राजनीति दो नेताओं की सजह मुलाकात या राजनीतिक पाप ? September 29, 2020 / September 29, 2020 by निरंजन परिहार | Leave a Comment -निरंजन परिहार चार महीने से आप, हम और सारा संसार एक अभिनेता के अकाल अवसान की जांच का तमाशा देखने को अभिशप्त हैं ही न। ये जो राजनीति के निहितार्थ होते हैं, वे इसी तरह के तत्वों में तलाशे जा सकते हैं। लेकिन राजनीति में जो दिखता है, वह होता नहीं। और जो कहा जाता है, […] Read more » fadnavis and sanjay raut meeting of fadnavis and sanjay raut Two leaders met or political sin? देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना के संजय राऊत सुशांत सिंह राजपूत की मौत का रहस्य
आर्थिकी राजनीति विधि-कानून नए श्रम क़ानूनों के लागू होने से देश के आर्थिक विकास को लग सकते हैं पंख September 29, 2020 / September 29, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment किसी भी संस्थान की सफलता में उसके मज़दूरों एवं कर्मचारियों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहता है। बिना मज़दूरों एवं कर्मचारियों के सहयोग के कोई भी संस्थान सफलता पूर्वक आगे नहीं बढ़ सकता। इसीलिए संस्थानों में कार्य कर रहे मज़दूरों एवं कर्मचारियों को “मज़दूर/कर्मचारी शक्ति” की संज्ञा दी गई है। हमारे देश में दुर्भाग्य से […] Read more » Bonus Payment Act and Equal Remuneration Act Minimum Wages Act The implementation of new labor laws may give wings to the economic development of the country. Wage Payment Act न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम बोनस भुगतान अधिनियम एवं समान पारिश्रमिक अधिनियम मज़दूरी बिल कोड 2019 मज़दूरी भुगतान अधिनियम
राजनीति भारत में सर्व समावेशी विकास से ही तेज़ आर्थिक प्रगति सम्भव September 26, 2020 / September 26, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक गतिविधियों का महत्व पूरे विश्व में बढ़ता ही जा रहा है। आचार्य चाणक्य ने भी कहा है “सुखस्य मूलम धर्म:, धर्मस्य मूलम अर्थ:” अर्थात राष्ट्र जीवन में समाज के सर्वांगीण उन्नति का विचार करते समय अर्थ आयाम का चिंतन भी अपरिहार्य रूप से किया जाना चाहिये। भारतीय दर्शन के अनुसार अर्थ एक […] Read more » Rapid economic progress is possible only with all-inclusive development in India भारत में सर्व समावेशी विकास
राजनीति विधि-कानून सियासत ने ‘कृषि बिल’ को बना दिया ‘मदारी का खेल ? September 25, 2020 / September 25, 2020 by प्रभुनाथ शुक्ल | 1 Comment on सियासत ने ‘कृषि बिल’ को बना दिया ‘मदारी का खेल ? प्रभुनाथ शुक्ल केंद्र सरकार की तरफ़ से कृषि सुधार पर लाया गया बिल सत्ता और विपक्ष की राजनीति में ‘मंदारी और सपेरे’ का खेल बन गया है। सरकार ने बीन बजाई और उसकी झोली […] Read more » कृषि बिल
राजनीति जिन्ना का बाप यदि धर्म परिवर्तन कर धर्म के साथ गद्दारी ना करता तो वह भी राष्ट्र के साथ भी गद्दारी ना करता September 25, 2020 / September 25, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment वीर सावरकर जी कहा करते थे कि धर्मांतरण से मर्मान्तरण और मर्मांतरण से राष्ट्रांतरण होता है। इसलिए धर्मांतरण अपने आपमें एक बहुत बड़ी बीमारी है ।धर्म परिवर्तन व्यक्ति के मर्म का परिवर्तन कर देता है और वही व्यक्ति समय आने पर राष्ट्रद्रोही होकर राष्ट्र के विभाजन की मांग करने लगता है । यदि इस बात […] Read more » धर्म परिवर्तन धर्मांतरण से मर्मान्तरण मर्मांतरण से राष्ट्रांतरण
राजनीति शख्सियत पत्रकारिता में शुचिता, नैतिकता और आदर्श के हामी दीनदयालजी September 24, 2020 / September 24, 2020 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – लोकेन्द्र सिंह (पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती विशेष – 25 सितम्बर) पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजनीतिज्ञ, चिंतक और विचारक के साथ ही कुशल संचारक और पत्रकार भी थे। उनके पत्रकार-व्यक्तित्व पर उतना प्रकाश नहीं डाला गया है, जितना कि आदर्श पत्रकारिता में उनका योगदान है। उनको सही मायनों में राष्ट्रीय पत्रकारिता का पुरोधा कहा जा सकता है। उन्होंने देश में उस […] Read more » deendayal ji incorporated ethics and ideal in journalism Deendayalji accepted the purity दीनदयाल उपाध्याय जयंती विशेष – 25 सितम्बर) दीनदयालजी
राजनीति विधि-कानून वरदान हैं नए कृषि कानून September 24, 2020 / September 24, 2020 by श्याम सुंदर भाटिया | Leave a Comment श्याम सुंदर भाटिया काश्तकारों ने नए कानूनों को लेकर पदमश्री श्री भारत भूषण त्यागी से उनका नजरिया जाना हालांकि पदमश्री की राय इन कानूनों की मुखालफत करने वालों से एकदम जुदा है। उन्होंने इन कानून को किसानों के लिए वरदान बताते हुए कहा, ये महज कानून ही नहीं बल्कि किसान भाइयों के लिए स्वर्णिम द्वार […] Read more » कृषि कानून
राजनीति शख्सियत दीनदयाल उपाध्याय: राजनीति में संस्कृति के राजदूत September 24, 2020 / September 24, 2020 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment – डॉ. पवन सिंह मलिक आप देश की सबसे बड़ी नौकरी (भारतीय प्रशासनिक सेवा) के लिए साक्षात्कार देने आये हैं। क्या आपको पता नहीं था कि साक्षात्कार के लिए सूट पहनना अनिवार्य है? जी श्रीमान मैं यह जानता हूँ। लेकिन इस नौकरी के माध्यम से मैं जिस राष्ट्र की सेवा करना चाहता हूँ, वहां के अस्सी प्रतिशत […] Read more » Ambassador of Culture in Politics Deendayal Upadhyay Deendayal Upadhyay Ambassador of Culture in Politics दीनदयाल उपाध्याय राजनीति में संस्कृति के राजदूत
राजनीति व्यंग्य चतुरी चाची और पगला राजकुमार September 24, 2020 / September 24, 2020 by वीरेन्द्र परमार | Leave a Comment आर्यावर्त नामक एक लोकतांत्रिक चरागाह थी I वहाँ खूब हरी- हरी घास उगती थी I इस चरागाह में अभिव्यक्ति की आज़ादी थी जिसका उपयोग करते हुए कोई भी पागल, दिवालिया अथवा बौद्धिक कब्ज का मरीज किसी को गाली दे सकता था, बिना साक्ष्य के किसी पर भी कोई आरोप लगाया सकता था, कींचड़ उछालकर किसी […] Read more » sattirical article on sonia gandhi चतुरी चाची और पगला राजकुमार
राजनीति किसान विधेयकों पर व्यर्थ का टकराव September 23, 2020 / September 23, 2020 by ललित गर्ग | 1 Comment on किसान विधेयकों पर व्यर्थ का टकराव ललित गर्ग राज्यसभा में विपक्ष द्वारा कृषि विधेयकों के विरोध प्रकट करने का असंसदीय एवं आक्रामक तरीका, सत्तापक्ष एवं विपक्ष के बीच तकरार, आठ सांसदों का निलंबन और इन स्थितियों से उत्पन्न संसदीय गतिरोध लोकतंत्र की गरिमा को धुंधलाने वाले हंै। अपने विरोध को विराट बनाने के लिये सार्थक बहस की बजाय शोर-शराबा और नारेबाजी […] Read more » Futile confrontation on farmers bills किसान विधेयकों पर व्यर्थ का टकराव
राजनीति एकात्म मानववाद के प्रवर्त्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय September 23, 2020 / September 23, 2020 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment –अशोक “प्रवृद्ध” एक प्रखर विचारक, उत्कृष्ट संगठनकर्ता तथा जीवनपर्यंन्त अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी व सत्यनिष्ठा को अत्यधिक महत्त्व देते हुए उस पर सदा आरूढ़ रहने वाले भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय (जन्म – 25 सितम्बर 1916– मृत्यु 11 फ़रवरी 1968) भारतीय जनता पार्टी के लिए न केवल वैचारिक मार्गदर्शन और नैतिक प्रेरणा के स्रोत […] Read more » Deendayal Upadhyay एकात्म मानववाद के प्रवर्त्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय
राजनीति लेख क्या भारत की अपेक्षाओं पर खरा उतरती है मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति ? September 23, 2020 / September 23, 2020 by राकेश कुमार आर्य | 2 Comments on क्या भारत की अपेक्षाओं पर खरा उतरती है मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति ? केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी नई शिक्षा नीति लागू कर दी है । इस शिक्षा नीति पर अनेकों शिक्षाशास्त्रियों, समाजशास्त्रियों, विद्वानों और मनीषियों ने अपने-अपने ढंग से लिखा है । अनेकों विद्वानों ने इसके समर्थन में लिखा है तो कुछ ने इसकी आलोचना की है ।वास्तव में किसी भी देश की शिक्षा नीति उसके […] Read more » Does the new education policy of the Modi government meet India expectations new education policy मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति