समाज मोदी ने मुसलमानों का बोझ उतार दिया! July 9, 2017 by देविदास देशपांडे | Leave a Comment पश्चिम एशिया की एक संकरी पट्टी में स्थित इस्राइल की स्थापना को अगले साल 70 वर्ष पूरे होंगे। ब्रिटिश गुलामी से मुक्त होकर विखंडीत रूप में ही सही लेकिन स्वतंत्र होकर भारत को इस वर्ष अगस्त में 70 साल पूरे होंगे। यानि ये एक के बाद एक जन्मे हुए भाई है। लेकिन इस दौरान उनकी ओर इस्राइल नामक देश की […] Read more » इस्राइल मुसलमानों का बोझ मोदी
समाज हम उस देश के वासी हैं July 5, 2017 / July 5, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य     भारत के गौरव पर प्रकाश डालते हुए मैक्समूलर ने अपनी पुस्तक ‘इंडिया व्हाट कैन इज टीच अस’ में लिखा है-”यदि मैं विश्वभर में से उस देश को ढूंढने के लिए चारों दिशाओं में आंखें उठाकर देखूं जिस पर प्रकृति देवी ने अपना संपूर्ण वैभव, पराक्रम तथा सौंदर्य खुले […] Read more » Featured proud to be indian
समाज “समान नागरिक संहिता” क्यों आवश्यक है…? July 5, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment “समान नागरिक संहिता” (Uniform Civil Code ) का प्रावधान हमारे संविधान में आरंभ (1950) से ही है और इसे धीरे धीरे लागू करने की अनुशंसा अनुच्छेद 44 में की गयी है । परन्तु मुस्लिम वोट बैंक के लालच में व इमामों के दबाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरु जी ने अनेक विवादों के बाद भी “समान […] Read more » Featured uniform civil code why uniform civil code is necessary तलाक बहुविवाह मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समान नागरिक संहिता हलाला
समाज रोजा इफ्तार और साम्प्रदायिक सौहार्द July 2, 2017 / July 2, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment “रोजा इफ्तार” जो केवल मुस्लिम सम्प्रदाय का मज़हबी कार्यक्रम होता है जिसमें पूरे दिन का उपवास (रोजा) रखा जाता है और फिर शाम को भोजन सामग्री ग्रहण करना आरंभ किया जाता है, इसको इफ्तार (रोजा खोलना) कहते है। जब यह कार्यक्रम सामुहिक रुप से विभिन्न नेताओं व अधिकारियों द्वारा बड़े स्तर से आयोजित किया जाता […] Read more » Featured रोजा इफ्तार साम्प्रदायिक सौहार्द
समाज गोरक्षा आन्दोलन के आद्य प्रवर्तक ऋषि दयानन्द July 2, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द ने गोरक्षार्थ गोहत्या बन्द किये जाने के पक्ष में गोकरुणानिधि नामक एक लघु पुस्तिका लिखी है। यह पुस्तक अपने विषय की गागर में सागर के समान पुस्तक है। इस पुस्तक से हम ऋषि दयानन्द के कुछ विचार प्रस्तुत कर रहे है। ऋषि दयानन्द लिखते हैं कि ‘वे धर्मात्मा, विद्वान लोग […] Read more » आद्य प्रवर्तक ऋषि दयानन्द गोरक्षा-आन्दोलन
समाज आपदा के बाद संघ प्रेरित सेवा प्रकल्पों से संवरती केदारघाटी——- July 1, 2017 / July 1, 2017 by प्रदीप रावत | Leave a Comment आपदा के बाद संघ प्रेरित सेवा प्रकल्पों से संवरती केदारघाटी——- “धन्य हे युग पुरष केशव ,धन्य तेरी साधना | कोटि कंठो में समाहित ,राष्ट्र की आराधना” संघ के स्वयंसेवक सेवा कार्य को यज्ञ कुंड की समिद्या की तरह से करते हैं। देश भर में चाहे वह रेल दुर्घटना हो, भूकंप हो या फिर बाढ़ के […] Read more » Featured संघ प्रेरित सेवा
जन-जागरण महिला-जगत समाज सार्थक पहल कुछ कर गुजरने के जूनुन ने पहुंचाया जया को इस मुकाम तक June 30, 2017 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment जया देवी का सराधी गांव हर साल सूखे के कारण फसलों के बर्बाद होने से परेशान रहता था। ऐसे में जया देवी ने इस समस्या का तोड़ निकालने का फैसला लिया और एक दिन वो एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी के गवर्निंग सदस्य किशोर जायसवाल से मिलीं। उन्होने जया को सूखे का कारण और बारिश के पानी को कैसे बचाया जाये? इसके बारे में बताया। किशोर जायसवाल ने उनको बंजर जमीन पर पेड़ लगाने के लिए कहा। Read more » Featured Green Lady Jaya Devi National Leadership award National Leadership award to Jaya Devi ग्रीन लेडी जया देवी मुंगेर की जया देवी राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी
समाज भिक्षावृत्ति: बेचारगी में छुपा एक व्यवसाय June 30, 2017 by संचित पुरोहित | Leave a Comment भिक्षावृत्ति के पक्ष और विपक्ष में अलग-अलग गणमान्यों के चर्चा के उपरान्त मुझे दो परस्पर विरोधाभासी राय मिली । पहले पक्ष ने राय दी कि सुपात्र को दान देना उचित है, कुपात्र को दान देना पाप है । अब आपको तय करना है कि भिक्षुक सुपात्र है अथवा कुपात्र है। दूसरे पक्ष द्वारा मिली राय के अनुसार जो भिक्षुक आपके पास याचना लेकर आया है, उसकी यथासंभव मदद करनी चाहिए । Read more » beggary beggary a hidden occupation Featured hidden occupation भिक्षावृत्ति
समाज अन्धविश्वास : जादू-टोना, तंत्र-मंत्र व ज्योतिष विद्या के नाम पर… June 29, 2017 by निर्मल रानी | 2 Comments on अन्धविश्वास : जादू-टोना, तंत्र-मंत्र व ज्योतिष विद्या के नाम पर… निर्मल रानी प्रसिद्ध चिंतक एवं विचारक ओशो अपने एक प्रसंग में बयान करते हैं कि-‘एक अंग्रेज़ हमारे देश में फुटपाथ पर पैदल चला जा रहा था कि सड़क के किनारे बैठे एक ‘ज्योतिषि’ ने उस अंग्रेज़ को आवाज़ देते हुए कहा -‘आईए मैं आपको केवल दो रूपये में आपका भविष्य बताऊंगा। अंग्रेज़ ने जवाब दिया […] Read more » Featured अन्धविश्वास जादू-टोना ज्योतिष विद्या तंत्र-मंत्र
समाज पर्वतीय किसानों की दयनीय हालत June 29, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment एक अन्य स्थानीय किसान उपयुक्त बातों का समर्थन करते हुए कहते है की“ इस प्रथा ने वास्तव में किसान को एक लत लगा दी है, की वह खुद को आत्मनिर्भर नहीं बना पा रहा है । अपने उत्पाद को मंडी में बेचने और ग्रेडिंग करने की जानकारी न होने के कारण किसान अपने उत्पाद को वह कीमत नहीं दिला पाता जो वास्तव में इसे मिलनी चाहिए। हम अपने उत्पादन को उचित मूल्य न मिलने के कारण पेड़ों में ही गलने को छोड़ देते है, क्योंकि अगर वह उसे मंडी भेजता है तो फलों की कीमत तो मिलनी नहीं है, किराया अलग से बोझ बनेगा। Read more » Featured पर्वतीय किसानों की दयनीय हालत
समाज क्यों कर रहा है किसान आत्महत्या? June 27, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   भारत का ‘अन्नदाता’ इस समय आत्महत्या कर रहा है। जैसे-जैसे यह घटनाएं बढ़ती हैं, वैसे-वैसे ही विपक्षी पार्टियां चिल्लाती हैं कि सरकार किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही है, और यह सरकार किसान विरोधी है। विपक्ष की इस चिल्लाहट के बीच सरकारें किसानों के कर्ज माफ कर रही हैं। […] Read more » farmers suicide Featured आत्महत्या किसान प्रधानमंत्री भारत योगी आदित्यनाथ
समाज विलुप्त होती जा रही नैतिकता और मानवता June 26, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी आज का मानव कहने को और भौतिक रुप में दिखने को बहुत ही आधुनिक तथा सम्पन्न हो गया है, परन्तु आन्तरिक रुप में वह बहुत ही खोखला और टूट सा गया है। उसमें सहनशीलता खत्म सी हो गयी है. दूसरों के अन्धानुकरण ने विश्व को बरबादी के कागार पर लाकर खड़ा कर […] Read more » नैतिकता मानवता