मीडिया छवि बनाने-बिगाड़ने का धंधा December 6, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव सोशल नेटवर्किंग साइटस को सूचना के संप्रेशण और किसी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुददे पर सार्वजनिक बहस का खुला और आसान मंच माना गया था, लेकिन अब यह मंच दलों और राजनेताओं की छवि बनाने अथवा बिगाड़ने का धंधा कर रहा है। यह अंतर्जाल पर अफवाह फैलाकर समाज में सदभाव बिगाड़ने का काम भी कर रहा […] Read more » छवि बनाने-बिगाड़ने का धंधा
मीडिया बदहवास लोग और खोखले दरख्त December 3, 2013 / December 3, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 10 Comments on बदहवास लोग और खोखले दरख्त महर्षि दयानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा है कि रेगिस्तान में अरण्ड का पौधा भी बड़ा पेड़ दिखाई देता है। यही स्थिति समाज और राष्ट्र के लिए उस समय बन जाया करती है जब वास्तव में राष्ट्र में बड़े नेता ना हों और छोटे छोटे दीपक स्वयं को सूर्य समझने लगें या समझाने का प्रयास […] Read more » बदहवास लोग और खोखले दरख्त
जन-जागरण मीडिया बदलावों के बीच मानसिकता में बदलाव कब? December 3, 2013 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on बदलावों के बीच मानसिकता में बदलाव कब? लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता इन दिनों संदेह के घेरे में है| खोजी पत्रकारिता को नया आयाम देने वाले तरुण तेजपाल जहां यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे हुए हैं वहीं दीपक चौरसिया तथा अनुरंजन झा आम आदमी पार्टी के कथित फ़र्ज़ी स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सवालों के दायरे में हैं| तीनों की साख […] Read more »
महिला-जगत मीडिया तरूण तेजपाल जैसे लोग महिलाओं की प्रगति में बाधा हैं! December 2, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on तरूण तेजपाल जैसे लोग महिलाओं की प्रगति में बाधा हैं! इक़बाल हिंदुस्तानी 0दूसरों से नैतिकता चाहने वाले खुद इतनी नीचता पर क्यों हैं? तरूण तेजपाल ने तहलका डॉटकॉम में अपने अधीन काम करने वाली एक जूनियर पत्रकार को अपनी हवस का शिकार बनाकर यह साबित कर दिया है कि हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं। अपने अपराध को भूल या […] Read more »
मीडिया बदलावों के बीच मानसिकता में बदलाव कब? November 30, 2013 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment सिद्धार्थ शंकर गौतम लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता इन दिनों संदेह के घेरे में है| खोजी पत्रकारिता को नया आयाम देने वाले तरुण तेजपाल जहां यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे हुए हैं वहीं दीपक चौरसिया तथा अनुरंजन झा आम आदमी पार्टी के कथित फ़र्ज़ी स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सवालों के दायरे में हैं| […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख मीडिया तोड़ने ही होंगे मठ और गढ़ सब November 29, 2013 / November 29, 2013 by राजीव रंजन प्रसाद | 1 Comment on तोड़ने ही होंगे मठ और गढ़ सब राजीव रंजन प्रसाद तहलका प्रकरण किसी एक व्यक्ति या एक संस्था पर प्रश्नचिन्ह नहीं है। यह गढ़ों और मठों के टूटने की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण घटना है। वैचारिक असहिष्णुता और विचारधारात्मक अस्पृश्यता के वातावरण में जब यह घटना घटी तो अनायास ही इसके सम्बन्ध समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और राजनीतिशास्त्र से जुड़ने लगे। एक आम […] Read more »
मीडिया तहलका के मेनहोल पर से उठा ढक्कन November 28, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment तहलका के मेनहोल पर से उठा ढक्कन तो या खुदा यह कैसे कैसे निकले तेजपाल-डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों एक ऐसी घटना घटी जो ऊपर से देखने पर मात्र यौन शोषण की लगती है लेकिन असल में वह राजनीति,मीडिया और अपराध की सांझी दुनिया की भयावह तस्वीर पेश करती है । यह घटना अंग्रेज़ी […] Read more »
मीडिया आयोग की निगरानी में वैकल्पिक मीडिया November 26, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों में वैकल्पिक मीडिया भी चुनावी रंग में रंग गया है। लिहाजा राजनीतिक दल खासकर युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए सोशल मीडिया और मोबाइल फोनों का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। कई प्रत्याशियों ने तो बकायदा अपने खाते भी खोले हुए हैं। लेकिन निर्वाचन आयोग […] Read more »
मीडिया तहलका प्रकरण मीडिया के लिए चिंता का विषय : इंडियन मीडिया सेंटर (आईएमसी ) November 25, 2013 / November 25, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on तहलका प्रकरण मीडिया के लिए चिंता का विषय : इंडियन मीडिया सेंटर (आईएमसी ) नई दिल्ली, 25 नवंबर, 2013: इंडियन मीडिया सेंटर तहलका के संपादक तरुण तेजपाल द्वारा एक युवा महिला पत्रकार के साथ किए गए यौन उत्पीड़न के घटना की निंदा करता है और इस मामले की संबंधित अधिकारियों द्वारा पुख्ता जांच किए जाने की मांग करता है। आईएमसी का मानना है कि कोई कॉरपोरेट या संपादकीय प्रमुख […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख मीडिया तहलका युग के मुखौटे November 22, 2013 / November 23, 2013 by राजीव रंजन प्रसाद | 3 Comments on तहलका युग के मुखौटे राजीव रंजन प्रसाद यह तहलका युग है; यहाँ धमाकों पर चर्चा अवश्यम्भावी है। इस देश ने तालियाँ बजा कर उन खुफिया कैमरों की तारीफ की जिसने पैसे लेते हुए बंगारू लक्ष्मण को कैद किया और उनका राजनैतिक जीवन हमेशा के लिये समाप्त कर दिया, जिसने क्रिकेट के चेहरे से नकाब उतारी जिसके बाद जडेजा तथा […] Read more » तरुण तेजपाल
मीडिया पत्रकारिता को शर्मसार करता तरूण तेजपाल प्रकरण November 22, 2013 by शादाब जाफर 'शादाब' | 4 Comments on पत्रकारिता को शर्मसार करता तरूण तेजपाल प्रकरण शादाब जफर’’शादाब’’ यह कैसी विडम्बना है कि कल तक जिन साधू और पत्रकारों पर समाज के मार्गदर्शन की जिम्मेदारी होती थी आज वही लोग सामाजिक मर्यादाओं का चीरहरण कर अपनी जिम्मेदारी को भूल समाज और सामाजिक रिश्तों को अपनी हवस के आगे तार तार करने में लगे है। अपनी सनसनीखेज खबरों से दुनिया में सनसनी […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ मीडिया देवरिया में नया मीडिया पर संगोष्ठी 21 दिसम्बर को November 17, 2013 / November 19, 2013 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पूर्वी उत्तरप्रदेश के देवरिया जिले में आगामी दिसम्बर महीने में नया मीडिया एवं ग्रामीण पत्रकारिता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. दिल्ली के इन्डियन कॉफी हाउस में 17 नवंबर की शाम हुई बैठक में नया मीडिया से जुड़े समाज के विभिन्न व्यवसायों एवं क्षेत्रों से आने वाले बुद्धिजीवियों की हुई बैठक में यह फैसला […] Read more »