राजनीति समाज सार्थक पहल फसल बीमा योजना और बदहाल किसान January 18, 2016 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक केंद्र सरकार द्वारा किसानों को फसल बीमा योजना से आच्छादित करने का निर्णय बदहाल कृषि और कर्ज के चक्रव्यूह में फंसे किसानों को उबारने की दिशा में एक ऐसा ऐतिहासिक कदम है। इस योजना के आकार लेने के बाद उम्मीद है कि किसानों को मौसम की मार से चौपट हुई फसल के शोक […] Read more » fasal bima yojna Featured फसल बीमा योजना बदहाल किसान
समाज कन्या भ्रूण हत्या January 17, 2016 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान स्त्री-पुरुष के बीच असमानता दूर करने में भारत का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और वैश्विक आर्थिक मंच की 2014 की स्त्री पुरुष असमानता सूचकांक में 142 देशों में इसने 114वां स्थान प्राप्त किया है। आर्थिक भागीदारी, शैक्षणिक उपलब्धियों और स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता के पैमानों पर भारत को औसत से कम आंका गया […] Read more » Featured Female Foeticide कन्या भ्रूण हत्या
समाज इसलिये चर्चित है डेरा सच्चा सौदा January 17, 2016 by अरूण पाण्डेय | 5 Comments on इसलिये चर्चित है डेरा सच्चा सौदा डेरा सच्चा सौदा ने जो कुछ किया वह करने की इजाजत समाज नही देता , लेकिन उसने कर दिखाया और उन लोगों के दिलों में जगह बना ली जो कि अभी तक धर्म के नाम पर ठगे जा रहे थे या संस्कार बताकर उनको दिग्भ्रमित किया जा रहा था। चाहे वह महिलाओं के अर्थी का […] Read more » dera saccha sauda popularity of dera sachha sauda इसलिये चर्चित है डेरा सच्चा सौदा डेरा सच्चा सौदा
समाज दफ्न होती मासूम बच्चियां January 16, 2016 by एम. अफसर खां सागर | Leave a Comment एम. अफसर खां सागर कन्या भ्रूण हत्या के लिए यूं तो मुल्क में बाजाब्ता कानून है फिर भी बच्चियों को पैदा होने से पहले ही दफ्न करने के मामले बदस्तूर जारी हैं। बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान भी चल रहे हैं मगर उनका व्यापक असर आना बाकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने तो कन्या […] Read more » Featured human foeticide दफ्न होती मासूम बच्चियां
समाज भेड़िनियों द्वारा पालित कमला और अमला की कहानी January 14, 2016 / January 17, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment अविकसित मानव बच्चों की सच्ची कहानियाॅं (दो) डा.राधेश्याम द्विवेदी साहित्य में जंगली बच्चों के अनेक किस्से व कहानियां पढ़ने व देखने को मिलते है। कोई भेड़ियों के बीच रहता है तो कोई बन्दरों के, कोई्र शेर के बच्चों में रहता है तो कोई हिसक पक्षियों के साथ अपना बचपन गुजारता है। कोई लम्बी छलांग लगा […] Read more » Featured कमला और अमला की कहानी
समाज आगरा में इसाई समाज January 13, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी इसाई समाज के तीन समूहः- इसाई समाज में उनके धार्मिक मान्यता के अनुसार तीन समूह होते हैं -पहला रोमन कैथलिक होता है, जो मूलतः रोम से निकला है और पूरे विश्व में फैला हुआ है। दूसरा समूह पूर्वी आर्थोडाक्स तथा तीसरा प्रोटेस्टेट। भारत में 1533 ई. में पुर्तगाली ईसाई समाज हिन्द महासागर […] Read more » christians in Agra Featured आगरा में इसाई समाज
समाज साक्षात्कार महिलायें शिक्षित होती तो मालदा व पूर्णिया में बबाल न होता : संजय जोशी January 13, 2016 by अरूण पाण्डेय | 1 Comment on महिलायें शिक्षित होती तो मालदा व पूर्णिया में बबाल न होता : संजय जोशी यदि औरतें शिक्षित व सामथ्र्यवान होती तो मालदा व पूर्णिया में ऐसा नही होता , वहां जो दंगा हुआ या घटना हुई वह काल्पनिक नही थी, यह तो होना ही था। इस बीज का सूत्रपाद तब हुआ जब बाग्लादेश बना। मालदा की स्थित भी उसी तरह की है जैसी की कश्मीर की। मालदा और पूर्णिया […] Read more » interview with sanjay vinayak joshi महिलायें शिक्षित होती तो मालदा व पूर्णिया में बबाल न होता : संजय जोशी संजय जोशी
शख्सियत समाज विवेकानंद के सपनों का भारत January 12, 2016 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक भारतीय समाज और राष्ट्र के जीवन में नवीन प्राणों का संचार करने वाले स्वामी विवेकानंद का जीवन जितना रोमांचकारी है उतना ही प्रेरणादायक भी। उन्होंने अपने विचारों से अतीत के अधिष्ठान पर वर्तमान का और वर्तमान के अधिष्ठान पर भविष्य का बीजारोपण कर देश की आत्मा को चैतन्यता से भर दिया। स्वामी जी […] Read more » Featured vivekanand ji विवेकानंद के सपनों का भारत
समाज देश में भिखारियों, बेरोजगारी की बढ़ती स्थिति चिंताजनक January 12, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अवनीश सिंह भदौरिया जी हां हमारे देश में भिखारियों की तादाद दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है और यह एक बड़ा चिंता का विषय है। वहीं, अगर हम देश में भिखारियों की बढ़ती संख्या की बात करें तो इसका सबसे बड़ा मूल-भूत कारण बेरोजगारी है। बढ़ती बेरोजगारी के चलते लोग भिखारी जैसे दलदल […] Read more » Featured बेरोजगारी की बढ़ती स्थिति चिंताजनक
विविधा समाज मालदा पर मौन क्यों January 12, 2016 by पियूष द्विवेदी 'भारत' | Leave a Comment पीयूष द्विवेदी विगत दिनों हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी ने पैगम्बर मोहम्मद के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसका मुस्लिमों द्वारा भारी विरोध हुआ और परिणामस्वरूप रासुका के तहत कमलेश तिवारी की गिरफ्तारी भी हो गई। लेकिन मुस्लिम समुदाय का आक्रोश इतने से नहीं थमा, वे कमलेश तिवारी की फांसी […] Read more » Featured मालदा पर मौन क्यों
समाज जबरा करे तो दिल्लगी, गबरू का गुनाह…!! January 11, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा तब साझा – चूल्हा और संयुक्त परिवार की खासी महत्ता थी। गांव हो या शहर हर तरफ यह गर्व का विषय होता था। बड़े – बुजुर्ग बड़े अभिमान से कहते थे बड़ा परिवार होने के बावजूद उनके यहां आज भी एक ही चूल्हा चलता है। लेकिन इस विशेषता का एक विद्रूप पक्ष […] Read more » गबरू का गुनाह...!! जबरा करे तो दिल्लगी
शख्सियत समाज स्वामी विवेकानंद ने मंदिर-मस्जिद का फंडा कभी खड़ा नहीं किया। January 11, 2016 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment आज सारा भारतवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहा है। उन्हें विनम्रता पूर्वक सर्वश्रेष्ठ शब्दांजलि यही हो सकती है कि स्वामीजी की कालजयी शिक्षाओं और उनके वैचारिक अभिमत का वर्तमान युवा पीढ़ी द्वारा अनुशीलन ,आत्मार्पण और मानवीयकरण किया जाए। प्रत्येक दौर की भारतीय युवा पीढ़ी को स्वाधीनता संग्राम और भारतीय […] Read more » Featured swami vivekanand मंदिर-मस्जिद का फंडा स्वामी विवेकानंद