विविधा तेलंगाना निर्माण और उभरते सवाल July 31, 2013 / July 31, 2013 by अनिल गुप्ता | Leave a Comment अब जबकि तेलंगाना का बनना लगभग निश्चित हो गया है तो ये विचार करना उचित होगा की इसके लिए पिछले नौ साल में सेंकडों लोगों की क़ुरबानी देने की आवश्यकता क्यों हुई?यही स्थिति पंजाब और हरियाणा के निर्माण के समय भी हुआ था.लेकिन कांग्रेस की परंपरा है कि ”फूट डालो और राज करो” का अनुसरण […] Read more » तेलंगाना निर्माण और उभरते सवाल
विविधा तीआं तीज दीआं… July 30, 2013 / July 31, 2013 by परमजीत कौर कलेर | Leave a Comment परमजीत कौर कलेर आज मौसम बड़ा बेईमान है अजी ये हम नही कह रहे ये तो मौसम का बदलता मिज़ाज है । जनाब इस मौसम के भी तो क्या कहने कभी पलभर में घनघोर काली घटाएं चढ़ आती हैं तो कभी पल भर में धूप चढ़ जाती है। मौसम का ये बेईमानपन और आंखमिचौली होती […] Read more » तीआं तीज दीआं...
विविधा हिंदीः अ से ह तक और हिंदी में समाहित अध्यात्म, दिव्यता, दर्शन, योग, ज्ञान और विज्ञान July 29, 2013 / July 29, 2013 by डॉ.मृदुल कीर्ति | 6 Comments on हिंदीः अ से ह तक और हिंदी में समाहित अध्यात्म, दिव्यता, दर्शन, योग, ज्ञान और विज्ञान डॉ. मृदुल कीर्ति आध्यात्मिक और दिव्य पक्ष – संस्कृत देव भाषा है, हिंदी संस्कृत से ही निःसृत दिव्य भाषा है, देव वाणी है । ‘ अक्षरानामकारोस्मि’ गीता १०/३३ वर्णमाला में सर्व प्रथम ‘अकार ‘ आता है। स्वर और व्यंजन के योग से वर्ण माला बनती हैं। इन दोनों में ही ‘अकार’ मुख्य है। ‘अकार’ के […] Read more »
विविधा विश्व-पटल पर भारत,भारतीय,भारती July 29, 2013 by डा.राज सक्सेना | 4 Comments on विश्व-पटल पर भारत,भारतीय,भारती डा.राज सक्सेना विश्व में विडम्बनाएं सर्वत्र उपलब्ध हैं किन्तु सम्भवतः भारत विडम्बनाओं का देश बन कर रह गया है | इससे बड़ी विडम्बना क्या हो सकती है कि एक देश के तीन-तीन प्रचलित नाम हों | क्या विश्व के किसी देश में यह सम्भव हो सकता है कि उसके एक से – एक से अधिक […] Read more » विश्व-पटल पर भारत
प्रवक्ता न्यूज़ विविधा ‘प्रवक्ता डॉट कॉम’ के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 18 अक्तूबर 2013 को नई दिल्ली में समारोह July 29, 2013 / July 29, 2013 by प्रवक्ता ब्यूरो | 8 Comments on ‘प्रवक्ता डॉट कॉम’ के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 18 अक्तूबर 2013 को नई दिल्ली में समारोह ‘प्रवक्ता डॉट कॉम’ के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 18 अक्तूबर 2013 को constitution club, नई दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करने के निमित्त आज प्रथम बैठक इंडियन कॉफी हाउस (मोहन सिंह पैलेस, कनौट प्लेस) में सायं 5 बजे से 7 बजे तक सम्पन्न हुई। बैठक में यह तय हुआ कि कार्यक्रम […] Read more » प्रवक्ता डॉट कॉम
प्रवक्ता न्यूज़ विविधा प्रवक्ता डॉट कॉम की बैठक में आज सायं 5 बजे कनौट प्लेस आने का निमंत्रण July 27, 2013 / April 9, 2014 by संजीव कुमार सिन्हा | 1 Comment on प्रवक्ता डॉट कॉम की बैठक में आज सायं 5 बजे कनौट प्लेस आने का निमंत्रण 16 अक्टूबर 2013 को प्रवक्ता डॉट कॉम के 5 वर्ष पूर्ण हो जाएंगे। इस अवसर पर हमने एक भव्य कार्यक्रम करने का सोचा है। इसी निमित्त कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने के लिए 28 जुलाई 2013 यानी कल इंडियन कॉफी हाउस (मोहन सिंह पैलेस, कनौट प्लेस, नई दिल्ली ) में सायं 5 बजे बैठक आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर हमारे बीच ‘प्रवक्ता’ […] Read more »
विविधा समाज कैसे हों पुलिस यूनीफ़ार्म ? July 26, 2013 / July 26, 2013 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी ‘पुलिस’ चाहे वह केंद्रीय पुलिस हो अथवा राज्य पुलिस देश की कानून व्यवस्था सामन्य बनाए रखने से लेकर देश की रक्षा, देश के महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा, अपराध पर नियंत्रण पाना, अपराधी को खोज निकालना,राजनेताओं,अधिकारियों तथा अन्य महत्वपूर्ण लोगों की सुरक्षा तथा उनके आवागमन के मार्गों की निगरानी,परीक्षाओं का संचालन,जुलूस, रैली,प्रदर्शन व धरने […] Read more » पुलिस यूनीफ़ार्म
विविधा भारत में सांप्रदायिक संघर्ष नहीं ‘ वर्ग संघर्ष’ आवश्यक है …! July 25, 2013 / July 25, 2013 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment कभी मक्का से मदीने का ,कभी दमिश्क से बग़दाद का , कभी येरुशलम से जॉर्डन का ,कभी तुर्की से फारस का एवं फारस का रियाद से तथाकथित ‘खिलाफत का संघर्ष ‘- पवित्र इस्लाम की रक्षा के बहाने विशुद्ध ‘सत्तात्मक संघर्ष ‘ था .लगभग चौदह सौ सालों के रक्तरंजित इतिहास में ‘कर्बला का संघर्ष ‘अवश्य ही […] Read more »
विविधा कैसे सुलझे ये कठिन पहेली July 20, 2013 by डा.राज सक्सेना | 4 Comments on कैसे सुलझे ये कठिन पहेली डा.राज सक्सेना जब से मैंने अण्डमान यात्रा की है,एक यक्ष-प्रश्न मेरे सम्मुख सदैव नाचता रहा है | काव्य-शास्त्र में रुचि रख्नने वाला हरएक साहित्यप्रेमी काव्य की गहराई तक घुसकर छंद,शेर,मुक्तक,गीत या कविता में गहराई तक जाकर निहितार्थ समझता है या फिर समझने का प्रयास करता है तभी उसे उसमें – आनन्द आता है या फिर […] Read more » कैसे सुलझे ये कठिन पहेली
जन-जागरण विविधा हिन्दी, हिन्दू , हिन्दुस्तान : शब्दों की दास्तान July 19, 2013 / July 19, 2013 by डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री | 3 Comments on हिन्दी, हिन्दू , हिन्दुस्तान : शब्दों की दास्तान डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री हिन्दी , हिन्दू , हिन्दुस्तान – आज ये शब्द सभी देशवासियों की शब्दावली के सुपरिचित शब्द हैं। इसलिए आज यह कल्पना करना भी कठिन है कि कभी ये शब्द सर्वथा अपरिचित थे, अज्ञात थे । कुछ लोग कहते हैं कि ये शब्द उसी हिन्दू धर्म से संबंधित हैं जो इस देश का सबसे प्राचीन धर्म है और आज भी इस देश के अधिकांश लोग जिसके अनुयायी […] Read more » शब्दों की दास्तान
विविधा संपूर्ण भारत कभी गुलाम नही रहा: छल प्रपंचों की कथा-भाग (4) July 18, 2013 / July 19, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 4 Comments on संपूर्ण भारत कभी गुलाम नही रहा: छल प्रपंचों की कथा-भाग (4) गुजरात और कठियावाड़ के राज्य गुजरात और काठियावाड़ के कई राजवंश प्रारंभ में कभी राष्ट्रकूटों के तो कभी गुर्जर प्रतिहारों के सामन्त रहे थे। परंतु राष्ट्रकूटों तथा गुर्जर प्रतिहार वंश के दुर्बल हो जाने पर वहां भी कई स्वतंत्र राज्य वंशों ने शासन करना आरंभ कर दिया था। इनमें अनहिलपाटक का चौलुक्य राज्य और […] Read more » संपूर्ण भारत कभी गुलाम नही रहा : छल प्रपंचों की कथा
विविधा मिड डे मील का सिस्टम सुधारना होगा July 18, 2013 / July 18, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on मिड डे मील का सिस्टम सुधारना होगा विपिन जोशी बिहार के एक सरकारी स्कूल में दोपहर का भोजन खाने के बाद जो हादसा हुआ वह देश में मिड डे मील के इतिहास का सबसे काला दिन बन गया है। इस खाने के बाद दर्जन भर से अधिक बच्चों की मौत हुई है। इस घटना ने न केवल बिहार और केंद्र सरकार बल्कि […] Read more » मिड डे मील