विविधा प्रतिभाशाली युवा जब राजनीति में आयेंगे देश को प्रगति की राह दिखाएंगे March 12, 2016 / March 12, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 2 Comments on प्रतिभाशाली युवा जब राजनीति में आयेंगे देश को प्रगति की राह दिखाएंगे अभी कुछ ही दिन पहले #रोहितवेमुला द्वारा आत्महत्या की घटना और अभी #जेएनयू की घटना। इन घटनाओं ने छात्र राजनीति पर एक प्रश्न चिह्न लगा दिया है और इस विषय पर पुनः सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पढ़ने वाले बच्चों को राजनीति में रुचि लेनी चाहिए या नहीं।हमारे देश की60% आबादी युवा है ये युवा […] Read more » #rohithvemula Featured JNU Student politics छात्र राजनीति देश को प्रगति की राह प्रतिभाशाली युवा राजनीति
विविधा शहीद गुमनाम हो गये, देशद्रोही मशहूर हो गये : #जेएनयू March 12, 2016 by डा. अरविन्द कुमार सिंह | 2 Comments on शहीद गुमनाम हो गये, देशद्रोही मशहूर हो गये : #जेएनयू डा. अरविन्द कुमार सिंह कहते है जब पिता अपने पुत्र से और गुरू अपने शिष्य से डरने लगे तो समझ जाईयेगा, परिवार और समाज का पतन सन्निकट है। सोचा था जेएनयू प्रकरण पर अब लेखनी को विस्तार नहीं दूॅगा। कारण स्पष्ट है, गन्दगी बार बार कुरेदने से सडान्ध फैलती है, जो किसी भी संक्रामक बीमारी […] Read more » Featured जेएनयू देशद्रोही मशहूर हो गये शहीद गुमनाम हो गये
विविधा अब विमर्श मन बहे जमुन की ओर : यमुना नदी March 11, 2016 by अरुण तिवारी | 2 Comments on अब विमर्श मन बहे जमुन की ओर : यमुना नदी विश्व सांस्कृतिक उत्सव के आकार, स्थल, शासन-प्रशासन की कर्तव्यपरायणता, नीति और नीयत को लेकर राष्ट्रीय हरित पंचाट के भीतर जो कुछ घटा, वह काफी कुछ पंचाट के आदेश से स्पष्ट है। एक बहस, पंचाट के बाहर अभी भी जारी है; मीडिया में, संसद के गलियारों में, राजनैतिक पार्टियों के प्रवक्ताओं के बीच, श्री श्री के […] Read more » river yamuna world cultural festival yamuna cleaniness during world culture festival बहे जमुन की ओर यमुना नदी
कला-संस्कृति विविधा आगरा का मनकामेश्वर मन्दिर March 11, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 2 Comments on आगरा का मनकामेश्वर मन्दिर डा. राधेश्याम द्विवेदी मन्दिर की अवस्थितिः- आगरा शहर के चारो दिशाओं के अद्भुत प्रसंगों को अपने में आत्मसात करते हुए यह पावन स्थल शहर के बीचोबीच में स्थित है। एक तरह से इस शहर की प्राचीन आवादी रावतपाड़ा के बीचोबीच यह मंदिर बना है। यह भी कहा जा सकता है कि इस पावन स्थल के […] Read more » Featured Mankameshwar Mandir Mankameshwar Mandir of Agra आगरा का मनकामेश्वर मन्दिर मनकामेश्वर मन्दिर
मीडिया विविधा बिकाऊ चेहरों का बाजार…!! March 11, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | 1 Comment on बिकाऊ चेहरों का बाजार…!! तारकेश कुमार ओझा दुनिया को बदल कर रख देने वाले कंप्यूटर- इंटरनेट और स्मार्ट फोन बनाने वालोॆं ने क्या कभी हाथों में माइक पकड़ कर भाषण दिया। अविष्कार से पहले कभी दावा किया कि उसकी क्या योजना है , अथवा अविष्कार के बाद भी कोई सामने आया कि उसने किस तरह ये चीजें बना कर […] Read more » media चेहरों का बाजार बिकाऊ चेहरों का बाजार
विविधा समाज महर्षि दयानन्द कैसी समता चाहते थे? March 8, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment महर्षि दयानन्द सामाजिक समता के परमोपासक थे। उन्होंने सामाजिक असमता के लिए भिन्न-भिन्न मतों के प्राबल्य को उत्तरदायी माना। इसलिए वह विभिन्न मतों को समाप्त करके देश में एक मत = ‘वेदमत’ की स्थापना के स्पष्ट पक्षधर थे। उन्होंने लिखा–‘‘उस समय सर्व भूगोल में एक मत था। उसी में सबकी निष्ठा थी और सब एक […] Read more » Featured महर्षि दयानन्द कैसी समता चाहते थे? महर्षि दयानन्द समता चाहते थे
विविधा वैटिकन शहर का इतिहास March 8, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment वैटिकन शहर यूरोप महाद्वीप में स्थित एक देश है। पृथ्वी पर सबसे छोटा स्वतंत्र राज्य है जिसका क्षेत्रफल केवल 44 हेक्टेयर 108-7 एकड़ है। यह इटली के शहर रोम के अन्दर स्थित है। इसकी राजभाषा लातिनी है । ईसाई धर्म के प्रमुख साम्प्रदाय रोमन कैथोलिक चर्च का यही केन्द्र है और इस सम्प्रदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप का यही निवास है। यह नगर एक प्रकार से रोम […] Read more » Featured वैटिकन शहर का इतिहास
महत्वपूर्ण लेख विविधा साहित्य आपका सुंदर नाम रचिए। March 6, 2016 by डॉ. मधुसूदन | 3 Comments on आपका सुंदर नाम रचिए। डॉ. मधुसूदन (एक) प्रवेश: शायद आप कविता नहीं करते, पर कवियों या कवयित्रियों की भाँति अपना अलग और अच्छा-सा नाम अवश्य रच सकते हैं। आज आप को, ऐसे नाम रचने की सरल विधि समझाने का उद्देश्य है। विषय विस्तृत है, इस लिए कुछ ही उदाहरणों से इसे विशद किया जाएगा। कवि और कवयित्रियाँ, ऐसे सुन्दर […] Read more » Featured आपका सुंदर नाम रचिए।
विविधा कन्हैया को भारत में कैसी आजादी चाहिए? March 6, 2016 by रमेश पांडेय | Leave a Comment सन्दर्भ : जवाहरलाल यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष द्वारा तिहाड़ जेल से छूटने के बाद दिया गया भाषण रमेश पाण्डेय हमारे युग की कला क्या है? न्याय की घोषणा, समाज का विश्लेषण, परिमाणत: आलोचना। विचारतत्व अब कलातत्व तक में समा गया है। यदि कोई कलाकृति केवल चित्रण के लिए ही जीवन का चित्रण करती है, यदि […] Read more » Featured JNU row Kanhaiya in JNU कन्हैया को भारत में कैसी आजादी चाहिए?
विविधा वाम-दक्षिण मार्ग विशुद्ध राष्ट्रधारा के तटबन्ध! March 6, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विचार मंथन: देवेश शास्त्री बीती शाम एक विवाह समारोह में गया था, तमाम रचनाकारों, इतिहास, विज्ञान, गणित, भाषादि विषयों के मर्मज्ञ चर्चा कर रहे थे- विषय था मात्र ‘कन्हैया’। लीलापुरुषोत्तम श्रीकृष्ण के प्रेमास्पद यदुवंशी कवि महोदय अपने इष्टवत् जेएनयू के कन्हैया का यशोदान करते नहीं अघा रहे थे। वहीं दक्षिणपंथी चिन्तन के धनी ओमास्पद भृगुवंशी […] Read more » Featured JNU Kanhaiya वाम-दक्षिण मार्ग विशुद्ध राष्ट्रधारा के तटबन्ध!
कला-संस्कृति विविधा तामेश्वरनाथ शिव मंदिर का एतिहासिक परिचय March 4, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment महाशिवरात्रि के अवसर पर डा. राधेश्याम द्विवेदी उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के जिला मुख्यालय से 8 किमी. दक्षिण घनघटा मुखलिसपुर मार्ग पर भगवान शिव को समर्पित तामा नामक गांव पंचायत स्थित है। जहां के मानचित्र में यह पौराणिक मदिर 260 24‘ उत्तरी अक्षांश तथा 830 7‘ पूर्वी देशान्तर पर दर्शाया गया है। पहले यह […] Read more » Featured mahashivratri तामेश्वरनाथ मंदिर संतकबीरनगर तामेश्वरनाथ शिव मंदिर
आर्थिकी खेत-खलिहान विविधा बजट पर किसान परिचर्चा March 4, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment 1-किसानों की व्यथा मैथिली शरण गुप्त ने किसानों की व्यथा इस प्रकार व्यक्त की है- हो जाए अच्छी फसल पर लाभ कृषकों को कहां खाते खवाई बीज ऋण से है रंगे रक्खे जहां 2-बजट से आस बंधी आज भी कुछ ऐसा ही हाल है किसानों का। अगर प्रकृति की नजर टेढ़ी गुई तो फसल बरबाद। […] Read more » Featured बजट बजट पर किसान परिचर्चा