राजनीति गठबंधन की राजनीति का दौर है July 5, 2013 / July 5, 2013 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment गठबंधन की राजनीति का दौर है -किसी एक व्यक्ति या पार्टी की विचारधारा नहीं चलेगी … ! ज्यों-ज्यों आगामी लोकसभा चुनाव के दिन नज़दीक आने लगे हैं, भारतीय राजनीति में सत्ता के दलालों के दिल्-दिमाग कसमसाने लगे हैं .संघ परिवार और उसकी आनुषांगिक -राजनैतिक इकाई भाजपा ने जब नरेन्द्र मोदी रुपी तुरुप के पत्ते […] Read more » गठबंधन की राजनीति का दौर है
राजनीति यूपीः मुस्लिम वोटों के लिये कांग्रेस की कसरत July 3, 2013 / July 3, 2013 by संजय सक्सेना | 1 Comment on यूपीः मुस्लिम वोटों के लिये कांग्रेस की कसरत उत्तर प्रदेश में 18 व 49 प्रतिशत मुस्लिम(एम) वोटों को हासिल करने के लिये हाथ पैर मार रही कांग्रेस के सामने समाजवादी पार्टी रोड़ा बनकर खड़ी है। पहले तीन बार मुलायम और 2012 में मुस्लिम वोटों के सहारे सत्ता की सीढि़या चढ़ने वाले अखिलेश यादव का मुसलमान मजबूती के साथ हाथ पकड़े हैं।कांग्रेस मुसलमानों के […] Read more » यूपीःमुस्लिम वोटों के लिये कांग्रेस की कसरत
राजनीति भारतीय राजनीति में संक्रामक रोग ”सेक्यूलराइटिस” July 2, 2013 / July 2, 2013 by राजकुमार(कमलज्योति) | Leave a Comment राज कुमार उत्तर भारत के देवभूमि में प्राकृतिक आपदा ने जब लोगों के दिलों को हिलाकर रख दिया है। इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा के रूप में भी देखा जा रहा है। तब दूसरी तरफ भारतीय राजनीति में भी उठापटक तेज है, जब उत्तराखण्ड में तबाही मच रही थी उसी समय राजनैतिक पक्ष राजग में […] Read more » सेक्यूलराइटिस
राजनीति भाजपा की नज़र भी मुस्लिम वोट बैंक पर July 1, 2013 / July 1, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 11 Comments on भाजपा की नज़र भी मुस्लिम वोट बैंक पर इक़बाल हिंदुस्तानी हिंदूवादी सोच छोड़े बिना उसको मुसलमान स्वीकार नहीं करेगा! वोटबैंक की राजनीति का लगातार विरोध करने वाली भाजपा की नज़र भी मुस्लिम वोट बैंक पर गड़ चुकी है। मिशन 2014 को सामने रखकर उसने भी अल्पसंख्यकों विशेषरूप से मुसलमानों को अपने साथ जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी अध्यक्ष राजनानथ सिंह […] Read more » भाजपा की नज़र भी मुस्लिम वोट बैंक पर
राजनीति राजेन्द्र यादव, सलमा और माओवाद June 29, 2013 / July 19, 2013 by राजीव रंजन प्रसाद | 2 Comments on राजेन्द्र यादव, सलमा और माओवाद राजीव रंजन प्रसाद हंस का जुलाई अंक पढा। संपादकीय पढने के बाद लगा कि रिटायरमेंट की एक उम्र तय होनी चाहिये। छोडि़ये, सचिन ही कब रिटायर होना चाहते हैं तो राजेन्द्र यादव की पारी भी जारी रहे। चर्चा पर उतरने से पहले राजेन्द्र यादव के बस्तर विषयक ज्ञान की गहरायी को उनके ही शब्दों में […] Read more » माओवाद राजेन्द्र यादव सलमा
राजनीति आपदा पर सियासत एक निंदनीय कृत्य June 26, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 1 Comment on आपदा पर सियासत एक निंदनीय कृत्य उत्तराखंड में आये भीषण सैलाब में अब तक ५००० से अधिक लोगों के मरने की आशंका व्यक्त की जा रही है । हांलाकि जहां तक राज्य सरकार के आंकड़ों का प्रश्न हैं तो सरकार ने मात्र ६८० लोगों के मरने की पुष्टि की है । इस पूरी घटना की भयावहता को यदि गौर से देखें […] Read more » आपदा पर सियासत एक निंदनीय कृत्य
राजनीति तेलंगाना छोटा राज्य, बड़ा खतरा June 24, 2013 / June 24, 2013 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on तेलंगाना छोटा राज्य, बड़ा खतरा पृथक तेलंगाना राज्य के अस्तित्व पर केंद्र सरकार चार साल बाद भी अजमंजस में है। क्योंकि चार साल पहले इसी केंद्र सरकार ने तेलंगाना नाम के स्वंतत्र राज्य के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की सार्वजानिक घोषणा करते हुए इस दिशा में कारगर पहल करने का भरोसा आंदोलनकारियों को दिया था। दरअसल,आध्रंप्रदेश के पिछले विधानसभा […] Read more » तेलंगाना छोटा राज्य बड़ा खतरा
राजनीति आ! तीसरा मोर नचा = तीसरा मोर्चा June 24, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on आ! तीसरा मोर नचा = तीसरा मोर्चा आ! तीसरा मोर नचा तीसरा= मोर्चा लोकतंत्र में प्रमुख रूप से सर्वदलीय व्यवस्था होती है। इसमें एक सत्तापक्ष होता है तो दूसरा विशेष पक्ष, अर्थात वह पक्ष जो सत्तापक्ष की नीतियों की विशेष पड़ताल करे और राष्ट्रहित में यथावश्यक संशोधन प्रस्तुत कर नीति या किसी विधेयक को राष्ट्रोचित बनाने में विशेष सहयोग करे। स्वस्थ लोकतंत्र […] Read more »
राजनीति सिद्धांत, शिष्टाचार और अवसरवादी-राजनीति June 24, 2013 / June 24, 2013 by राजीव गुप्ता | 3 Comments on सिद्धांत, शिष्टाचार और अवसरवादी-राजनीति भारत की गठबन्धन-राजनीति के गलियारों मे अक्सर ‘गठबन्धन की मजबूरी’ का जुमला सुनने को मिल ही जाता हैं। इस जुमले का सहारा लेकर आये दिन राजनेता गंभीरतम बातों की भी हवा निकाल देते है। अब सवाल यह उठता है कि क्या गठबन्धन किसी सिद्धांत पर बनाये जाते है अथवा सत्ता का स्वाद चखने हेतु समझौते […] Read more » शिष्टाचार और अवसरवादी-राजनीति सिद्धांत
राजनीति नमो का कांग्रेस मुक्त भारत: अर्थ बहु आयामी, बहु प्रतीक्षित हैं! June 21, 2013 by प्रवीण गुगनानी | 5 Comments on नमो का कांग्रेस मुक्त भारत: अर्थ बहु आयामी, बहु प्रतीक्षित हैं! भारतीय जनता पार्टी के गोवा सम्मेलन में नरेन्द्र मोदी ने जब चुनाव समिति के अध्यक्ष बननें का अश्वमेघ अनुष्ठान सफलता पूर्ण संपन्न किया तब उन्होंने कहा कि वे “ विश्वास को फलीभूत करेंगे और कांग्रेस मुक्त भारत का निर्माण करेंगे.” राजनीति में या सार्वजनिक जीवन में कई अवसर ऐसे आते हैं और समाज या […] Read more » नमो का कांग्रेस मुक्त भारत: अर्थ बहु आयामी बहु प्रतीक्षित हैं!
राजनीति अवसरवाद की राजनीति June 21, 2013 by अरविंद जयतिलक | 2 Comments on अवसरवाद की राजनीति जनता दल (यू) और भाजपा के डेढ़ दशक पुराने रिश्ते का टुटना किसी सैद्धांतिक विचारधारा के टकराव का नतीजा नहीं बल्कि अवसरवादी राजनीति का फलसफा है। बेशक हर राजनीतिक दल की तरह जनता दल (यू) को भी नए समीकरण गढ़ने-बुनने का अधिकार है। लेकिन उसके द्वारा राजग से अलग होने के जिन कारणों को गिनाया […] Read more » अवसरवाद की राजनीति
राजनीति RSS आतंकवादी , तो नहेरु क्या है ? ( तस्वीर बोलती है ) June 20, 2013 / June 20, 2013 by एल. आर गान्धी | Leave a Comment “ कॉंग्रेस की सरकार ने RSS को आतंकवादी संघटन ही कहा है मगर कॉंग्रेस सरकार के वर्तमान शासक भूल गए है की इस कॉंग्रेस के दादाजी याने पंडित जवाहरलाल नहेरु भी RSS के कार्यकर थे यकीन नहीं आता है तो ये तस्वीर देख लो | “ * RSS ( आतंकी संगठन ) मे नहेरु ? “ कॉंग्रेस की नजर से अगर ये RSS आतंकवादी […] Read more » RSS आतंकवादी