राजनीति समाज तीन तलाक व हलाला से मुक्ति के अर्थ November 22, 2018 / November 22, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय मुस्लिम महिला समाज के लिए जो किया उस कार्य की आज तक किसी मुस्लिम पुरुष या महिला नेता ने कल्पना भी न की थी. मोदी सरकार ने सत्तर वर्षों से विभिन्न सरकारों द्वारा अनदेखी किये जा रहे इस मुद्दे पर अपनी दो टूक राय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी […] Read more » मुस्लिम बहनें मुस्लिम बहुविवाह मोदी सरकार संयुक्त राष्ट्र संघ सुप्रीम कोर्ट स्त्री खतना हलाला
राजनीति समाज पंजाब में भयंकर धमाके की राजनीति November 22, 2018 / November 22, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप पंजाब के अमृतसर स्थित निरंकारी भवन में 18 नवम्बर को बड़ा आतंकी हमला हुआ है. इस आतंकी वारदात में 3 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 8 लोग घायल बताये जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को दोपहर 12 बजे के करीब बाइक सवार तीन युवक निरंकारी भवन के गेट […] Read more » अमृतसर हादसे खालिस्तानी या कश्मीरी पंजाब सरकार बिक्रमजीत सिंह सुखबीर सिंह बादल
समाज सफल जीवन के लिये नई राहें बनाएं November 22, 2018 / November 22, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- धूप और छांव की तरह जीवन में कभी दुःख ज्यादा तो कभी सुख ज्यादा होते हैं। जिन्दगी की सोच का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि जिन्दगी में जितनी अधिक समस्याएं होती हैं, सफलताएं भी उतनी ही तेजी से कदमों को चुमती हैं। बिना समस्याओं के जीवन के कोई मायने नहीं हैं। समस्याएं […] Read more » ईष्र्या क्रोध घृणा भय मन मनुष्य वाणी शरीर सफल जीवन के लिये नई राहें बनाएं
राजनीति समाज हमें इसलिए अविरल गंगा November 21, 2018 / November 21, 2018 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अरुण तिवारी गंगा की अविरलता की मांग को पूरा कराने के लिए स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने अपने प्राण तक दांव पर लगा दिए। इसी मांग की पूर्ति के लिए युवा साधु गोपालदास आगे आये और अब इस लेख को लिखे जाने के वक्त तक मातृ सदन, हरिद्वार के सन्यासी आत्मबोधानन्द और पुण्यानंद उपवास पर डटे हैं। आखिर […] Read more » अलकनंदा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड खुले में शौच जलपुरुष राजेन्द्र सिंह नंदाकिनी पिंडर प्रदूषित भागीरथी मंदाकिनी श्री नितिन गडकरी हमें इसलिए अविरल गंगा
समाज “हमारे निमित्त से होने वाला वायु प्रदुषण हमारे परजन्म के सुखों में बाधक होंगे” November 19, 2018 / November 19, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य जीवन में यदि किसी भौतिक वस्तु का सबसे अधिक महत्व है तो वह वायु है। वायु हमारे जीवन का प्रमुख आधार है। हम श्वास-प्रश्वास में वायु का ही सेवन करते हैं। हमें श्वास लेने में शुद्ध वायु की आवश्यकता होती है और जब हम श्वास छोड़ते हैं तो अशुद्ध वायु या […] Read more » “हमारे निमित्त से होने वाला वायु प्रदुषण हमारे परजन्म के सुखों में बाधक होंगे” अण्डों अर्जुन आकृति कृष्ण जी दांतों की बनावट धूम्रपान भीष्म पितामह मधुमेह मानवीय बुद्धि मांसाहार हृदय
समाज क्यों बदहाल एवं उपेक्षित है बचपन? November 19, 2018 / November 19, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- संपूर्ण विश्व में ‘सार्वभौमिक बाल दिवस’ 20 नवंबर को मनाया गया। उल्लेखनीय है कि इस दिवस की स्थापना वर्ष 1954 में हुई थी। बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा बच्चों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।बच्चों का मौलिक अधिकार उन्हें प्रदान करना इस दिवस का प्रमुख […] Read more » कागज क्यों बदहाल एवं उपेक्षित है बचपन? पढ़ाई-लिखाई प्लास्टिक राजनीतिज्ञ लोहा शीशी समाज सरकार
समाज “विषाक्त हवा हमें मार रही है लेकिन हम बाहर नहीं जा सकते हैं” November 19, 2018 / November 19, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप “मेरी आंखों को चोट लगी है और मैं अपने रिक्शा को खींचते समय सांस लेने के लिए संघर्ष करता हूं। मेरा शरीर मुझे इससे बचने और दिल्ली के विषाक्त धुंध से भागने के लिए कहता है, लेकिन मुझे अपने परिवार के लिए कमाई करना है। मैं और कहाँ जाऊँगा? संजय कुमार कहते हैं, […] Read more » “विषाक्त हवा हमें मार रही है लेकिन हम बाहर नहीं जा सकते हैं” प्रदूषण
राजनीति विश्ववार्ता समाज विदेश में भारतीय युवाओं को निगलती बेरोजगारी November 19, 2018 / November 19, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव परदेश में जान जोखिम में डालकर रोजगार पाने वाले युवाओं की दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआई) ने सूचना के अधिकार के तहत हासिल की जानकारी में खुलासा किया है कि खाड़ी देशों से जो एक अरब डाॅलर भारत में आते हैं, उसके बदले में औसतन […] Read more » ओमान कतर कुवैत नया भारत पुरुष नौजवानों बदलता इंडिया विदेश में भारतीय युवाओं को निगलती बेरोजगारी शाइनिंग इंडिया सऊदी अरब
राजनीति समाज उर्दू के बगैर भारत बोध की परिकल्पना November 19, 2018 / November 19, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप सोनिया कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी का कहना है कि उर्दू के बिना भारत बोध की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उर्दू भारत की गंगा-यमुना तहजीब का प्रतीक है। तिवारी ने जो कहा है, वही नेहरू कहा करते थे। इसलिए तिवारी वस्तुतः नेहरू की सांस्कृतिक विरासत को ही ढो रहे […] Read more » उर्दू के बगैर भारत बोध की परिकल्पना औरंगजेब जहांगीर तुर्क पंजाबियों मराठों मुगल राजपूतों वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी सैयद सोनिया
समाज हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें November 19, 2018 / November 19, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- ‘दुर्घटना’ एक ऐसा शब्द है जिसे पढ़ते ही कुछ दृश्य आखों के सामने आ जाते हैं, जो भयावह होते हैं, त्रासद होते हैं, डरावने होते हैं। किस तरह लापरवाही एवं महंगी गाड़ियों को सड़कों पर तेज रफ्तार में चलाना एक फैशन बनता जा रहा है, उसकी ताजी एवं भयावह निष्पत्ति की दुर्घटना दिल्ली […] Read more » ड्राइवर शराबदिल्ली-एनसीआर प्रदूषण हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें
समाज प्रदूषण से त्राहिमाम November 17, 2018 / November 17, 2018 by डॉ. सौरभ मालवीय | 1 Comment on प्रदूषण से त्राहिमाम डॊ. सौरभ मालवीय हमारे देश में वायु प्रदूषण निरंतर बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण घातक स्तर तक पहुंच गया है। हाल में शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 दर्ज किया गया। इसी प्रकार वायु में घुले हुए अतिसूक्ष्म प्रदूषक कण पीएम 2.5 को 215 दर्ज किया गया, जो कि स्वास्थ्य […] Read more » 136 और कांगों के 12 674 890 बच्चे 987 नाइजीरिया के 47 पर्यावरण प्रदूषण पाकिस्तान के 21 प्रदूषण से त्राहिमाम भारत के 60 सुप्रीम कोर्ट
समाज मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो November 16, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग :- स्वतंत्र भारत में यह कैसा समाज बन रहा है, जिसमें करीब एक-तिहाई शादीशुदा महिलाएं पतियों से पिटती हैं। वडोदरा के गैर सरकारी संगठन ‘सहज’ और इक्वल मेजर्स 2030 के एक सर्वे के अनुसार 15 से 49 साल के आयु वर्ग की महिलाओं में से करीब 27 फीसदी घरेलू हिंसा बर्दाश्त करती आ […] Read more » आदतों कवयित्रि महादेवी वर्मा छेड़खानी दहेज बलात्कार भू्रण-हत्या महत्वाकांक्षाओं मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो वासनाओं वासनाओं एवं कट्टरताओं वृत्तियों शिव सत्य