राजनीति समाज राम मंदिर अध्यादेश कैसा हो ? October 30, 2018 / October 30, 2018 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर के मामले को जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया है। जनवरी 2019 में वह फैसला दे देगा, ऐसा उसने नहीं कहा है। तीन महिने बाद वह उस बेंच का निर्माण करेगा, जो मंदिर-मस्जिद के मामले पर विचार करेगी। वह कौनसे मामले पर विचार करेगी ? इस […] Read more » धर्मशाला पुस्तकालय मस्जिद राम मंदिर अध्यादेश कैसा हो ? राष्ट्रीय स्वयंसेवकराम मंदिर संग्रहालय संघ
राजनीति समाज राम जन्मभूमि मंदिर – हिंदू समाज का धैर्य अब खत्म होता जा रहा है…. October 30, 2018 / October 30, 2018 by डॉ. मनीष कुमार | Leave a Comment डॉ मनीष कुमार सुप्रीम कोर्ट के महान जजो के लिए भले ही श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का मामला महत्वपूर्ण न हो. लेकिन, देश के करोड़ो हिंदू के लिए ये एक मुख्य मुद्दा है. जिसकी चर्चा हर घऱ में हो रही है. लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश हैं. कोर्ट भले ही इसे प्रार्थमिकता न दे […] Read more » अयोध्या इलाहाबाद हाईकोर्ट रामजन्मभूमि मंदिर सुप्रीम कोर्ट हिंदू समाज
महिला-जगत समाज महिलाओं के लिए ये कैसी लड़ाई जिसे महिलाओं का ही समर्थन नहीं October 29, 2018 / October 29, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॉ नीलम महेंद्र मनुष्य की आस्था ही वो शक्ति होती है जो उसे विषम से विषम परिस्थितियों से लड़कर विजयश्री हासिल करने की शक्ति देती है। जब उस आस्था पर ही प्रहार करने के प्रयास किए जाते हैं, तो प्रयास्कर्ता स्वयं आग से खेल रहा होता है। क्योंकि वह यह भूल जाता है कि जिस आस्था पर वो प्रहार कर […] Read more » अय्यपा न्यायालय बाबरी मस्जिद महिलाओं के लिए ये कैसी लड़ाई जिसे महिलाओं का ही समर्थन नहीं शनि शिंगणापुर सबरीमाला
समाज त्यौहारों की संस्कृति का धुंधलाना October 29, 2018 / October 29, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- दीपावली जैसे त्योहार के मौके पर खुशियों का इजहार करने के लिए बेहतर खानपान और रोशनी की सजावट से पैदा जगमग के अलावा कानफोडू पटाखों का सहारा लोगों को कुछ देर की खुशी तो दे सकता है, लेकिन उसका असर व्यापक होता है। पटाखों की आवाज और धुएं के पर्यावरण सहित लोगों की […] Read more » आकर्षित किया जीवन-मूल्यों राष्ट्रीय प्रेम संस्कृति एवं संस्कारों
समाज पटाखे फोड़ने के तय समय का व्यावहारिक पक्ष October 27, 2018 / October 27, 2018 by प्रमोद भार्गव | 4 Comments on पटाखे फोड़ने के तय समय का व्यावहारिक पक्ष प्रमोद भार्गव पटाखों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने अंतिम कानूनी स्थिति साफ कर दी है। न्यायालय ने अपने फैसले में लोगों की भावनाएं और प्रकृति के बिगाड़ते पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने की कोशिश की है। उसने अपने आदेश में पूरे देश में पटाखों पर रोक लगाने से इंकार करके यह जता दिया है कि […] Read more » खनिज दिल्ली धातु धुएं पटाखे फोड़ने के तय समय का व्यावहारिक पक्ष राख और धूल सीपीबी
महिला-जगत समाज करवाचौथ व्रत नहीं भारत का उत्सव है अब October 27, 2018 / October 27, 2018 by विवेक कुमार पाठक | Leave a Comment विवेक कुमार पाठक आसमान से निकलने वाले धवल चांद को शायद इतनी कशिश और बेइंतहा प्यार के साथ किसी और दिन न देखा जाता होगा। वो चांद जो रात्रि की कालिमा में आसमान का इकलौता सम्राट है। एक साथ दुनिया भर की सौभाग्यवतियों से अर्घ्य पाता चंद्रमा आज के दिन इठलाता तो होगा। सूरज अगर […] Read more » करवाचौथ व्रत नहीं भारत का उत्सव है अब गहने जेवरात बेटियों किशोरियों रीति रिवाज साड़ियां हिन्दू संस्कार
समाज 75 साल की हुईं एंटीबायोटिक दवाएं October 27, 2018 / October 27, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव एंटीबाॅयोटिक दवाओं को लेकर अर्से से जताई जा रही चिंता भले ही गंभीर रूप लेती जा रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि तमाम बीमारियों का रामबाण इलाज आज भी इन्हीं दवाओं से संभव हो पा रहा है। 75 साल पहले इन दवाओं का उत्पादन शुरू हुआ था। प्लेग जैसी महामारी से इन्हीं […] Read more » एंटीबाॅयोटिक एशियाई देशों जीवाणु विषाणु संक्रामक रोगियों
राजनीति समाज स्मृति ईरानी के साहस को सलाम October 26, 2018 / October 26, 2018 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री मंदिर की मर्यादा को लेकर उठे इस विवाद पर स्मृति ईरानी की टिप्पणी बहुत ही सार्थक कही जाएगी । मंदिर की मर्यादा पर सबसे पहली टिप्पणी तो उच्चतम न्यायालय की उस पीठ का हिस्सा रहीं न्यायमूर्ति मल्होत्रा की है जिसने बहुमत के निर्णय से अलग हट कर अपना अल्पमत का निर्णय […] Read more » महिलाएं साम्यवादी सरकार मंदिर स्मृति ईरानी के साहस को सलाम
समाज महिलाओं के लिए ये कैसी लड़ाई जिसे महिलाओं का ही समर्थन नहीं October 25, 2018 / October 25, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॉ नीलम महेंद्र मनुष्य की आस्था ही वो शक्ति होती है जो उसे विषम से विषम परिस्थितियों से लड़कर विजयश्री हासिल करने की शक्ति देती है। जब उस आस्था पर ही प्रहार करने के प्रयास किए जाते हैं, तो प्रयास्कर्ता स्वयं आग से खेल रहा होता है। क्योंकि वह यह भूल जाता है कि जिस आस्था पर वो प्रहार कर […] Read more » "गंगा जल अब सबरीमाला अर्बन नक्सलवाद न्यायालय महिलाओं शनि शिंगणापुर
धर्म-अध्यात्म समाज शरद पूर्णिमा का महत्व October 24, 2018 / October 24, 2018 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी शरद पूर्णिमा का महत्व डा. राधेश्याम द्विवेदी दीपावली से 15 दिन पहले दीपावली की तरह एक और महत्वपूर्ण शरद पूर्णिमा की रात आती है जिसका महत्व दीपावली से तनिक कम नहीं है। प्राचीन काल से शरद पूर्णिमा को बेहद महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इसी दिन से हेमंत ऋतु की शुरुआत होती […] Read more » कमल कलश दुर्वा धूप रद पूर्णिमा का महत्व श्रीकृष्ण मधुराष्टकम्श
राजनीति समाज महालानत! October 24, 2018 / October 24, 2018 by अभिलेख यादव | 1 Comment on महालानत! शिवशरण त्रिपाठी केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के कपाट पांच दिन खुले रहे पर देश की सर्वोच्च अदालत के आदेश के बावजूद १० से ५० साल तक किसी हिन्दू महिला को भगवान अयप्पा के दर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। वैसे तो कड़े विरोध के चलते सुरक्षा की दृष्टि से संशकित साधारण महिलायें तो […] Read more » पुरूष व महिला महालानत! मुख्य पुजारी कंदारू राजीवरू सुप्रीम कोर्ट
राजनीति समाज हादसे-मुआवज़े-आरोप-प्रत्यारोप और मानव जीवन October 24, 2018 / October 24, 2018 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयदशमी का जश्र मना रहे देशवासियों को एक बार फिर उस समय गहरा सदमा पहुंचा जबकि देश में चारों ओर से रावण दहन के समाचार आने के साथ-साथ अमृतसर के उस हादसे की दर्दनाक खबर सुनाई दी जिसमें कि रावण दहन देखने आए अनेक लोग तेज़ […] Read more » मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह मोटरसाईकल साईकल-रिक्शा स्कूटर हादसे-मुआवज़े-आरोप-प्रत्यारोप और मानव जीवन