समाज शिक्षा का उद्देश्य July 18, 2017 / July 18, 2017 by सुनील कुमार ठाकुर | Leave a Comment सुनील कुमार ठाकुर जब भी लोगों के बीच महाभारत कालीन एकलव्य का नाम लिया जाता है तब अनेकों लोगों द्वारा उसका गुणगान किया जाता है। उसकी एकाग्रता, लगन और त्याग का उदाहरण दिया जाता है और बच्चों को उसका अनुसरण करने की सलाह भी दी जाती है। साथ ही साथ लोग द्रोणाचार्य को उनकी कठोर […] Read more » Featured purpose of education एकलव्य शिक्षा का उद्देश्य
समाज हमनें रंगों को भी बेरंग कर दिया July 17, 2017 by सुप्रिया सिंह | Leave a Comment “हम काले हैं तो क्या हुआ, दिलवाले हैं ” मोहम्मद रफ़ी का ये गाना सुनने मे तो हमें बहुत अच्छा लगता हैं लेकिन जब यही गाना हमारे समाज की सच्चाई से हमें रुबरु कराता हैं तो हम इसे सुनकर भी अनसुना कर देते हैं । समाज की तमाम कुरीतियों और भेद-भाव पर तो चर्चा हो जाती हैं […] Read more »
कला-संस्कृति समाज जानिए नाग पंचमी का महत्त्व July 17, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | 1 Comment on जानिए नाग पंचमी का महत्त्व हिंदू धर्मग्रन्थों के अनुसार, श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह नागों और सर्पों की पूजा का पर्व है। मनुष्य और नागों का संबंध पौराणिक कथाओं से झलकता रहा है। हिंदू धर्मग्रन्थों में नाग को देवता माना गया है और इनका विभिन्न जगहों पर उल्लेख भी किया गया है। […] Read more » नाग पंचमी
समाज भारतीयों पर आलसी होने का दाग लगना July 15, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- दुनिया के सबसे आलसी देशों में भारत का अव्वल पंक्ति में आना न केवल शर्मनाक बल्कि सोचनीय स्थिति को दर्शाता है। जिस देश का प्रधानमंत्री 18 से 20 घंटे प्रतिदिन काम करता हो, वहां के आम नागरिकों को आलसी होने का तमगा मिलना, विडम्बनापूर्ण है। आलसी होना न केवल सशक्त भारत एवं नये […] Read more » Indians are lazy आलसी डायबिटीज डिप्रेशन भारतीय मोटापा हाइपरटेंशन
समाज तनाव, असन्तुलन एवं अशांति का जीवन क्यों ? July 15, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- दुनिया में एक नकारात्मकता का परिदृश्य बिखरा पड़ा है। हम निरन्तर आदर्शवाद और अच्छाई का झूठ रचते हुए सच्चे आदर्शवाद के प्रकट होने की असंभव कामना कर रहे हैं, इसी से जीवन की समस्याएं सघन होती जा रही है, नकारात्मकता व्यूह मजबूत होता जा रहा है, इनसे बाहर निकलना असंभव-सा होता जा रहा […] Read more » Featured अशांति का जीवन का जीवन असन्तुलन का जीवन तनाव
समाज नासूर बनता “बंग्लादेशी घुसपैठियों” का आतंक July 15, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment बंग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों के आतंक की अनेक दर्दनाक घटनाओं के समाचार आते रहते है। इसी संदर्भ में एन.सी.आर. के आधुनिक नगर नोएडा में 12 जुलाई को घटित अराजक घटना का कुछ विवरण यह है कि नोएडा के सेक्टर 78 की महागुन मार्डन सोसाइटी में अपनी पत्नी हर्षिता सेठी व एक आठ वर्षीय बेटे के साथ […] Read more » Featured Noida society violence उदारता जिहादी मानसिकता नोएडा बंग्लादेशी बंग्लादेशी घुसपैठियों का आतंक महागुन मार्डन सोसाइटी मुस्लिम एकजुटता शांतिप्रिय सहिष्णुता सेक्टर 78 हिंसक मानसिकता
समाज भगतसिंह पैदा हो, मगर पड़ोसी के घर में July 15, 2017 by पारसमणि अग्रवाल | Leave a Comment अरे..रे..रे, आप गलत सोच रहे है, हम उत्तेजित नहीं हो रहे है बल्कि ये तो आधुनिक परिवेश का कड़वा सच बन गया है कि ‘‘भगतसिंह पैदा तो हो, मगर पड़ोसी के घर में । जी हॉ, आज हमारी, हमारे समाज की मानसिकता यही बन गई है कि बदलाव हो, समाज में व्याप्त कुरीतियों बुराईयों का […] Read more » भगतसिंह
समाज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल: सुविधा केंद्र या लूट के अड्डे? July 13, 2017 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी हमारे देश में इन दिनों मध्यम व उच्च श्रेणी के निजी नर्सिंग होम व निजी अस्पतालों से लेकर बहुआयामी विशेषता रखने वाले मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल्स की बाढ़ सी आई हुई है। दिल्ली,पंजाब,हरियाणा,महाराष्ट् र व गुजरात जैसे आर्थिक रूप से संपन्न राज्यों से लेकर उड़ीसा,बिहार व बंगाल जैसे राज्यों तक में भी ऐसे बहुसुविधा […] Read more » are super speciality hospital for loot Featured super speciality hospital सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
शख्सियत समाज “आचार्य धनंजय और उनका आर्ष गुरूकुल पौंधा-देहरादून” July 13, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment 11 जुलाई, 2017 को 39वें जन्म दिवस पर मनमोहन कुमार आर्य देहरादून की भूमि सन् 1879 में महर्षि दयानन्द जी के चरणों से पहली बार पवित्र हुई थी जब वह यहां आये थे। इसके बाद 7 अक्तूबर 1880 को उनका दूसरी बार आगमन हुआ था। उनके आने के साथ ही यहां आर्य समाज स्थापित हुआ […] Read more » आचार्य धनंजय
शख्सियत समाज कम्युनिज्म से अध्यात्म की यात्रा : उदासीन संत रामजीदास July 12, 2017 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment मार्क्स और लेनिन को पढ़ने वाला, लिख-गा रहा है नर्मदा के गीत – लोकेन्द्र सिंह ऐसा कहा जाता है- ‘जो जवानी में कम्युनिस्ट न हो, समझो उसके पास दिल नहीं और जो बुढ़ापे तक कम्युनिस्ट रह जाए,समझो उसके पास दिमाग नहीं।’ यह कहना कितना उचित है और कितना नहीं, यह विमर्श का अलग विषय है। हालाँकि मैं यह नहीं मानता, क्योंकि […] Read more » Featured उदासीन संत रामजीदास कम्युनिज्म रामजीदास
समाज सार्थक पहल इन्ही हाथों से तकदीर बना लेंगे July 12, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment मोहम्मद अनीस उर रहमान खान असफल और मेहनत से परहेज़ करने वाले लोगों के मुंह से सामान्यता: यह वाक्य सुना जाता है कि “भाग्य में ही लिखा था तो क्या करें”। लेकिन समय बदल रहा है और यह वाक्य भी व्यर्थ होता नजर आता है क्योंकि अब लोगों ने अपनी किस्मत पर कम और मेहनत पर अधिक भरोसा करना […] Read more » तकदीर
जन-जागरण समाज सेल्फी की चाहत में मौत को गले लगाते युवा July 12, 2017 by मफतलाल अग्रवाल | Leave a Comment आजकल सेल्फी युवाओं की मौत का सबब बनती जा रही है। महाराष्ट्र के नागपुर में एक बार फिर सेल्फी की चाहत ने आठ युवा दोस्तों की जान लेकर उनके परिवार में ऐसा अंधकार किया कि अब वहां उजाले की किरणें कभी नजर नहीं आयेंगी। लोग कहीं घूमने जाएं या फिर रेस्तरां में खाना खाने बैठें, […] Read more » death during selfie