समाज वर्तमान ह्रदयहीन शिक्षा प्रणाली और महिला उत्पीड़न December 5, 2019 / December 5, 2019 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हैदराबाद में एक महिला के साथ हुए बलात्कार के प्रकरण ने देश को एक बार फिर सोचने के लिए बाध्य कर दिया है कि हम 21वीं सदी में रहकर भी महिलाओं के प्रति कितने अधिक बर्बर होते जा रहे हैं ? यद्यपि हम अपने आप को ‘सभ्य समाज ‘ का एक व्यक्ति होने का दंभ […] Read more » female oppression The current heartless education system महिला उत्पीड़न वर्तमान ह्रदयहीन शिक्षा प्रणाली
लेख समाज हैदराबाद : यह “काण्ड” नही कई सवालों से रूबरू होने का “मुकाम” है December 5, 2019 / December 5, 2019 by अनिल अनूप | Leave a Comment – अनिल अनूप हैदराबाद में भी ‘निर्भया कांड’ को लेकर देश आंदोलित है. इस बार भी ‘निर्भया’ सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई और उसे जला कर मार दिया गया. रांची में भी ‘निर्भया’ का केस सामने आया है. उसका भी त्रासद अंत इस देश ने देखा-सुना और पढ़ा है बेटियां लगातार दरिंदों की हवस का […] Read more » दिल्ली गैंग रेप निर्भया प्रियंका रेड्डी प्रियंका रेड्डी के रेप के वीडियो बलात्कार यौन दुष्कर्म की नई परिभाषा सामूहिक रेप और दर्दनाक हत्या हैदराबाद में भी ‘निर्भया कांड’
समाज खुदकुशी का बढ़ता दायरा एवं त्रासद तस्वीर December 5, 2019 / December 5, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग इन्दिरापुरम के वैभव खण्ड की कृष्णा अपरा सफायर सोसायटी में रहने वाले कपड़ा (जींस ) व्यापारी गुलशन वासुदेव ने अपने दो बच्चों की हत्या कर पत्नी सहित दो महिलाओं के साथ आत्महत्या कर ली। यह आत्महत्या की खबर तथाकथित समाज विकास की विडम्बनापूर्ण एवं त्रासद तस्वीर को बयां करती है। इस […] Read more » Increasing scope and tragic picture of suicide tragic picture of suicide खुदकुशी
लेख समाज भारतीय सामाजिकता का नया समय December 5, 2019 / December 5, 2019 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो. संजय द्विवेदी हमारे सामाजिक विमर्श में इन दिनों भारतीयता और उसकी पहचान को लेकर बहुत बातचीत हो रही है। वर्तमान समय ‘भारतीय अस्मिता’ के जागरण का समय है। जबकि यह ‘भारतीयता के पुर्नजागरण’ का भी समय है। ‘हिंदु’ कहते ही उसे दूसरे पंथों के समकक्ष रख दिए जाने के खतरे के नाते, मैं ‘हिंदु’ के स्थान पर ‘भारतीय’ शब्दपद का उपयोग कर रहा हूं। इसका […] Read more » indian nationalism New time of indian sociality भारतीय सामाजिकता भारतीयता वर्णव्यवस्था और जाति सांस्कृतिक अवधारणा से बना राष्ट्र स्वातंत्र्य वीर सावरकर
लेख समाज भारतीय संस्कृति के अतित पर भारी पड़ रहा है वर्तमान का बलात्कार ! December 4, 2019 / December 4, 2019 by मुरली मनोहर श्रीवास्तव | Leave a Comment मुरली मनोहर श्रीवास्तव बलात्कार, जिसे सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सुनकर हैवानियत मानों किसी अबला के दर्द का ऐहसास कराने लगता है। बलात्कार एक मानसिकता है, वर्ना जिस अज्ञान बालिका को इसका “ब” भी नहीं मालूम हैवान उसको भी अपना कोपभाजन बनाने से बाज नहीं आते। लानत है तेरी मर्दानगी पर, अगर इसे […] Read more » increasing rape and murder cases POSCO protect women and child against rape Rape and murder heinious crime द प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन अगेन्स्ट सेक्शुअल ऑफेन्सिस एक्ट भारतीय संस्कृति में बलात्कार नया दागः
महिला-जगत समाज आखिर कब तक प्रियंका रेड्डी जैसी महिलाओं की आबरुह और जान से खेलते रहेंगे दरिदे…? December 4, 2019 / December 4, 2019 by शिवदेव आर्य | Leave a Comment – शिवदेव आर्य देश के कुछ अमानवीय कृत्यों को देखकर किस सहृदय व्यक्ति की अश्रुधार प्रवाहित न होगी? हमारा देश एक ऐसे देश के नाम से जाना जाता है जो सदा परस्पर सौहार्द, प्रेम व सहयोग के भावों को जागता रहा है किन्तु देश की वर्तमान दुर्दशा को देखकर अत्यन्त वेदना होती है कि क्या हमारे देश की […] Read more » muslims in rape rape and murder by muslims rape and murder case कुकृत्यों के लिए कठोरात्मक दण्डव्यवस्था डॉ. प्रियंका रेड्डी दामिनी निर्भया बलात्कार के प्रथम दोषी मुस्लिम
राजनीति समाज हैवानियत का सिलसिला December 3, 2019 / December 3, 2019 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक हैदराबाद में महिला डाॅक्टर की दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या और शव को जलाने की घटना ने देश उद्वेलित और मर्माहत है। यह घटना 2012 के उस निर्भया कांड की याद दिला दी है जब देश उबल पड़ा था। आज भी सड़के से लेकर सोशल मीडिया पर वैसा ही उबाल है। तब केंद्र […] Read more » hyderabad dr. rape and murder case निर्भया कांड महिला अत्याचार विरोधी निर्भया कानून हैदराबाद में महिला डाॅक्टर दुष्कर्म
शख्सियत समाज आजाद भारत के पहले सन्यासी सांसद थे स्वामी ब्रह्मानंद जी December 3, 2019 / December 3, 2019 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment · बुंदेलखंड की अशिक्षा एवं पिछड़ेपन को दूर करने के लिए स्वामी ब्रह्मानंद जी का अहम् योगदान रहा · देश की आजादी और शिक्षा के क्षेत्र में अहम् योगदान रहा परमपूज्य स्वामी ब्रह्मानंद जी का स्वामी ब्रह्मानंद का व्यक्तित्व महान था। उन्होंने समाज सुधार के लिए काफी कार्य किए। देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने जहां स्वयं […] Read more » परमपूज्य स्वामी ब्रह्मानंद जी
समाज और कितनी निर्भयाएं कब तक नौंची जाएंगी? December 1, 2019 / December 1, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:-समूचा राष्ट्र रांची और हैदराबाद में हुए दो जघन्य, वीभत्स एवं दरिन्दगीपूर्ण सामूहिक बलात्कार कांड से न केवल अशांत है बल्कि कलंकित भी हुआ है। एक बार फिर नारी अस्मिता एवं अस्तित्व को नौंचने वाली इन घटनाओं ने हमें शर्मसार किया है। ये त्रासद घटनाएं बता रही हैं कि देश में लड़कियां अभी […] Read more » priyanka reddy case रांची और हैदराबाद में हुए दो जघन्य वीभत्स एवं दरिन्दगीपूर्ण सामूहिक बलात्कार कांड सामूहिक बलात्कार कांड
राजनीति शख्सियत समाज हिंदूराष्ट्र स्वप्नद्रष्टा : वीर बंदा बैरागी November 27, 2019 / November 27, 2019 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on हिंदूराष्ट्र स्वप्नद्रष्टा : वीर बंदा बैरागी ——————————————अध्याय — 11 ” वीर बनकर लड़ो “ जैसा कि हमारे अन्य कितने ही इतिहास पुरुषों के साथ अन्याय करते हुए इतिहासकारों ने उनके विषय में भ्रामक तथ्यों का समावेश भारतीय इतिहास में करने का पाप किया है , वैसा ही हमारे इस महानायक बंदा वीर बैरागी के बारे में भी किया गया है । […] Read more » veer banda bairagi वीर बंदा बैरागी हिंदूराष्ट्र स्वप्नद्रष्टा
समाज कल्याण दौड में भी आदिवासी बेचैन क्यों? November 25, 2019 / November 25, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग राजधानी दिल्ली में आदिवासी जनजीवन से जुड़ी संस्कृति का आदि महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 27 राज्यों के आदिवासियों की संस्कृति, जीवनशैली और भोजन की विविधता का प्रदर्शन करने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन किया। एक तरफ सरकार आदिवासी जनजीवन के लिये बेहतर जीवन देने, उनके अधिकारों की […] Read more » आदिवासी
समाज सन्तान के जीवन में माता-पिता का स्थान स्वर्ग से भी बढ़कर है November 25, 2019 / November 25, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य हम संसार में अपनी अपनी माता के गर्भ से उत्पन्न हुए हैं वा हमने अपनी माता से जन्म लिया है। यदि माता न हो तो हम अपने जन्म की कल्पना भी नहीं कर सकते। परमात्मा ने इस सृष्टि को बनाया है और उसी ने इस माता-पुत्र से पवित्र सम्बन्ध को भी […] Read more » माता-पिता का स्थान