राजनीति विधि-कानून न्यायालयों में राजस्व मामलों का बोझ May 12, 2022 / May 12, 2022 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ- प्रधान न्यायाधीष एनवी रमणा का बयान-प्रमोद भार्गव ऐसा पहली बार देखने में आया है कि सर्वोव्व न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा ने न्यायालयों में बढ़ते मामलों के मूल कारण में जजों की कमी के साथ राजस्व न्यायालयों को भी दोषी ठहराया है। रमणा ने न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका की शक्तियों और क्षेत्राधिकार के […] Read more » Burden of revenue matters in courts न्यायालयों में राजस्व मामलों का बोझ
राजनीति विधि-कानून देश के नागरिकों को सुरक्षित कल की गारंटी देता है आपराधिक प्रक्रिया पहचान विधेयक 2022 April 22, 2022 / April 22, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment -सत्यवान ‘सौरभ’ आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक संसद द्वारा पारित किया गया है और यह कैदियों की पहचान अधिनियम, 1920 को निरस्त करने का प्रयास करता है। यह विधेयक उन सूचनाओं के दायरे का विस्तार करता है जो सरकार दोषियों, गिरफ्तार व्यक्तियों और आदतन अपराधियों जैसे अन्य व्यक्तियों से एकत्र कर सकती है। इस कानून का […] Read more » The Criminal Procedure Identification Bill 2022 The Criminal Procedure Identification Bill 2022 guarantees a safe tomorrow to the citizens of the country आपराधिक प्रक्रिया पहचान विधेयक 2022
राजनीति विधि-कानून गुजरात की अदालत में गुजराती नहीं January 8, 2022 / January 8, 2022 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक गुजरात के उच्च न्यायालय में भाषा के सवाल पर फिर विवाद खड़ा हो गया है। एक पत्रकार विशाल व्यास ने गुजराती में ज्यों ही बोलना शुरु किया, जजों ने कहा कि आप अंग्रेजी में बोलिए। व्यास अड़े रहे। उन्होंने कहा कि मैं गुजराती में ही बोलूंगा। जजों ने कहा कि संविधान की […] Read more » No Gujarati in Gujarat court गुजरात की अदालत में गुजराती नहीं पत्रकार विशाल व्यास
लेख विधि-कानून इन महिलाओं की रही थी भारतीय संविधान बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी November 16, 2021 / November 16, 2021 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment स्वाति सिंह भारत में 26 नवंबर 1949 को निर्वाचित संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान अपनाया गया था और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया था। संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे। लेकिन अब इसे संयोग कहें या दुर्भाग्य कि संविधान निर्माण के संदर्भ में हमें केवल अग्रणी पुरुष सदस्यों के रूप में […] Read more » women contribution in drafting indian constitution महिलाओं की रही थी भारतीय संविधान बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी
विधि-कानून देश में महिला न्यायाधीशों की हिस्सेदारी कम क्यों? September 30, 2021 / September 30, 2021 by सोनम लववंशी | Leave a Comment समानता लोकतांत्रिक समाज की जीवन रेखा है। तो वहीं दूसरी तरफ़ इतिहास इस बात का सदैव साक्षी रहा है कि हमारे देश में महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर हर पल पर संघर्ष करती आईं हैं। ऐसे में कहने को भले हम एक नये युग में जी रहे है जहां समता और समानता की पैरवी संविधान […] Read more » Share of women judges in the country] देश में महिला न्यायाधीश न्यायाधीशों की हिस्सेदारी कम महिला न्यायाधीशों की हिस्सेदारी
लेख विज्ञान विधि-कानून समाज श्राद्ध कर्म का विज्ञान September 21, 2021 / September 21, 2021 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव हिंदुओं में दाहक्रिया के समय कपाल क्रिया प्रचलन में है। गरुड़़ पुराण के अनुसार शवदाह के समय मृतक की खोपड़ी को घी की आहुति देकर डंडे से प्रहार करके फोड़ा जाता है। चूंकि खोपड़ी का अस्थिरूपी कवच इतना मजबूत होता है कि सामान्य आग में वह आसानी से भस्मीभूत नहीं हो पाता है। […] Read more » science of shraadh karma श्राद्ध कर्म का विज्ञान
राजनीति विधि-कानून धर्म से बड़ी भारतीयता, यह कब स्वीकार करेंगे हम… August 24, 2021 / August 24, 2021 by सोनम लववंशी | Leave a Comment हिंदी सिनेमा में एक बहुत ही मशहूर गीत है कि, “मांझी जो नाव डुबोए, उसे कौन बचाये? जी हां इस गीत से शुरुआत इसलिए, क्योंकि जब देश और समाज को चलाने वाले लोग ही देश और समाज की भलाई से इतर सोचेंगे, फ़िर देश तरक़्क़ी की बिसात पर आगे कैसे बढ पाएगा? हम लोकतंत्र के […] Read more » Indianness is bigger than religion uniform civil code समान नागरिक संहिता
राजनीति विधि-कानून चिकित्सा शिक्षा में आरक्षण के मायने July 31, 2021 / July 31, 2021 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव पिछड़े वर्ग की लंबे समय से चल रही मांग पर केंद्र सरकार ने विराम लगा दिया। अब राज्य सरकारों के चिकित्सा महाविद्यालयों में भी केंद्रीय कोटे के अतंर्गत आरक्षित 15 प्रतिशत सीटों पर पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 27 और आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों को 10 फीसदी आरक्षण का अतिरिक्त […] Read more » Meaning of reservation in medical education चिकित्सा शिक्षा में आरक्षण चिकित्सा शिक्षा में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण
राजनीति विधि-कानून मेडिकल में पिछड़ों को आरक्षण July 31, 2021 / July 31, 2021 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिकसरकार ने मेडिकल की पढ़ाई में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है। यह आरक्षण एमबीबीएस, एमडी, एमएस, डिप्लोमा, बीडीएस और एमडीएस आदि सभी कक्षाओं में मिलेगा। आरक्षण का यह प्रावधान सरकारी मेडिकल काॅलेजों पर लागू होगा। इस […] Read more » Reservation for backward in medical मेडिकल मेडिकल में पिछड़ों को आरक्षण
लेख विधि-कानून समान नागरिक संहिता की अनिवार्यता July 20, 2021 / July 20, 2021 by सिद्धार्थ राणा | 2 Comments on समान नागरिक संहिता की अनिवार्यता समान नागरिक संहिता (ucc) समय-समय पर चर्चाओं का विषय रहता है। हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया है। भारत में जब भी दो जातियों एवं धर्मों के मध्य विवाह, तलाक या उत्तराधिकार के लिए टकराव या इनसे संबंधित अधिकारों के लिए संघर्ष होता है, तब न्यायालय के सम्मुख विभिन्न […] Read more » uniform civil code समान नागरिक संहिता
राजनीति विधि-कानून न्यायायिक व्यवस्था की कैसी विवशता July 4, 2021 / July 4, 2021 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment देश की न्यायिक व्यवस्था की विवशताओं को समझना अब अति आवश्यक होता जा रहा है l इसके लिए शासन को साहसिक प्रयास करना चाहिए l वास्तव में कानून की कुछ कमियों व अस्पष्टताओं का अनुचित लाभ उठा कर आरोपियों को अपराधी प्रमाणित करने में असमर्थता एक गम्भीर चुनौती बन चुकी हैं l इसी कारण वर्षो […] Read more » compulsion of the judicial system What is the compulsion of the judicial system
मनोरंजन लेख विधि-कानून ओटीटी प्लेटफार्म पर अंकुश जरूरी April 19, 2021 / April 19, 2021 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment आज के युग में तकनीक जिसे टेक्नोलॉजी कहते हैं वो लगातार और तीव्रता के साथ बदल रही है। इसके व्यवहारिक पक्ष को हम सभी ने कोरोना काल में विशेष तौर पर महसूस किया जब घर बैठे कार्य करने के लिए वर्चुअल और ऑनलाइन मीटिंग्स, स्कूल की कक्षाओं का संचालन या फिर वर्क फ्रॉम होम जैसे […] Read more » Curb on OTT platform is necessary ओटीटी प्लेटफार्म पर अंकुश जरूरी कैरियर बनाने की इच्छा रखने वाले हर उम्र के लोगों के लिए इसने बगैर किसी भेदभाव के अनेकों द्वार खोल दिए हैं।