विविधा राष्ट्रपति भवन-गुलामी का ‘प्रतीक’-?? September 28, 2014 by रोहित श्रीवास्तव | Leave a Comment महामहिम का प्रभावहीन-अतीत’ रोहित श्रीवास्तव ‘राष्ट्रपति’ भारत का सबसे ‘सर्वोच्च पद’ है। इस पर आसीन व्यक्ति भारत का ‘प्रथम- नागरिक’ माना जाता है। राष्ट्रपति भवन भारत गणराज्य के ‘राष्ट्रपति’ का सरकारी आवास होता है। अँग्रेजी हुकूमत के समय मे यह ‘वाइसरॉय हाउस’ कहलाता था। ब्रिटिश शासन के ‘वाइसरॉय का अहम पद आज़ादी के […] Read more » राष्ट्रपति भवन
विविधा सुबह होने तक September 24, 2014 by बलवन्त | Leave a Comment (संस्मरण) बचाओ! बचाओ! की पुकार सुनकर यह समझने में देर नहीं लगी कि पूरब से आनेवाली आवाज़ रामनगीना बाबू के घरवाली की है। लुटेरे लूटपाट में लगे थे, मना करने पर मार-पीट भी रहे थे। रह-रहकर वातावरण के सन्नाटे को चीरती, वही दिल दहला देनेवाली आवाज़ हमारे कानों से टकराकर वातावरण में विलीन हो जाती […] Read more » सुबह होने तक
विविधा हज और भारतीय हाजी! September 23, 2014 by फखरे आलम | Leave a Comment 5 अक्टूबर को भारत में बकरीद अर्थात् इर्द उल अजहा है। संभवतः भारत या उपमहादीप में बकरीद मनाने से एक दो दिन पूर्व सउदी अरब मक्का में वार्षिक हज की अदायगी संभव है। हज का महीना है। मक्का और सउदी अरब में लगभग संपूर्ण विश्व के मुसलमानों का जमावड़ा लगा है। अनेकों समाचार हज, व्यवस्था […] Read more » भारतीय हाजी हज
पर्यावरण विविधा आस्था का सम्मान-सेतु समुद्रम परियोजना September 23, 2014 by अरविंद जयतिलक | 1 Comment on आस्था का सम्मान-सेतु समुद्रम परियोजना अरविंद जयतिलक यह स्वागतयोग्य है कि केंद्र की मोदी सरकार ने को पूरा करने की प्रतिबद्धता दिखाते हुए रामसेतु की रक्षा का संकल्प लिया है। सरकार के केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने देश को भरोसा दिया है कि उनकी सरकार रामसेतु को बचाते हुए ही सेतु समुद्रम शिपिंग कैनाल प्रोजेक्ट को […] Read more » सेतु समुद्रम परियोजना
विविधा ‘स्वर्ग ‘ छोड़ने की मजबूरी…!! September 23, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा दुनिया का हर धर्म मरने के बाद स्वर्ग के अस्तित्व को मान्यता देता है। यानी स्वर्ग एक एेसी दुनिया है जिसके बाद कोई दुनिया नहीं है। लेकिन यदि किसी को यह स्वर्ग छोड़ने को कहा जाए तो उसकी स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ‘ बंगला प्रेम’ के मरीज बनते जा […] Read more »
विविधा पशुधन संरक्षण की दिशा में अहम् पहल September 20, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भारतीय नस्ल के दुधारु पशुओं के अनुवांशिक संरक्षण और संवर्धन के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है। इस हेतु राष्ट्रिय स्तर पर 500 करोड़ की आर्थिक सहायता से ‘गोकुल मिशन’ चलाया जाएगा। मिशन दुधारु पशुओं और दूध डेयरी विकास संबंधी कार्यक्रमों में गतिशीलता लाएगा। गो-संरक्षण राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ और […] Read more » पशुधन संरक्षण की दिशा में अहम् पहल
विविधा दाऊद पर दांव ……!! September 18, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | 1 Comment on दाऊद पर दांव ……!! तारकेश कुमार ओझा …दाऊद के दिन पूरे … अब नहीं बच पाएगा डान और उसकी डी. कंपनी , खुफिया एजेंसियों की है पैनी नजर… , रिश्तेदारों पर भी रखी जा रही नजर…। एक राष्ट्रीय चैनल पर दिखाया जा रहा इस आशय का विशेष समाचार पता नहीं क्यों मुझे अच्छा नहीं लगा। एक तरह से यह […] Read more » दाऊद पर दांव
विविधा मोदी सरकार का मैंनेजमेंट तंत्र September 12, 2014 by हिमांशु शेखर | Leave a Comment हिमांशु शेखर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली नई सरकार कई तरह से अपने कामकाज को अलग दिखाने की कोशिश कर रही है। इन्हीं कोशिशों में एक कोशिश यह भी है कि सरकारी अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए वैसे लोगों को बुलाया जा रहा है जो अब तक निजी क्षेत्र की कंपनियों में मैनेजमेंट और […] Read more » मोदी सरकार का मैंनेजमेंट तंत्र
जन-जागरण टॉप स्टोरी पर्यावरण विविधा ‘नमामि गंगे’ अतीत, वर्तमान और सरकारी योजनाएं August 26, 2014 by लखेश्वर चंद्रवंशी | Leave a Comment गंगा की दुर्दशा के लिए गंगा को प्रदूषित करनेवाले जितने जिम्मेदार हैं, उससे कहीं ज्यादा वे लोग भी जिम्मेदार हैं जिनपर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने का दायित्व दिया गया था। यदि अधिकारी, मंत्री और कर्मचारी सही तरीके से ईमानदारी से अपना दायित्व पूर्ण करते, तो आज गंगा को प्रदुषण मुक्त बनाया जा सकता था। […] Read more » नमामि गंगे
जन-जागरण विविधा कंपनी या कारू का खजाना…? August 25, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा एक कंपनी के कई कारोबार। कारोबार में शामिल पत्र – पत्रिकाओं का भी व्यापार। महिलाओं की एक पत्रिका की संपादिका का मासिक वेतन साढ़े सात लाख रुपए तो समाचार पत्र समूह के सीईओ का साढ़े सोलह लाख से कुछ कम। पढ़ने – सुनने में यह भले यह अविश्सनीय सा लगे, लेकिन है […] Read more » कंपनी या कारू का खजाना
विविधा ‘हां मैं कहता हूं यह हिन्दू राष्ट्र है’ August 21, 2014 by अतुल तारे | 15 Comments on ‘हां मैं कहता हूं यह हिन्दू राष्ट्र है’ -अतुल तारे- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत ने क्या आज ही कोई नए ऐतिहासिक तथ्य का प्रगटीकरण किया है? संघ अपनी स्थापना काल (1925) के पहले दिन से यह उद्घोषणा कर रहा है और वह यह कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है। संघ पर समय-समय पर आरोप लगते हैं कि संघ की कार्यपद्धति […] Read more » 'हां मैं कहता हूं यह हिन्दू राष्ट्र है' भारत हिन्दुस्तान हिन्दू राष्ट्र
विविधा इंटरनेट सेंसरशिप का नया शिगूफा August 21, 2014 by अंकुर विजयवर्गीय | Leave a Comment -अंकुर विजयवर्गीय- चीन में इस घटना को इंटरनेट सेंसरशिप के दूसरे दौर के तौर पर देखा गया है कि वहां त्वरित संदेश-सेवा प्रदाताओं पर नए प्रतिबंध थोपे गए हैं। प्रौद्योगिकी के सागर में चीन का कोई भी कदम लहर पैदा करता है, क्योंकि वह संसार का सबसे बड़ा मोबाइल बाजार है। लेकिन इस घटना ने […] Read more » इंटरनेट इंटरनेट सेंसरशिप का नया शिगूफा चीन सेंसरशिप