विविधा कन्हैया का तीखा हमला March 4, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 2 Comments on कन्हैया का तीखा हमला कन्हैया कुमार अपने विरोधियों पर तीखा हमलाकर जेएनयू को राजनीतिक मंच बनाया दिल्ली हाईकोर्ट ने देशद्रोह के मामले में कन्हैया को जमानत प्रदान कर दी और देशविरोधी व सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी लगाने वालों के खिलाफ कड़ी टिप्पणियां भी की हैं। अदालत ने कहा कि सभी को आत्मनिरीक्षण की जरूरत है। जे एन यू के […] Read more » Featured JNU a political platform कन्हैया का तीखा हमला
कला-संस्कृति विविधा महाशिवरात्रि के अवसर पर : भद्रेश्वरनाथ शिव मंदिर March 3, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment ऐतिहासिक परिचय डा. राधेश्याम द्विवेदी भद्रेश्वरनाथ शिव मंदिर उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के जिला मुख्यालय से 6 किमी. दक्षिण कुवानो नदी के तट पर यह पौराणिक मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। जो बस्ती सदर तहसील में महसों सोनूपार रोड पर भदेश्वर नामक गांव पंचायत में लगता है। यह मदिर 260 45‘ 23‘‘ उत्तरी […] Read more » Featured भद्रेश्वरनाथ शिव मंदिर महाशिवरात्रि
आर्थिकी विविधा जेटली का सराहनीय बजट March 3, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment नरेन्द्र मोदी सरकार में वित्तमंत्री अरूण जेटली ने अपना दूसरा आम बजट संसद में पेश किया है। जिसकी कुल मिलाकर सराहना की जा रही है। वैसे इस बजट को गंभीरता से पढ़ा व समझा जाए तो यह वास्तव में गांव-गरीब की चिंता करने वाला और उनके लिए कुछ करके दिखाने का संकल्प व्यक्त करने वाला […] Read more » जेटली का सराहनीय बजट
विविधा काश महामहिम मन की बात कहते March 3, 2016 by अनिल द्विवेदी | Leave a Comment संदर्भ : राज्यपाल जी का अभिभाषण बनी-बनाई लीक पर चलते हुए महामहिम राज्यपाल बलरामजी दास टण्डन ने इस साल के बजट-सत्र का अभिभाषण दे डाला। मनमोहिनी मुस्कान, विनम्र और सौम्य स्वभाव के अनुरूप उन्होंने मेरी सरकार के कल्याणकारी कार्यों और योजनाओं को सराहते हुए उम्मीद जताई कि वर्तमान सत्र, सभी विधानसभा सदस्यों को उनके कर्तव्यों […] Read more » Balramji Das Tandon Featured काश महामहिम मन की बात कहते
महिला-जगत विविधा अधिकारों से दूर आज भी महिला अधिकार ! March 1, 2016 by सुप्रिया सिंह | Leave a Comment आने वाले मार्च की 8 तारीख को एक बार फिर से पूरा समाज महिलाओं के लिए बङी-बङी बातें करता दिखेगा और महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण की मिशाल पेश करने की बात कहीं जायेगी पर उसके बाद अगले ही दिन से दिनचर्या वापस वैसी ही हो जायेगी जैसी आम दिनों में होती हैं और वापस […] Read more » Featured women rights अधिकारों से दूर आज भी महिला अधिकार ! महिला अधिकार !
मीडिया विविधा अंधेरे में लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ ? February 29, 2016 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री देश के स्वयंभू ‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ’ में एक भूचाल सा आया दिखाई दे रहा है। जिस मीडिया से आम जनता यह अपेक्षा रखती है कि वह उसके सामने समाचारों को निष्पक्षता के साथ पेश करेगा और किसी समाचार या घटना की निष्पक्ष प्रस्तुति के पश्चात यह निर्णय जनता के विवेक पर छोड़ […] Read more » Featured fourth pillar of democracy is in darkness अंधेरे में लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ ?
विविधा जेएनयू परिसर में शांति बनाने में अब सामने आएं शिक्षक February 27, 2016 by कुमार सुशांत | 2 Comments on जेएनयू परिसर में शांति बनाने में अब सामने आएं शिक्षक यह क्या हो रहा है, क्या किसी ने सोचा है ? कितना वीभत्स और हृदय विह्वल। एक मुट्ठीभर शरारती तत्वों ने देश के खिलाफ माहौल बनाने में आग में घी डाली और पूरे परिसर के माहौल को अलग रंग और ढंग में ढालने की लगातार कोशिश कर दी गई। कोई कहने लगा कि जवाहरलाल नेहरू […] Read more » Featured जेएनयू परिसर में शांति बनाने में अब सामने आएं शिक्षक
विविधा जमुना जी को दरद न जाने कोय February 26, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment आइये, यमुना से रिश्ता बनायें ताज्जुब है कि प्रेम और शांति उत्सव के नाम पर श्री श्री रविशंकर और उनके अनुयायी उस धारा की आजादी को ही भूलने को तैयार हैं, जो शांति की निर्मल यमुनोत्री से निकलकर, प्रेम का प्रतीक बने ताजमहल को आज भी सींचती है! बांकेबिहारी को पूजने वाले भी भला कैसे […] Read more » Featured जमुना जी को दरद न जाने कोय
विविधा देश कैसे आगे बढ़ेगा? February 26, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment देश में आरक्षण वादी व्यवस्था के मूल में कुछ जातियों का देश के आर्थिक संसाधनों पर बना रहा सामंती एकाधिकार था। जिसे तोडऩे के लिए इस व्यवस्था को लागू किया गया था। जिन जातियों ने देश के आर्थिक संसाधनों पर अपना एकाधिकार स्थापित कर लिया था उन्होंने चुपचाप देश में जातिवाद को प्रोत्साहन दिया और […] Read more » Featured देश कैसे आगे बढ़ेगा?
विविधा भारत माँ की औलाद हूँ February 25, 2016 by अश्वनी कुमार, पटना | Leave a Comment हे भारत माँ, मैं शर्मिंदा हूँ की मैंने अबतक की जिन्दगी में आपकी सुरक्षा, आत्मसम्मान की रक्षा के लिए कुछ नहीं किया| पढाई-लिखाई से फुर्सत मिल जाने पर ब्लॉग लेखन के माध्यम से अपने स्वयंस्फूर्त विचारों को लोगों तक पहुंचता हूँ| आपकी इस पावन धरती पर कई अंग्रेजों के औलादों ने अपने स्वार्थ के लिए […] Read more » Featured भारत माँ की औलाद हूँ
विविधा नई चुनौतियों के अनुरूप ढले रेल ? February 24, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भारतीय रेल विश्व का सबसे बड़ा व्यावसायिक प्रतिष्ठान है,लेकिन इस ढांचे को किसी भी स्तर पर विश्वस्तरीय नहीं माना जाता। गोया इसकी सरंचना को विश्वस्तरीय बनाने की दृष्टि से कोशिशें तेज जरूर हो गई हैं। सुविधा संपन्न तेज गति की प्रीमियम और बुलेट ट्रेनों की बुनियादी शुरूआत भी हो गई है। अब नई […] Read more » Featured नई चुनौतियों के अनुरूप ढले रेल ?
विविधा शख्सियत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्र, साहित्य वसमाज सेवा के पर्याय विनायक दामोदर सावरकर February 24, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” अनुपम त्याग, अदम्य साहस, महान वीरता एवं उत्कट देशभक्ति के पर्यायवाची बन चुके असाधारण व्यक्तित्व के स्वामी प्रथम प्रात: स्मरणीय वीर सावरकर आधुनिक भारत के निर्माताओं की अग्रणी पंक्ति के ऐसे चमकते नक्षत्र हैं , जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन अर्थात जन्म से लेकर मृत्युपर्यंत जीवन का एक-एक क्षण राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रसेवा, साहित्य-सेवा, समाज सेवा […] Read more » Featured vinayak damodar savarkar राष्ट्र राष्ट्रभक्ति विनायक दामोदर सावरकर साहित्य