राजनीति समाज स्वच्छता से होगा स्वस्थ्य भारत का नवनिर्माण June 29, 2018 / June 29, 2018 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत देश पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा हैं, जिसमें तरक्की की गगनचुम्भी इमारतों से लेकर सरपट दौड़ती बुलेट ट्रेन का स्वप्न, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के सहारे देशवासियों के लिए आधारभूत सुविधाओं को जुटाना, राष्ट्रीयता की स्थापना से लेकर आतंक से मुक्ति का महा मृत्युंजय मन्त्र भी जपा जा रहा है। […] Read more » Featured आतंक ऊँच -नीच जाति लिंगभेद धर्म पर्यावरण की पालतु जानवरों प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी शौच स्वच्छता से होगा स्वस्थ्य भारत का नवनिर्माण
राजनीति समाज रामायाण सर्किट का निर्णय एक सार्थक दिशा June 28, 2018 / June 28, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने देश में रामायण सर्किट बनाने की दिशा में पहल की है। यह राजनीति में नया सकारात्मक प्रचलन है जिससे हिन्दू पयर्टन को प्रोत्साहन मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी और उनकी सरकार न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि समूचे देश में […] Read more » Featured आध्यात्मिक-धार्मिक योगी आदित्यनाथ रामायाण सर्किट का निर्णय एक सार्थक दिशा श्रीराम हिंदू आस्था
राजनीति समाज देवी पूजक देश और महिला विरोधी देश का तमग़ा June 27, 2018 / June 27, 2018 by निर्मल रानी | 1 Comment on देवी पूजक देश और महिला विरोधी देश का तमग़ा निर्मल रानी ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’ जैसी कहावत न केवल हमारे देश की प्राचीन कहावतों में शामिल हैं बल्कि हमारा समाज बहुतायत में इस कहावत को चरितार्थ करता हुआ भी प्राय: दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की बातें करते तो सभी सुनाई देते हैं परंतु भारतीय पुरुष प्रधान […] Read more » Featured अफगानिस्तान अफगानिस्तान व पाकिस्तान अरब कांगो देवी पूजक देश और महिला विरोधी देश का तमग़ा पाकिस्तान यमन व नाईजीरिया सीरिया सोमालिया
राजनीति समाज सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयेंगे…. June 27, 2018 / June 27, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment देवेंद्रराज सुथार छोड़ो मेहंदी खडक संभालो, खुद ही अपना चीर बचा लो, द्यूत बिछाये बैठे शकुनि, मस्तक सब बिक जायेंगे, सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयेंगे। किसी कवि की उक्त पंक्तियां आधुनिक परिवेश में महिलाओं की हक़ीक़त बयां करने के लिए सटीक बैठती हैं। जो भारत कभी ”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” […] Read more » Featured अब गोविंद ना आयेंगे.... इंदिरा गांधी चाँद बीबी झांसी दुष्कर्म भारत महिलाओं र नूरजहां रजिया सुल्तान सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो सोनिया गांधी
समाज खूंटी सामूहिक बलात्कार के पीछे चर्च और नक्सलियों का खतरनाक गठजोड़ June 25, 2018 / June 25, 2018 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – लोकेन्द्र सिंह झारखंड के खूंटी जिले में पाँच महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं से सामूहिक बलात्कार और पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट एवं उन्हें पेशाब पिलाने का अत्यंत घृणित कृत्य सामने आया है। यह बहुत दु:खद और डरावनी घटना है। पीडि़त महिलाएं एवं पुरुष अनुसूचित जाति-जनजाति समाज से हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग […] Read more » Featured अनुसूचित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई कम्युनिस्ट-नक्सली का खतरनाक गठजोड़ खूंटी सामूहिक बलात्कार के पीछे चर्च और नक्सलियों छत्तीसगढ़ जाति-जनजाति झारखंड बिहार महाराष्ट्र और गुजरात
विश्ववार्ता समाज योग बनाम सभ्यताओं का संघर्ष June 25, 2018 / June 25, 2018 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment (21 जून योग दिवस पर विशेष) वीरेन्द्र सिंह परिहार तमाम बाधाओं को पारकर पूर्ण बहुमत से प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की सलाह दी थी। इसका समर्थन 177 से अधिक देशों ने किया, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और कनाडा जैसे देश थे। […] Read more » 46 मुस्लिम देशों Featured चीन और कनाडा प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र मोदी भारतीय शास्त्रों योग बनाम सभ्यताओं का संघर्ष संयुक्त राज्य अमेरिका
समाज योग: कर्मसु कौशलम् June 25, 2018 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक इकाई का वृहद ढांचा इस राष्ट्र के संस्कार और सचेतक समाज से हैं | विस्तृत धर्म ग्रन्थ और उपनिषद जो जीवन जीने की कलाओं के साथ संस्कारों के संरक्षण की गाथा कहते है। योग,जीवन जीने की इन्ही कलाओं में एक है। योग भारत में […] Read more » Featured चीन जापान जैन धर्म और हिंदू धर्म तिब्बत दक्षिण पूर्व एशिया और श्रीलंका प्रक्रिया और धारणा बौद्ध धर्म योग योग: कर्मसु कौशलम् शब्द श्रीकृष्ण स्वामी रामदेव
राजनीति समाज धूल में हवा होती फर्टिलिटी June 25, 2018 / June 25, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment उमेश कुमार सिंह नई दिल्ली: आजकल धूल भरी हवा व प्रदूषण ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है, इसका सीधा असर हमारे जीवन को प्रभावित करता है यही कारण है कि दिल्ली एन सी आर में कई ऐसे कपल्स हैं, जो काफी कोशिशों के बाद भी बच्चा पैदा करने में नाकाम हो रहे हैं। ऐसे […] Read more » Featured कॉपर गर्भपात जहरीले कण जिंक धूल में हवा होती फर्टिलिटी पुरुषों की फर्टिलिटी लेड हवा व प्रदूषण
राजनीति समाज रोबोट छीनते मानव रोजगार June 23, 2018 / June 23, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment देवेंद्रराज सुथार रोबोट के बढ़ते निर्माण और प्रयोग के कारण मानव के रोजगार पर संकट गहराने लग गया है। वस्तुतः आज रोबोट्स न सिर्फ ऑफिस के अंदर बल्कि ऑफिस के बाहर भी लोगों की नौकरियां छीनने में लगे हैं। यह चिंता जताई जा रही है कि साल 2020 तक कई रोजगार ऐसे होंगे जो ऑटोमेशन […] Read more » Featured छीनते मानव रोजगार ट्रैक्सी ड्राइवर डिलीवरी बॉय नौकरियां रोबोट
समाज न्यू इंडिया का सपना और ज़हरीले खाद्य पदार्थों का धंधा ? June 21, 2018 / June 21, 2018 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी – इसमें कोई संदेह नहीं कि खान-पान को लेकर आम आदमी का रुझान शाकाहार की ओर बढ़ता जा रहा है।स्वास्थ्य के प्रति सजग व्यक्ति दूध,फल व हरी सब्जि़यों की ओर आकर्षित हो रहा है। बाज़ार में भी एक से बढक़र एक आकर्षक व लुभावने फल व सब्जि़यां बिकते दिखाई दे रहे हैं। इतने […] Read more » Featured खाद्य पदार्थों का धंधा ? जयपुर-जोधपुर व अजमेर दही दूध देसी न्यू इंडिया का सपना और ज़हरीले पनीर मिलावटखोरों
समाज योग से खत्म होती है मनुष्य के अन्दर की नकारात्मकता June 21, 2018 / June 24, 2018 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment दीपक राजपूत हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। इस साल पूरे विश्व में चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। भारत देश में योगदिवस का एक अपना ही अलग महत्त्व है। योग भारतीय प्राचीन संस्कृति की परम्पराओं को समाहित करता है। भारत देश में योग का प्राचीन समय से हीअहम स्थान है। पतंजली योग दर्शन में कहा गया है कि– योगश्चित्तवृत्त निरोधः अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तोह्रदय की प्रकृति का संरक्षण ही योग है। जो मनुष्य को समरसता की और ले जाता है। योग मनुष्य की समता और ममता को मजबूती प्रदान करता है। यहएक प्रकार का शारारिक व्यायाम ही नहीं है बल्कि जीवात्मा का परमात्मा से पूर्णतया मिलन है। योग शरीर को तो स्वस्थ्य रखता है ही इसके साथ–साथ मनऔर दिमाग को भी एकाग्र रखने में अपना योगदान देता है। योग मनुष्य में नये–नये सकारात्मक विचारों की उत्पत्ति करता है। जो कि मनुष्य को गलतप्रवृति में जाने से रोकते हैं। योग मन और दिमाग की अशुद्धता को बाहर निकालकर फेंक देता है। साथ-साथ योग से मनुष्य के अन्दर की नकारात्मकता खत्म होती है। योग व्यक्तिगत चेतना को मजबूती प्रदान करता है। योग मानसिक नियंत्रण का भी माध्यम है। हिन्दू धर्म, बौध्द धर्म औरजैन धर्म में योग को आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाता है। योग मन और दिमाग को तो एकाग्र रखता है ही साथ ही साथ योग हमारी आत्मा को भी शुध्दकरता है। योग मनुष्य को अनेक बीमारियों से बचाता है और योग से हम कई बीमारियों का इलाज भी कर सकते हैं। असल में कहा जाते तो योग जीवनजीने का माध्यम है। श्रीमद्भागवत गीता में कई प्रकार के योगों का उल्लेख किया गया है। भगवद गीता का पूरा छठा अध्याय योग को समर्पित है। इस मे योग के तीन प्रमुखप्रकारों के बारे में बताया गया है। इसमें प्रमुख रूप से कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग का उल्लेख किया गया है। कर्म योग– कार्य करने का योग है।इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है। भक्ति योग– भक्ति का योग। भगवान् के प्रति भक्ति। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है। और ज्ञान योग– ज्ञान का योग अर्थात ज्ञान अर्जित करने का योग। भगवत गीता के छठेअध्याय में बताये गए सभी योग जीवन का आधार हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। भगवद्गीता में योग के बारे में बताया गया है कि– सिद्दध्यसिद्दध्यो समोभूत्वा समत्वंयोग उच्चते। अर्थात् दुःख–सुख, लाभ–अलाभ, शत्रु–मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योगहै। दुसरे शब्दों में कहा जाए तो योग मनुष्य को सुख–दुःख, लाभ–अलाभ, शत्रु–मित्र, शीत और उष्ण आदि परिस्थितिओं में सामान आचरण की शक्ति प्रदानकरता है। भगवान् श्रीकृष्ण ने गीता में एक स्थल पर कहा है ‘योगः कर्मसु कौशलम’ अर्थात योग से कर्मो में कुशलता आती हैं। वास्तव में जो मनुष्य योगकरता है उसका शरीर, मन और दिमाग तरोताजा रहता है। और मनुष्य प्रत्येक काम मन लगाकर करता है। 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने पहले संबोधन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की जोरदार पैरवी की थी। इसप्रस्ताव में उन्होंने 21 जून को ‘‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’’ के रूप में मान्यता दिए जाने की बात कही थी। मोदी की इस पहल का 177 देशों ने समर्थनकिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में इस आशय के प्रस्ताव को लगभग सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। और 11 दिसम्बर 2014 को को संयुक्तराष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’’ को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन केअंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है। पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून2015 को मनाया गया और पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया गया। इस दिन करोड़ों लोगों ने विश्व में योग किया जो कि एक रिकॉर्ड था। योग दिवस में ‘सूर्य नमस्कार’ व ‘ओम’ उच्चारण का कुछ मुस्लिम संगठन विरोध करते रहे हैं। असल में कहा जाए तो ‘ओम’ शब्द योग के साथ जुड़ाहुआ है। इसे विवाद में तब्दील करना दुर्भागयपूर्ण है। लेकिन इसे हर किसी पर थोपा भी नहीं जा सकता। इसलिए योग करते समय लोगों को ‘ओम’ उच्चारण को अपनी धार्मिक मान्यता की आजादी के अनुसार प्रयोग करना चाहिए। अगर किसी का धर्म ओम उच्चारण की आजादी नहीं देता तो उन्हें बिनाओम जाप के योग करना चाहिए। लेकिन योग को किसी एक धर्म से जोडकर विवाद पैदा नहीं करना चाहिए। आज के समय में योग को भारत के जन–जनतक योग को पहुँचाने में योग गुरु बाबा रामदेव, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर सहित अनेकों ऐसे महापुरुषों का अहम् योगदान है। इनके योग के क्षेत्र मेंयोगदान की वजह से ही आज भारत के घर–घर में प्रतिदिन योग होता है। भगवद्गीता के अनुसार – तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम। अर्थात् कर्त्व्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकरकर्त्तव्य करने का कौशल योग है। योग को सभी लोगों को सकारात्मक भाव से लेना चाहिए। कोई भी धर्म–सम्प्रदाय योग की मनाही नहीं करता। इसलिएलोगों को योग को विवाद में नहीं घसीटना चाहिए। योग बुध्दि कुशग्र बनाता है और संयम बरतने Read more » Featured आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर पतंजली योग बाबा रामदेव मनुष्य के अन्दर की नकारात्मकता मुस्लिम संगठन सूर्य नमस्कार
समाज बुज़ुर्गों की दयनीय स्थिति चिंताजनक June 20, 2018 / June 20, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | 1 Comment on बुज़ुर्गों की दयनीय स्थिति चिंताजनक देवेंद्रराज सुथार बुज़ुर्गों का उत्पीड़न घर से शुरू होता है और इसे अंजाम वे लोग देते हैं जिन पर वह सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं। इस वर्ष, दुर्व्यवहार को अंजाम देने वाले लोगों में सबसे पहले बेटे हैं, उसके बाद बहुएं हैं। इस बात का खुलासा सामाजिक संस्था ‘हेल्पेज इंडिया’ ने किया है। हाल में […] Read more » Featured आवास उत्पीड़न कपड़ा कानून चिकित्सा और गुजारे बुज़ुर्गों की दयनीय स्थिति चिंताजनक भोजन