जन-जागरण टॉप स्टोरी समाज जनसंख्या बढ़ाओ अभियान के निहितार्थ January 15, 2015 / January 15, 2015 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी – केंद्र में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की बहुमत की सरकार बनने के बाद कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी संगठनों व इनके नेताओं द्वारा हिंदू मतों के ध्रुवीकरण के उद्देश्य से जहां कई प्रकार के नए राग छेड़े गए हैं उनमें हिंदुओं की जनसंख्या बढ़ाने का भी एक नया राग बड़े ही ज़ोर-शोर से अलापा […] Read more » populaion increase जनसंख्या बढ़ाओ अभियान
जन-जागरण समाज गुमराह नौजवान ही कत्लो गारद अंजाम देता है ! January 10, 2015 / January 10, 2015 by प्रभात कुमार रॉय | Leave a Comment प्रभात कुमार रॉय विविधताओं से परिपूर्ण रहे भारत की अंतर्निहित शक्ति वस्तुत इसकी अनेकता में एकता के तहत ही कायम बनी रही है। धार्मिक, मजहबी, भाषाई, इलाकाई और सांस्कृतिक विविधता वस्तुतः भारत की आंतरिक कमजोरी का नहीं, वरन् भारत की विरल राष्ट्रीय एकता और शक्ति का अज्रस स्रोत रही है। ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने भारत पर […] Read more » कत्लो गारद गुमराह नौजवान
कला-संस्कृति समाज गुरूकुल शिक्षा का उद्देश्य वेद प्रचारक वैदिक विद्वान बनाना है January 8, 2015 / January 8, 2015 by मनमोहन आर्य | 2 Comments on गुरूकुल शिक्षा का उद्देश्य वेद प्रचारक वैदिक विद्वान बनाना है सृष्टि के आरम्भ से जो गुरूकुल वा विद्यालयीय शिक्षा आरम्भ हुई और महाभारत काल व उसके अनेक वर्षों बाद तक सफलतापूर्वक चली, वह निश्चित ही गुरूकुलीय शिक्षा प्रणाली थी। आजकल की विद्यालयीय शिक्षा में विद्यार्थी अपने परिवार और विद्यालय के बीच में फंसा रहता है। उसकी सर्वांगीण शारीरिक व आत्मिक उन्नति नहीं हो पाती। उसका […] Read more » गुरूकुल शिक्षा
समाज धर्म परिवर्तन के पीछे का कड़वा सच January 6, 2015 by तनवीर जाफरी | 5 Comments on धर्म परिवर्तन के पीछे का कड़वा सच तनवीर जाफ़री भारतवर्ष में इन दिनों धर्म परिवर्तन जैसे अतिसंवेदनशील मुद्दे को लेकर गर्मागर्म बहस छिड़ी हुई है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इस मुहिम में शामिल अपने सहयोगी दूसरे हिंदू संगठनों की इन शब्दों में हिमायत की है कि वे ‘लूटे हुए’ अपने माल को वापस ले रहे हैं। संघ के […] Read more » घर वापसी धर्म परिवर्तन
समाज पास से दूर, दूर के पास…! December 28, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा अंकल सीरियस … कम शून…। भैया बीमार – चले आओ…। टेलीफोन, मोबाइल व इंटरनेट से वंचित उस दौर में तब अपनों को याद करने का एक ही जरिया होता था टेलीग्राम । जिसका पाने वालों पर बड़ा मारक असर होता था। इसके आते ही प्राप्तकर्ता के घर में सनसनी फैल जाती […] Read more » पास से दूर
टॉप स्टोरी समाज सावधान : बाड़ खेत को खा रही है December 26, 2014 / December 26, 2014 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment महर्षि व्यास लिखते हैं :- जात्या च सदृशा: सर्वे कुलेन सदृशास्तथा। न चोद्योगे न बुद्घया वा रूपद्रव्येण वा पुन:। भेदोच्चैव प्रदानच्च भिद्यन्ते भिद्यन्ते निपुभिर्गणा:।। (महा. शा. 107. – 30, 31) अर्थात जाति और कुल में सभी एक समान हो सकते हैं, परंतु उद्योग, बुद्घि, रूप, तथा सम्पत्ति में सबका एक सा होना संभव नही है। […] Read more » dharmantaran
समाज गोद में मोची December 23, 2014 / December 23, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव उत्तर प्रदेश की अखिलेष यादव सरकार द्वारा मोचियों को गोद लिए जाने का फैसला अनुकरणीय है। आजादी के 67 साल बाद अपने ही दायरे में सिमटे इन शिल्पकारों के प्रति पहली बार किसी राज्य सरकार ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया है। अन्यथा पूरे देश में मौजूद दलित की श्रेणी में आने वाले […] Read more » मोची
टॉप स्टोरी समाज धर्मांतरणः हंगामा क्यों है बरपा? December 22, 2014 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment – संजय द्विवेदी धर्मान्तरण के मुद्दे पर मचे बवाल ने यह साफ कर दिया है कि इस मामले पर शोर करने वालों की नीयत अच्छी नहीं है। किसी का धर्म बदलने का सवाल कैसे एक सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाया जाता है और कैसे इसे मुद्दा बनाने वाले धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने के विषय […] Read more »
जन-जागरण जरूर पढ़ें टॉप स्टोरी समाज इस्लामी आतंकवाद दुनिया के लिए चुनौती December 21, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on इस्लामी आतंकवाद दुनिया के लिए चुनौती मजहबी आतंकवाद की कोख से उभरी चार बड़ी घटनाएं वैश्विक स्तर पर देखने में आई हैं। इसमें पहली घटना आॅस्ट्रलिया के सिडनी शहर में घटी जहां आईएस के आतंकवादी ने एक कैफे में ग्राहकों को कैदी बना लिया था। दहशतगर्दी की शायद यहां यह पहली बड़ी घटना है। दूसरी बड़ी घटना पाकिस्तान के पेशावर […] Read more » muslim terrorism muslim terrorism a threat to world इस्लामी आतंकवाद
टॉप स्टोरी समाज हिंद स्वराज धर्मांतरण क़ानून पर चुप क्यों शकुनि राजनीतिज्ञ? December 16, 2014 / December 16, 2014 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment सामयिक है कि देश धर्मांतरण पर गांधीजी के विचार पढ़े यद्दपि मैं व्यक्तिगत रूप से इस देश का हिन्दू होनें के नातें हिंदुत्व के प्रति दबाव और भय में हूँ तथापि आगरा की घटना के बाद गुस्साए हुए तथाकथित विकसित, सेकुलर, बुद्धिजीवी और प्रगतिशील समाज (स्वयंभू) की स्थिति पर मुझे बड़ा आनंद आ रहा है! […] Read more » conversion law? politician silent on conversion law?
जन-जागरण समाज दस्तारबंदी और मुस्लिम समुदाय में नेतृत्व को लेकर कुछ सवाल December 15, 2014 / December 15, 2014 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस पिछले दिनों दिल्ली हाईकोर्ट ने इमाम अहमद बुख़ारी द्वारा अपने पुत्र को नायब इमाम नामित करने के लिए किये जा रहे ‘दस्तारबंदी’ समारोह पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि वे जो कुछ करने जा रहे हैं उसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है और इस आयोजन का मतलब नायब इमाम की नियुक्ति […] Read more » dastarbandi leadership of the Muslim community दस्तारबंदी मुस्लिम समुदाय में नेतृत्व को लेकर कुछ सवाल
जन-जागरण टॉप स्टोरी समाज धर्मांतरण पर दोहरा मापदण्ड क्यों? December 13, 2014 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी भारत में धर्मांतरण के मुद्दे पर राजनीतिक दलों द्वारा हमेशा ही दोहरा मापदण्ड अपनाया जाता है। किसी मुसलमान द्वारा जब घर वापिसी की जाती है, तब देश में कोहराम मच जाता है, इसके अलावा जब हिन्दुओं को धर्मांतरित किया जाता है, तो सारे राजनीतिक दल और मीडिया आंखें बन्द करके बैठ जाता है। […] Read more » double standards on religion conversion Why the double standards on religion conversion?