भाषा
खेत-खलिहान कृषि भूमि पर केन्द्र की नीयत साफ होने की जरूरत September 18, 2011 / December 6, 2011 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी केन्द्र की कांग्रेसनीत संप्रग सरकार बार-बार यह दुहाई देती है कि वह आम आदमी और किसान हितैषी है लेकिन उसके द्वारा एक के बाद एक पिछले दो बार के लगातार शासन के दौरान जो 7 वर्षों में निर्णय लिये गये हैं, वह कृषकों व आम व्यक्ति के हित में कम खास व्यक्तियों, […] Read more » farmer Land कृषि भूमि
खेत-खलिहान खेतीकिसानी को लीलते भूमण्डलीय आदर्श July 24, 2011 / December 8, 2011 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव यह साफ हो गया है कि भूमण्डलीय आदर्श भारतीय खेतीकिसानी को लील रहे हैं। औद्योगिक विकास और शहरीकरण ने हजारों गांव और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि निगल ली है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उन्हीं आर्थिक और कृषि सुधारों पर जोर दे रहे हैं जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हित साधक हैं। प्रधानमंत्री ने […] Read more »