समाज प्यार पर पहरा कब तक? December 17, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग नया भारत, विकसित भारत एवं नयी सोच के भारत को निर्मित करने में जो सबसे बड़ी बाधाएं देखने में आ रही है, हमारी संकीर्ण सोच एवं विकृत मानसिकता प्रमुख हैं। संचार क्रांति हो या अंतरिक्ष में बढ़ती पहुंच-ये अद्भुत एवं विलक्षण घटनाएं तब बेमानी लगती है या बौनी हो जाती है जब हमारे […] Read more » Featured तारीक भट प्यार पर पहरा सुमाया बशीर
समाज छत्तीसगढ़ के उद्धारक गुरू घासीदास December 17, 2017 by मनोज कुमार | Leave a Comment 18 दिसम्बर जन्मदिवस पर विशेष गुरु घासीदास जी का अवतरण छत्तीसगढ़ अंचल के लिए, उस युग की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक आवश्यकता थी। उनके अवतरण के बिना इस क्षेत्र के उद्धार हो ही नहीं सकता था। गुरू घासीदास जी का अवतरण जिस समय हुआ, उस समय पूरे छत्तीसगढ में अराजकता थी। अंग्रेज और मराठा शाही भूलभुलैया […] Read more » Featured गुरू घासीदास
महिला-जगत समाज क्या कभी नारी को गुस्सा आया है December 14, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment आज से पांच साल पहले 16 दिसंबर 2012 को जब राजधानी दिल्ली की सड़कों पर दिल दहला देने वाला निर्भया काण्ड हुआ था तो पूरा देश बहुत गुस्से में था । अभी हाल ही में हरियाणा के हिसार में एक पाँच साल की बच्ची के साथ निर्भया कांड जैसी ही बरबरता की गई, देश एक […] Read more » गुस्सा नारी नारी को गुस्सा
महिला-जगत समाज चंबल की ये औरतें- feminism से आगे की बात हैं December 13, 2017 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment राजनैतिक रूप से लगातार उद्भव-पराभव वाले हमारे देश में कुछ निर्धारित हॉट टॉपिक्स हैं चर्चाओं के लिए। देश के सभी प्रदेशों में ”महिलाओं की स्थिति” पर लगातार चर्चा इन हॉटटॉपिक्स में से एक है। यूं तो फेमिनिस्ट इनकी सतत तलाश में जुटे रहते हैं मगर उनका उद्देश्य हो-हल्ला-चर्चाएं-डिस्कोर्स-कॉफी मीटिंग्स से आगे जा ही नहीं पाता […] Read more » Featured ladies of chambal चंबल की औरतें
समाज जानिए गृह प्रवेश हेतु (के लिए ) वर्ष 2018 के शुभ मुहूर्त December 11, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment प्रिय मित्रों/पाठकों/दर्शकों, किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए एक विशेष मुहूर्त का आंकलन किया जाता है जिसे आप और हम शुभ मुहूर्त कहते है। माना जाता है शुभ मुहूर्त में किये गए प्रत्येक काम में वृद्धि होती है और उस चीज से कभी भी हानिकारक परिणाम नहीं मिलते। जिस प्रकार शादी विवाह में […] Read more » grih pravesh grih pravesh muhurat house warming muhurat गृह प्रवेश
समाज बलात्कार : भारतीय समाज का कलंक December 7, 2017 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी हम भारतवासी कभी-कभी तो स्वयं को अत्यंत सांस्कृतिकवादी,राष्ट्रवादी,अति स य,सुशील,ज्ञान-वान,कोमल तथा योग्य बताने की हदें पार करने लग जाते हैं और स्वयं को गौरवान्वित होता हुआ भी महसूस करने लगते हैं। परंतु आडंबर और दिखावा तो लगता है हमारी नस-नस में समा चुका है। अन्यथा क्या वजह है कि जिन स्त्रीरूपी देवियों के […] Read more » Featured rape कलंक बलात्कार भारतीय समाज
समाज सन्तान को जन्म देकर निर्माण करने में माता का सर्वाधिक योगदान December 6, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य जन्म देने वाली सत्ता व शक्ति का नाम माता है। सारा संसार वा मनुष्य अपनी अपनी माताओं से उत्पन्न होते वा जन्म लेते हैं। यदि मां न होती तो संसार में कहीं मनुष्य व अन्य प्राणी जो माताओं से उत्पन्न हुए हैं, दिखाई न देते। यह सृष्टि यदि चल रही है तो […] Read more » Featured Mother mother and child mother in upbringing of child role of mother माता
समाज नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स : आखिर क्यों हम अपने बच्चों को नहीं बचा पा रहे December 6, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment 1 दिसंबर 2017,कोलकाता के जीडी बिरला सेन्टर फाँर एजुकेशन में एक चार साल की बच्ची के साथ उसी के स्कूल के पी टी टीचर द्वारा दुष्कर्म। 31 अक्तूबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोचिंग से लौट रही एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार। इसी साल सितंबर में रेहान स्कूल में एक बालक की बेरहमी […] Read more » Featured नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स
शख्सियत समाज क्रांति के साथ शांति के प्रवर्तक: अरविन्द December 5, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment महर्षि श्री अरविन्द की पुण्यतिथि, 5 दिसम्बर 2017 ललित गर्ग एक सार्थक प्रश्न कि क्या इंसान सामथ्र्यवान ही जन्म लेता है या उसे समाज और परिस्थितियां गढ़ती है? मनुष्य जीवन की उपलब्धि है चेतना, अपने अस्तित्व की पहचान। इसी आधार पर वस्तुपरकता से जीवन में आनन्द! यह बात छोटी-सी उम्र में महर्षि अरविन्द ने समझ […] Read more » Featured अरविन्द महर्षि श्री अरविन्द महर्षि श्री अरविन्द की पुण्यतिथि
समाज सार्थक पहल इंसानियत अभी ज़िंदा है December 4, 2017 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अरुण तिवारी सच है कि अधिक से अधिक धन, अधिक से अधिक भौतिक सुविधा, अधिक से अधिक यश व प्रचार हासिल करना आज अधिकांश लोगों की हसरत का हिस्सा बनता जा रहा है। यहीं यह भी सच है कि ऐसी हसरतों की पूर्ति के लिए हमने जो रफ्तार और जीवन शैली अख्तियार कर ली […] Read more » Featured इंसानियत
समाज हदिया जैसी लडकियां लव नहीं जिहाद का शिकार होती हैं December 4, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment परिवर्तन तो संसार का नियम है। व्यक्ति और समाज के विचारों में परिवर्तन समय और काल के साथ होता रहता है लेकिन जब व्यक्ति से समाज में मूल्यों का परिवर्तन होने लगे तो यह आत्ममंथन का विषय होता है। अखिला अशोकन से हदिया बनी एक लड़की आज देश में एक महिला के संवैधानिक अधिकारों और […] Read more » Featured Hadia Hadia victim of jihad love jihad case अखिला से हदिया हदिया
समाज स्वास्थ्य-योग भारत में समाजिक त्रासदी है एड्स December 2, 2017 / December 2, 2017 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment विश्व एड्स दिवस 1 दिसम्बर पर विशेष प्रभुनाथ शुक्ल एड्स दुनिया में आज़ भी किसी महामारी से कम नहीँ है । भारत के साथ वैश्विक देशों के लिए भी यह सामजिक त्रासदी और अभिशाप है । लोगों को इस महामारी से बचाने और जागरुक करने के लिए 1 दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। इस […] Read more » aids एड्स विश्व एड्स दिवस