Category: समाज

समाज

शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती

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ब्रह्मानंद राजपूत, शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता हैकिसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्यदेवो भवः यानी कि शिक्षक या आचार्य ईश्वर के समान होता है। यह दर्जा एक शिक्षक को उसके द्वारा समाज में दिए गए योगदानों के बदले स्वरुप दिया जाता है। शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई अध्यापक या टीचर कहता है ये सभी शब्द एक ऐसे व्यक्ति को चित्रित करते हैं, जो सभी को ज्ञान देता है, सिखाता है और जिसका योगदान किसी भी देश या राष्ट्र के […]

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धर्म-अध्यात्म समाज

कृष्ण जन्माष्टमी की देश में मची धूम

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डा- राधेश्याम द्विवेदी श्रीकृष्ण भक्ति में रासलीला एक लोकप्रिय साधन डा. राधेश्याम द्विवेदी श्रीकृष्ण भारत की पुण्य भूमि में अवतरित हुये थे। वे भगवान विष्णु के 8वें अवतार और हिन्दू धर्म के ईष्ट ईश्वर हैं। कन्हैया, श्याम, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। वह निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श […]

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