समाज आसाराम को सजा बहुत कम है April 26, 2018 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on आसाराम को सजा बहुत कम है आसाराम को सजा बहुत कम है डॉ. वेद प्रताप वैदिक आसाराम को उम्र—कैद की सजा और उसके दो साथियों को 20—20 साल की सजा हुई। एक नाबालिग शिष्या के साथ बलात्कार की है, यह सजा! बलात्कार के खिलाफ जो कानून अभी देश में है, उसके हिसाब से तो यह सजा ठीक है लेकिन मैं समझता […] Read more » Featured आजीवन कारावास आसाराम जुर्म दिल्ली रेप सर्वोच्च न्यायालय
समाज आओ . आंदोलन – आंदोलन खेलें.!! April 24, 2018 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा आपका सोचना लाजिमी है कि भला आंदोलन से खेल का क्या वास्ता। देश ही नहीं बल्कि दुनिया में जनांदोलनों ने बड़े बड़े तानाशाहों को धूल में मिला दिया। लेकिन जब आंदोलन भी खेल भावना से किया जाने लगे तो ऐसी कुढ़न स्वाभाविक ही कही जा सकती है। दरअसल मेरे गृहराज्य में कुछ […] Read more » Featured आंदोलन मंजिल मुख्यमंत्री और सांसद लोकतांत्रिक राष्ट्र सड़क हादसों सत्ता
समाज संसद की आवाज़ क्यों नहीँ बनती बेटियां ? April 21, 2018 by प्रभुनाथ शुक्ल | 1 Comment on संसद की आवाज़ क्यों नहीँ बनती बेटियां ? संसद की आवाज़ क्यों नहीँ बनती बेटियां ? प्रभुनाथ शुक्ल समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर हम जिस जिस चौराहे पर खड़े हैं , उसके दाहिने तरफ़ बेटियों की उपलब्धि का अनंत आकाश है तो दूसरी तरफ़ पुरुष समाज के चारित्रिक पतन का अकल्पनीय गहरी गर्त। कामनवेल्थ में बेटियां सोना लूटती हैं और देश […] Read more » Featured उन्नाव कठुआ बलात्कार बेटियां भागीदारी महिलाओं राष्ट्रमंडल खेल संसद सूरत
समाज क्या वाकई हम वैसे हैं, जैसा कि खुद को कहते या समझते हैं ?? April 16, 2018 by राजकुमार झांझरी | Leave a Comment राजकुमार झांझरी दुनिया के लोग स्व-विवेक के बजाय औरों के थोपे गये विचारों के अनुरुप अपना जीवन संचालित करने का प्रयास करते हैं और यही उनकी दुख-तकलीफों का मुख्य कारण है। वे कभी इस बात की सच्चाई को जानने की कोशिश नहीं करते कि जिन्हें वे फॉलो कर रहे हैं अथवा फॉलो करते आ रहे […] Read more » Featured कृृष्ण गुरु दुनिया धर्मगुरुओं पादरियों मौलवियों विवेक
समाज ये कहा आ गये हम…..लडते लडते……… April 16, 2018 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on ये कहा आ गये हम…..लडते लडते……… शादाब ज़फ़र शादाब यह कैसा देश और समाज बना दिया है हमने,जहाँ हम हिंदू हैं या मुसलमान!या तो देशभक्त हैं या देशद्रोही!हमारी पीड़ाएँ तक बाँट दी गई हैं।आठ साल की लड़की से एक देवस्थान में बलात्कार होता है,तो मरी हुई बच्ची के साथ बलात्कार करनेवाला पुलिस का आदमी नहीं रह जाता, तुरंत हिंदू बना दिया […] Read more » Featured देश बलात्कार मुसलामन वकील विधायक समाज सरकार हिन्दू
समाज ” राष्ट्रवाद मेरी नजर में “ April 14, 2018 by जालाराम चौधरी | Leave a Comment जालाराम चौधरी राष्ट्रवाद एक ऐसी अवधारणा हैं जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि होता है। एक सूत्र में पिरोने का कार्य राष्ट्रवाद की भावना ही करती है। राष्ट्रवाद अर्थात् राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना। जो देशहित में खड़े होने की प्रेरणा देता है। आज के इस दौर में देश जिस मोड़ पर खड़ा है इनकी अपेक्षा देश […] Read more » 'सर्वजन हिताय Featured देशहित राष्ट्रवाद लोकतांत्रिक वर्तमान राष्ट्र सरकार सर्वजन सुखाय
समाज तो क्या ऐसे बचेंगी बेटियां? April 13, 2018 / April 25, 2018 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी हमारे देश में नवरात्रि के दौरान व्रत तथा पूजा-पाठ आदि धर्म एवं भक्ति का ऐसा पावन दृश्य देखने को मिलता है मानो इस देश से बड़े धर्मपरायण,सदाचारी तथा चरित्रवान लोग दुनिया के किसी दूसरे देश में रहते ही न हों। नेता,अभिनेता,अदालतें,सेना,पुलिस,मीडिया तथा धर्मगुरू आदि सभी महिलाओं के पक्ष में अपनी टिप्पणियां करते तथा […] Read more » Featured आरोप उन्नाव पूर्व जज जस्टिस ए के गांगूली बलात्कार बेटियां मीडिया तथा न्यायपालिका योगी राजनीति विधायक शोषण हैदराबाद
शख्सियत समाज डॉ आंबेडकर और उनका वैज्ञानिक चिंतन April 13, 2018 by संजीव खुदशाह | Leave a Comment आंबेडकर जयंती पर विशेष संजीव खुदशाह अक्सर डॉ आंबेडकर को केवल दलितों का नेता कहकर संबोधित किया जाता है। ऐसा संबोधित किया जाना दरअसल उनके साथ ज्यादती किया जाने जैसा है। ऐसा कहते समय हम भूल जाते हैं कि उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना की थी। हम भूल जाते हैं कि उन्होंने हीराकुंड जैसा विशाल बांध का निर्माण समेत दामोदर घाटी परियोजना और सोन नदी परियोजना जैसे […] Read more » Featured अंबेडकर धर्मनिरपेक्षता पिछड़ी वंचित जातियों भारतीय महिलाओं राजनीतिक प्रजातंत्र समाजिक लोकतंत्र
शख्सियत समाज सामाजिक क्रांति के अग्रदूत : बाबासाहब आंबेडकर April 12, 2018 / April 16, 2018 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय सामाजिक समता, सामाजिक न्याय, सामाजिक अभिसरण जैसे समाज परिवर्तन के मुद्दों को प्रमुखता से स्वर देने और परिणाम तक लाने वाले प्रमुख लोगों में डॊ. भीमराव आंबेडकर का नाम अग्रणीय है. उन्हें बाबा साहेब के नाम से जाना जाता है. एकात्म समाज निर्माण, सामाजिक समस्याओं, अस्पृश्यता जैसे सामजिक मसले पर उनका मन […] Read more » Featured बौद्धिक भारत रत्न भीमराव आंबेडकर समानता संविधान स्वतंत्रता
समाज साहित्य साहित्य समाज का दर्पण है April 9, 2018 by आर के रस्तोगी | 2 Comments on साहित्य समाज का दर्पण है आर के रस्तोगी “साहित्य समाज का दर्पण है” वो कैसे ?जिस तरह से आप दर्पण या शीशे (Miror) में अपने आप को देखते हो या निहारते हो तो आप उसी तरह से दिखाई देते हो जैसे आप हो| ठीक उसी तरह से साहित्य भी ऐसे देखने को मिलेगा जैसा समाज है क्योकि कोई लेखक या […] Read more » "कफ़न" "निर्मला" "मंगल सूत्र" Featured इतिहास गोदान दर्पण समाज साहित्य
समाज नशे से पतन की ओर बढ़ता देश और समाज April 9, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य इस संसार की सबसे श्रेष्ठ कृति है जिसे सर्वोत्कृष्ट, ज्ञानवान, पवित्र व धार्मिक स्वभाव वाले परमेश्वर ने अपने सर्वज्ञ व परमोत्कृष्ट ज्ञान से बनाया है। मनुष्य को परमात्मा ने क्यों बनाया? इस प्रश्न का उत्तर हमें वेद और ऋषियों द्वारा वेदों के व्याख्यान रूप में लिखे गये शास्त्रों व ग्रन्थों से […] Read more » Alcoholism decline due to alcoholism Featured नशे से पतन
समाज गाय सर्वोत्तम उपकारी पशु ही नहीं अपितु मनुष्यों का पूजनीय देवता है April 7, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य परमात्मा ने इस सृष्टि को जीवात्माओं को कर्म करने व सुखों के भोग के लिए बनाया है। जीवात्मा का लक्ष्य अपवर्ग होता है। अपवर्ग मोक्ष वा मुक्ति को कहते हैं। दुःखों की पूर्ण निवृत्ति ही मोक्ष कहलाती है। यह मोक्ष मनुष्य योनि में जीवात्मा द्वारा वेदाध्ययन द्वारा ज्ञान प्राप्त कर एवं उसके […] Read more » cow a deity Featured गाय