राजनीति शिवराजसिंह सरकार के दमदार दस वर्ष November 27, 2015 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार शिवराजसिंह की ख्याति देश के लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में है, यह बात सर्वविदित है लेकिन शिवराजसिंह चौहान की लोकप्रियता क्यों है, इस पर विचार करना जरूरी होता है। उनके पक्ष में सबसे पहले तो यह बात जाती है कि उन्होंने मध्यप्रदेश को स्थायी सरकार और निर्विवाद नेतृत्व दिया, इस पर कोई दो मत नहीं […] Read more » Featured शिवराजसिंह
जन-जागरण जरूर पढ़ें राजनीति आमिर का अपने बयान पर कायम होने का अर्थ November 26, 2015 / November 26, 2015 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. निवेदिता शर्मा आखिर दो दिन के अंतराल के बाद आमिर खान ने अपने बयान पर सफाई दी है, पर अभी भी वे इस बात पर डटे हुए हैं कि देश में असहिष्णुता का माहौल कायम है या बढ़ रहा है। इस पर हद तो यह है कि उनके समर्थन में संगीतकार ए.आर. रहमान से […] Read more » Featured आमिर अपने बयान पर कायम आमिर का अपने बयान पर कायम होने का अर्थ
राजनीति व्यंग्य साहित्य नंदू मैंने सपना देखा …. November 25, 2015 by अशोक गौतम | Leave a Comment कल फिर बिन दाल के चपाती खा सोया तो एकदम नींद आ गई। नींद भी इतनी गहरी जितनी बहुधा नेताओं को चुनाव के बाद आती है, चाहे वे हारें हों या वे जीते। नींद आते ही मैंने पहली बार सपना देखा। सपने में देखा कि कभी बीवी से न जीतने वाला अपने देश में चुनाव […] Read more » नंदू मैंने सपना देखा ....
राजनीति व्यंग्य किस्सा-ए-कम्युनिस्ट November 25, 2015 / November 28, 2015 by शिवेन्दु राय | Leave a Comment लेखक:- शिवेन्दु राय कम्यूनिज्म तथा कम्यूनिस्टों के बारे में मुझे सबसे पहले अपने गाँव जमुआंव से ही पता चला था | उस दौर में भूमिहारों के घर कांग्रेसी या भाजपाई पैदा होते थे, डर के मारे कुछ लोग या यूँ कह सकते है कि ब्राह्मणों के चक्कर में भी राष्ट्रीय जनता दल यानि लालू जी […] Read more » Featured किस्सा-ए-कम्युनिस्ट
राजनीति साक्षात्कार काजी जी क्यों दुबले हुए शहर के अंदेशे में- लक्ष्मीकांत वाजपेयी November 25, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment संतों की पिटाई के मामले में बीजेपी करेगी सात दिन का धरना यूपी में बीजेपी के मुकाबले में कोई नहीं है- लक्ष्मीकांत वाजपेयी लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करके भले ही भाजपा ने केंद्र में सरकार बना ली हो लेकिन विकास का वो दावा याद करके आज जनता का जहन खटास से भर गया है. […] Read more » Featured काजी जी क्यों दुबले हुए शहर के अंदेशे में- लक्ष्मीकांत वाजपेयी
राजनीति आतंक के लिए मजहब की ओट November 25, 2015 / November 25, 2015 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एसियान’ सम्मेलन में बड़े पते की बात कह दी है। उन्होंने कहा है कि आतंकवाद को किसी भी मजहब (धर्म−रिलीजन) के साथ न जोड़ा जाए। उसे सारी मानवता का दुश्मन समझा जाए। यह सबसे बड़ा सत्य है लेकिन दुनिया के नेतागण और आम लोग भी इस सत्य को समझने की कोशिश […] Read more » आतंक आतंक के लिए मजहब की ओट
राजनीति प्रदेश का बनता बिगड़ता राजनैतिक वातावरण November 25, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद व नीतिश कुमार के पांचवी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी व भाजपा विरोधी दलां व नेताओं को आस बंधी थी कि अब इस प्रकार का प्रयोग पूरे भारत में दोहराकर पीएम मोदी के सभी सपनों को चकनाचूर कर दंगे। लेकिन अभी यह […] Read more » Featured राजनैतिक वातावरण
राजनीति व्यंग्य रूसी भाषा में शपथ लूं, तो चलेगा? November 23, 2015 / December 7, 2015 by अशोक मिश्र | 2 Comments on रूसी भाषा में शपथ लूं, तो चलेगा? -अशोक मिश्र बंगाल में बड़े भाई को कहा जाता है दादा। ऐसा मैंने सुना है। उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में दादा पिताजी के बड़े भाई को कहते हैं। बड़े भाई के लिए शब्द ‘दद्दा’ प्रचलित है। समय, काल और परिस्थितियों के हिसाब से शब्दों के अर्थ बदलते रहते हैं। आज दादा का मतलब क्या […] Read more » Featured रूसी भाषा में शपथ
राजनीति नीतीश को ताज, लालू को राज November 22, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | 1 Comment on नीतीश को ताज, लालू को राज (समापन किश्त) ४. नीतीश की छवि — अभीतक नीतीश कुमार की छवि एक साफ-सुथरे और ईमानदार प्रशासक की रही है। उनके द्वारा मनोनीत मुख्यमंत्री जीतन राम के बड़बोलेपन से बिहार का बुद्धिजीवी वर्ग प्रसन्न नहीं था। जीतन राम को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनने की घटना को बिहार के बाहर नीतीश की सत्तालोलूपता के रूप में […] Read more » Featured नीतीश को ताज लालू को राज
राजनीति नीतिश को ताज, लालू को राज (पहला क़िस्त) November 22, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment (दो किश्तों में समाप्य) (१) दिवाली और छठ मनाने के लिए मैं करीब १२ दिन बिहार के सिवान जिले में स्थित अपने गांव, बाल बंगरा (महाराजगंज) में रहा। इस प्रवास का उपयोग मैंने बिहार-चुनाव के परिणामों के अध्ययन और समीक्षा के लिए किया। इस दौरान मैंने अलग-अलग तबकों के सैकड़ों लोगों और चुनाव में सक्रिय […] Read more » Featured नीतिश को ताज लालू को राज
राजनीति नीतीश को कमजोर करके भी चूक गए लालू प्रसाद November 22, 2015 by संजय स्वदेश | Leave a Comment संजय स्वदेश समय से पहले और जरूरत से ज्यादा अगर कोई जिम्ममेदारी किसी को सौंपी जाती है तो सिर्फ चमत्कार से ही सफलता की उम्मीद करनी चाहिए। लालू के दोनों लाल तेजस्वी और तेज प्रताप पर भी यही बात लागू होती है। राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखने वाले बुढ़े बुजुर्ग जानते होंगे कि लालू प्रसाद […] Read more » Featured लालू प्रसाद
कविता राजनीति साहित्य आज की हालत November 20, 2015 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on आज की हालत डा. राधेश्याम द्विवेदी ’नवीन’ कोई गांधी की दुहाई देता कोई अम्बेडकर की , कोई लोहिया का फालोवर है कोई सरियत की। पर इन्सान में इन्सानिसत ढ़ूढ़े नहीं मिलती , अपने मन की सभी करते न फिकर औरों की।। शायद ही कोई कांग्रेसी गांधी को दिल से माने , शायद ही कोई मुस्लिम नारी को अपने […] Read more » Featured आज की हालत