जन-जागरण विविधा ताजमहल अथवा तेजोमहालय का मामला पुनः न्यायालय की शरण में August 13, 2015 / August 15, 2015 by नीलाक्ष “विक्रम” | 2 Comments on ताजमहल अथवा तेजोमहालय का मामला पुनः न्यायालय की शरण में नीलाक्ष “विक्रम” दुनिया को दीवाना बनाने वाला ताजमहल मुगलिया तामीर की मिसाल है या फिर प्राचीन शिव मंदिर। सालों पुराना यह विवाद एक बार पुनः न्यायालय की शरण अर्थात फिर अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। ताजमहल को अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय घोषित करने की याचिका आगरा में सिविल जज […] Read more »
विविधा कैंसर की चिकित्सा सरल है August 13, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment वैद्य राजेश कपूर अनेक कैंसर रोगी केवल निर्विष फलाहार से ठीक होगये, अनेक गेहूं के ज्वारों के रस से, कई पंचगव्य के प्रयोग से और अनेक रोगी योग व प्राणायाम साधना व प्रकृतिक चिकित्सा से भी पूर्ण स्वस्थ हुए हैं। पर कीमोथिरेपी करवाने के बाद इन उपायों को करने वालों का निरोग होने का प्रतिशत […] Read more » कैंसर की चिकित्सा
विविधा जो लोग लोकतंत्र को बाहुबल और धनबल से अपनी कांख में दबाये हुए हैं वे देशभक्त कैसे हो सकते हैं ? August 12, 2015 by श्रीराम तिवारी | 2 Comments on जो लोग लोकतंत्र को बाहुबल और धनबल से अपनी कांख में दबाये हुए हैं वे देशभक्त कैसे हो सकते हैं ? प्रसंग एक :- अभी हाल ही में सीआरपीएफ के जवान से जुड़ा एक सनसनी खेज मामला उजागर हुआ है। विगत साढ़े तीन साल से जिसके परिजन – जिस जवान को मृत मानकर बैठे थे ,वह हिमाचल प्रदेश के किसी लक्झरी होटल में अपनी ‘गर्लफ्रेंड’ बनाम प्रेमिका बनाम रखैल के साथ रंगरेलियाँ मनाते हुए रँगे हाथों पकड़ा गया।यह स्मरणीय है कि उस […] Read more »
जन-जागरण विविधा जापान में संस्कृत अध्ययन-अध्यापन की अखण्ड परम्परा August 12, 2015 / August 15, 2015 by नीलाक्ष “विक्रम” | Leave a Comment -नीलाक्ष “विक्रम” जापान देश में विगत चौदह शताब्दियों से संस्कृत अध्ययन-अध्यापन की अखण्ड परम्परा चली आ रही है। प्रो. हाजी-मे-नाका-मुरा के अनुसार तो भारत को छोड़कर संसार में सबसे अधिक संस्कृत का अध्ययन-अध्यापन जापान में ही होता रहा है और एक बड़ी संख्या में वहां के विद्यार्थी संस्कृत पढ़ते रहे हैं। जापान में संस्कृत की […] Read more » जापान में संस्कृत अध्ययन
कला-संस्कृति विविधा पूर्णतः परिष्कृत, समृद्ध भाषा है सर्वभाषाओं की जननी संस्कृत August 12, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | 2 Comments on पूर्णतः परिष्कृत, समृद्ध भाषा है सर्वभाषाओं की जननी संस्कृत अशोक “प्रवृद्ध” संसार की समृद्धतम भाषा संस्कृत भारतीय संस्कृति का आधारस्तम्भ है। देवभाषा के नाम से जानी जाने वाली संस्कृत संसार की समस्त भाषाओं की जननी है। वेद भी संस्कृत भाषा में होने के कारण इसे वैदिक भाषा भी कहा जाता है। संस्कृत शब्द का अर्थ होता है- परिष्कृत, पूर्ण एवं अलंकृत। संस्कृत में […] Read more » सर्वभाषाओं की जननी संस्कृत संस्कृत
विविधा ‘…..के भूत’ बातों से नहीं मानते August 11, 2015 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर राज्य के ऊधमपुर में एक बार फिर स्थानीय लोगों के सहयोग से भारतीय सुरक्षा बलों को पाकिस्तान से सीमा पार कर भारत में प्रवेश करने वाले एक आतंकवादी को जीवित गिरफ़तार करने में बड़ी सफलता हाथ लगी। गिरफ़तार आतंकवादी क़ासिम उर्फ नावेद ने स्वयं को फ़ैसलाबाद,पाकिस्तान का निवासी बताया है। […] Read more »
विविधा यु. एस. का हिंदू संगठन शिल्पी August 11, 2015 by डॉ. मधुसूदन | 7 Comments on यु. एस. का हिंदू संगठन शिल्पी डॉ. मधुसूदन (एक) डांग के वनवासी क्षेत्र में, बडोदे से, एक विश्व-विद्यालयीन छात्र पहुंचा; वनवासी बंधुओं के साथ रहकर, सह-जीवन का अनुभव लेने। युवा, एक कुटुम्ब में भेजा गया था। ऐसे अनेक युवा संघद्वारा भेजे जाते थे। पहुँचने पर, परिचय, और कुटुम्ब की वृद्धा माँ से, कुशल-क्षेम बातचीत चल रही थीं। बेटा काम पर गया […] Read more » यु. एस. हिंदू संगठन शिल्पी:
पर्यावरण विविधा घटता जलस्तर August 10, 2015 / August 10, 2015 by धीरेन्द्र गर्ग | Leave a Comment कविवर रहीम के दोहे के इस अंश “बिनु पानी सब सून” से यदि हम दूसरा अर्थ समझने का प्रयास करें तो यही कि पानी के बगैर जीवन की कल्पना बस कल्पना मात्र ही है। ज़मीन के नीचे भागता पानी का स्तर पर्यावरणविदों के साथ समाज के सभी लोगों के लिए चिंता का सबब बना हुआ […] Read more »
विविधा चिता की आग से बुझती है पेट की आग August 10, 2015 / August 11, 2015 by संजय चाणक्य | Leave a Comment संजय चाणक्य ‘‘बच्चे भूखें सो गए होकर बहुत अधीर।। चूल्हे पर पकती रही आश्वासन की खीर।।’’ जब भी मै फटे पुराने कपडे औरअर्धनग्न अवस्था में देश के भविष्यों को कूड़ों की ढेर पर देखता हू तो बरबस मेर मुंह से वर्षो पुरानी वह गीत फूट पड़ती है ‘‘बचपन हर गम से बेगाना होता है।’’ सोचता […] Read more » चिता की आग पेट की आग
विविधा सिनेमा और मारक हो सकती थी ‘बैंगिस्तान’ August 7, 2015 / August 7, 2015 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on और मारक हो सकती थी ‘बैंगिस्तान’ कलाकार: रितेश देशमुख, पुलकित सम्राट, जैकलीन फर्नांडीस, कुमुद मिश्रा निर्देशक: करण अंशुमान संगीतकार: राम सम्पत स्टार: 2.5 ‘मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर करना’ कानों में पड़ते ही दिमाग सोचने पर मजबूर हो जाता है कि क्या इसे सच मानें? मजहब कोई भी हो, बैर नहीं सिखाता पर उसके कथित ठेकेदार खून में नफरत का […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख विविधा समाज अश्लील ठिकाने बनाम निजता का पाखंड August 7, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अंतरजाल की आभासी व मयावी दुनिया से अश्लील साम्रगी हटाने की मांग के चलते,केंद्र सरकार ने 857 पोर्न वेबसाइटों को बंद करने की सूची इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को दी है। इन्हें बंद करने के संदर्भ में कम उ्रम के बच्चों पर इनके नकारात्मक असर को लेकर चिंता जताई गई है। इसके पहले सर्वोच्च […] Read more » अश्लील ठिकाने निजता का पाखंड
जन-जागरण विविधा पिछली दुर्घटनाओं से सबक ले रेलवे August 7, 2015 by आदर्श तिवारी | Leave a Comment मध्य प्रदेश के हरदा से तक़रीबन पच्चीस किलोमीटर दूर खिड़किया और भिंगरी के बीच मंगलवार देर रात करीब 11:30 बजे भयंकर रेल हादसा हो गया.भारी बारिश के चलते माचक नदी का पानी कई फूट बढ़ गया जिससे नदी पर बना रेलवे पुल धस गया जिसके चलते मुंबई से वाराणसी जा रही कमायनी एक्सप्रेस और […] Read more »