लेख समाज साहित्य चित्तौड़ ऋणी है व भारत को गर्व है पन्ना गूजरी के त्याग पर January 27, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment असीम वेदना के साथ पन्ना गूजरी महल से बाहर निकली अपने पुत्र चंदन से हाथ धोकर और अपनी असीम वेदना को अपने हृदय में समेटकर पन्ना चित्तौड़ के राजभवनों से बाहर निकली। उसे असीम वेदना थी पर वह अपने पथ से ना तो विचलित थी और ना ही उसे कोई घबराहट थी। हमारी इस मान्यता […] Read more » Featured चित्तौड़ ऋणी है व भारत को गर्व है पन्ना गूजरी पन्ना गूजरी के त्याग पर
समाज हरियाणा में हमेशा सुर्खियों का केन्द्र रहा डेरा सच्चा सौदा January 27, 2016 by अरूण पाण्डेय | Leave a Comment पूरे देश में डेरा सच्चा सौदा को लेकर बेचेनी है । हर कोई उस पर आरोप लगाकर मीडिया की सुख्र्रियां बटोरना चाहता है लेकिन वास्तविकता से दूर बातें कितनी दूर तक चलती है । यह सच है कि हरियाणा में डेरा का सिक्का चलता है और वह उसका अपना है जो डेरे के भीतर […] Read more » हरियाणा में हमेशा सुर्खियों का केन्द्र रहा डेरा सच्चा सौदा
समाज भगवान के नाम पर हो रहा है व्यापार January 26, 2016 / September 15, 2016 by राजू सुथार | 2 Comments on भगवान के नाम पर हो रहा है व्यापार भारत एक ऐसा देश है जहां करोड़ों की संख्या में देवी देवताओं को पूजा जाता है तथा एक मान्यता के अनुसार तैंतीस करोड़ देवी – देवता है । भगवान की पूजा – पाठ की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी पूजा पाठ की परंपरा का चलन है प्राचीन तथ्यों के […] Read more » भगवान के नाम पर हो रहा है व्यापार
समाज यह देखना है कि पत्थर कहां से आया है? January 25, 2016 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on यह देखना है कि पत्थर कहां से आया है? तनवीर जाफ़री देश में बढ़ती जा रही असहिष्णुता को लेकर इन दिनों राजनैतिक हल्क़ों में एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है। हालांकि देश में असहिष्णुता बढऩे का आरोप लगाने वाले अधिकांश लोग देश के बहुसंख्य समुदाय के ही हैं। इनमें तमाम लेखक,बुद्धिजीवी,फ़िल्मकार,उद्योगपति,राजनेता, तथा बौद्धिक वर्ग के लोग शामिल हैं। परंतु यदि अल्पसंख्यक समाज का कोई […] Read more » Featured icreasing intolerance in soiety यह देखना है कि पत्थर कहां से आया है?
समाज जातिगत आंदोलन का नया रूप January 25, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment भारतीय राजनीति की यह अपनी विशेषता है कि घटना के घट जाने के पश्चात उसे राजनीति के गहरे समुद्र में उतार दिया जाता है।ठीक उसी तरह की घटी उससे पूर्व की घटना के कारण जानने के लिए ,उसे दूर करने के लिए हम अग्रसर नहीं होते।आज कल रोहित वेमुला काफी चर्चा का विषय बना हुआ […] Read more » death of Rohith Vemula Featured जातिगत आंदोलन का नया रूप
महत्वपूर्ण लेख महिला-जगत समाज बिटिया दीप बने तो कैसे ? January 23, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment 24 जनवरी: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विशेष श्वेत-श्याम दुई पाटन बीच बालिका सशक्तिकरण कथाकार उर्मिला शिरीष की एक कहानी है – ’जंगल की राजकुमारियां’। कहानी में नन्ही बुलबुल और दादी के बीच इन संवादों को जरा गौर से पढि़ए: ’’अच्छा दादी, बताओ, क्या मैं पुलिसवाली नहीं बन सकती ?’’ ’’क्या करेगी पुलिसवाली बनकर ?’’ ’’गुण्डों […] Read more » Featured rashtriy balika diwas बिटिया दीप बने तो कैसे ? राष्ट्रीय बालिका दिवस
समाज कम्बोडियाई लड़की January 20, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment अविकसित मानव बच्चों की कहानियां (7) डा. राधे श्याम द्विवेदी यह रतन केरी प्रांत की तथाकथित कम्बोडियाई जंगली लड़की थीै जो 1979 में पैदा हुई थी । वह जब आठ साल की थी तो अपने छः साल के बहन के साथ भैंस चराने गयी थी। जहां जंगल मंे वह कहीं खो गई थी। वह […] Read more » कम्बोडियाई लड़की
समाज ट्रायन कलन्दर रोमानिया डाग ब्याय January 20, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment अविकसित मानव बच्चों की कहानियां (6) डा. राधे श्याम द्विवेदी ट्रायन कलन्दर रोमानिया देश का रहने वाला लड़का था। उसके पिता उसे तथा उसकी मां को मानते नहीं थे तथा हमेशा मां को परेशान करते रहते थे। पिता से पुत्र के जान का खतरा समझकर मां ने उसको घरेलू हिसा के कारण छोड दिया था। […] Read more » ट्रायन कलन्दर रोमानिया डाग ब्याय
समाज जान सिसूबूनिया युगाण्डाई मंकी ब्याय January 20, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment अविकसित मानव बच्चों की कहानियां (5) डा. राधे श्याम द्विवेदी जान 1980 में दशक के मध्य पैदा हुआ था। उसके पिता ने उसकी मां की हत्या कर दिया था। जान ने एसा करते हुए पिता को देख लिया था। उसमें मन में पिता के प्रति डर समा गया था। तीन साल की उम्र में उसने […] Read more » जान सिसूबूनिया युगाण्डाई मंकी ब्याय
समाज बच्चों में मानसिक विकृतियाँ January 20, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 3 Comments on बच्चों में मानसिक विकृतियाँ परमात्मा की सभी कृतियों में मानव को श्रेष्ठ माना गया है. मानव जीवन में विलक्षण विशेषताएं होना स्वाभाविक है I परिवार में शिशु के आगमन की कल्पना से प्रसन्नता का पारावार नहीं रहता I बच्चे से , अपने अपने सम्बन्ध के अनुसार सबके ह्रदय में नयी नयी कल्पनाएँ होती हैं I जन्म के पश्चात परिवारों में […] Read more » Featured mental retarted children बच्चों में मानसिक विकृतियाँ]
समाज सीरियाई चिकारा लडका January 19, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment अविकसित मानव बच्चे की सच्ची कहानियां (चार ) डा. राधे श्याम द्विवेदी एक सात या आठ माह का लड़का यातो खो गया था या मां बाप द्वारा छोड़ दिया गया था। न जाने कैसे वह चिकारों के झुण्ड में पहुच गया था। वह उनमें घुल मिल गया और उनके साथ रहने के कारण उसका विकास […] Read more » सीरियाई चिकारा लडका
समाज देश में बढ़ रही विकृत मानसिकता January 19, 2016 / January 19, 2016 by अवनीश सिंह भदौरिया | 1 Comment on देश में बढ़ रही विकृत मानसिकता अवनीश सिंह भदौरिया हमारे देश में मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। वहीं, मानवता को शर्मसार करने वाले मामले डराने वाले हैं। आज भी हमारे आजाद भारत में बाल शोषण और उनके साथ बलात्कार जैसे मामले सामने आते रहते हैं। वहीं, इन घिनौने मामलों पर रोक लगाने में सरकार […] Read more » Featured increase of mental sickness inour country देश में बढ़ रही विकृत मानसिकता विकृत मानसिकता