विविधा विश्व खाद्य दिवस पर चर्चा में भुखमरी October 15, 2017 by राजू पाण्डेय | Leave a Comment यह कम दुर्भाग्यजनक नहीं है कि अपने देश में व्याप्त भुखमरी पर चर्चा करने के लिए हमें ग्लोबल हंगर इंडेक्स के आंकड़ों की आवश्यकता होती है। और जब यह चर्चा हो भी रही है तो इसका स्वरूप निम्न स्तरीय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह गया है। श्री राहुल गाँधी एवं श्रीमती स्मृति ईरानी के बीच […] Read more » Featured Global HUnger Index 2017 ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2017 चाइल्ड वेस्टिंग चाइल्ड स्टन्टिंग विश्व खाद्य दिवस वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था शिशु मृत्यु दर
विविधा बनारस और प्रधानमन्त्री मोदी October 15, 2017 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment मैं बनारस में रहता हूं। मेरी शिक्षा-दीक्षा भी यहीं हुई है और अपनी नौकरी के उत्तरार्ध के १८ वर्ष मैंने यहीं व्यतीत किए हैं। एक लंबे समय से मैं बनारस से जुड़ा हूं। मेरे छात्र जीवन में बनारस जैसा था आज भी लगभग वैसा ही है; बस एक परिवर्तन को छोड़कर। पहले सड़क पर हम […] Read more » Featured प्रधानमन्त्री मोदी बनारस
विविधा पटाखों पर रोक का व्यावहारिक पक्ष October 14, 2017 / October 14, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इस साल दीपावली के ऐन मौके पर पटाखों की बिक्री पर जो पाबंदी लगाई है, उससे तमाम लोग सांस लेने में राहत महसूस कर सकते हैं, लेकिन इसका दूसरा व्यावहारिक पक्ष यह भी है कि कई व्यापारियों से लेकर पटाखा उत्पादक निर्माताओं को आजीविका […] Read more » ban on sale of crackers ban on sale of crackers by supreme court in diwali Diwali Featured Supreme Court दीपावली दीपावली के मौके पर पटाखों की बिक्री पर पाबंदी पटाखों की बिक्री पटाखों की बिक्री दीपावली पटाखों की बिक्री पर पाबंदी
विविधा भूख का बढ़ा दायरा October 14, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ- वैश्विक भूख सूचकांक का प्रतिवेदन- प्रमोद भार्गव वैश्विक भूख सूचकांक यानी ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) की वार्षिक रिपोर्ट देश के लिए चिंता की गंभीर सूचना है। इस सूची में 119 देशों में से भारत का स्थान 100वें पायदान पर है। जबकि पिछले साल 97वें सोपान पर था। यह चिंता इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि […] Read more » Featured वैश्विक भूख सूचकांक
विविधा विश्वगुरू के रूप में भारत-50 October 13, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य आज का अर्थशास्त्र इसे ‘ले और दे’ की व्यवस्था कहता है, पर वेद की व्यवस्था ले और दे (त्रद्ब1द्ग ड्डठ्ठस्र ञ्जड्डद्मद्ग) से आगे सोचती है। वह कहती है कि जिसने आपको जो कुछ दिया है उस देने में उसके भाव का सम्मान करते हुए उसे कृतज्ञतावश उसे लौटा दो। जिससे कि उसके […] Read more » Featured India India as world leader भारत विश्वगुरू विश्वगुरू के रूप में भारत
विविधा विश्वगुरू के रूप में भारत-49 October 13, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य  उधर शासन के लोग भी चोरी करते हैं, वहां भी भ्रष्टाचार है। वे भी जनधन को उचित ढंग से प्रयोग नहीं करते और उसे भ्रष्टाचार के माध्यम से अपनी तिजोरियों में भरने का प्रयास करते हैं। ऐसे में करदाता और शासक वर्ग देश में सांप-छछूंदर का खेल खेलता रहता है। करदाता […] Read more » Featured India India as world leader वैदिक संस्कृति
विविधा सार्थक पहल न जयप्रकाश आंदोलन कुछ कर पाया न ही अन्ना आंदोलन October 12, 2017 / October 12, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 1 Comment on न जयप्रकाश आंदोलन कुछ कर पाया न ही अन्ना आंदोलन वीआईपी कल्चर खत्म करने के उद्देश्य से जब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मई 2017 में वाहनों पर से लालबत्ती हटाने सम्बन्धी आदेश जारी किया गया तो सभी ने उनके इस कदम का स्वागत किया था लेकिन एक प्रश्न रह रह कर देश के हर नागरिक के मन में उठ रहा था, कि क्या हमारे देश के […] Read more » Featured अन्ना आंदोलन जयप्रकाश आंदोलन रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल वीआईपी संस्कृति वीआईपी संस्कृति का जड़ सहित नाश
महिला-जगत विविधा शोषण की नई भाषा गढ़ता ‘फंसाने’ का चलन और बच्चियां October 12, 2017 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment कल अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के लिए बहुत कुछ सुना, देखा और पढ़ा भी। सभी कुछ बेहद भावनात्मक था। कल इसी बालिका दिवस पर बच्चियों को सुप्रीम कोर्ट ने भी बड़ी सौगात दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने बालविवाह जैसी कुरीतियों पर प्रहार करते हुए ऐतिहासिक निर्णय दिया कि अब नाबालिग पत्नी से संबंध बनाने […] Read more » 'फंसाने' का चलन और बच्चियां Featured अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस इंडिपेंडेंट थॉट निर्भया केस बालविवाह बालिका दिवस शोषण की नई भाषा सुप्रीम कोर्ट
विविधा विश्वगुरू के रूप में भारत-48 October 12, 2017 / October 12, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   इसके पश्चात पुन: गायत्री मंत्र का स्थान वैदिक सन्ध्या में आता है। जिसकी व्याख्या की हम पुन: कोई आवश्यकता नहीं मान रहे हैं। उसके पश्चात अगला मंत्र ‘समर्पण’ का है- हे ईश्वर दयानिधे भवत्कृपयानेन जपोपासनादिकर्मणा धर्मार्थकाममोक्षाणां सद्य: सिद्विर्भवेन्न:। अर्थात-”हे ईश्वर दयानिधे! आपकी कृपा से जो-जो उत्तम-उत्तम काम हम लोग करते […] Read more » Featured India India as world leader भारत विश्वगुरू विश्वगुरू भारत
विविधा परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयास को नोबेल शांति पुरस्कार आईसीएएन October 12, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव विश्व फलक पर उभर आईं तमाम विडंबनाओं और विरोधाभासों के चलते परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयास में जुटी संस्था को नोबेल शांति पुरस्कार देना उल्लेखनीय पहल है। नार्वे स्थित नोबेल समिति ने इस बार इस लक्ष्य की पूर्ती के लिए मुहिम चला रही अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘परमाणु हथियारों की समाप्ती के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान अर्थाथ […] Read more » abolish nuclear weapons Featured ICAN international campaign to abolish nuclear weapons Nobel Peace prize for 2017 आईसीएएन इंटरनेशनल कैंपेन टू एबोलिश न्यूक्लियर वेपन्स नोबेल शांति पुरस्कार परमाणु निरस्त्रीकरण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयास
विविधा पटाखेः बेमतलब फैसला October 11, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक सर्वोच्च न्यायालय ने अगले 20 दिन के लिए दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। अदालत का यह फैसला अजीब-सा है। बिक्री पर रोक है लेकिन पटाखे छुड़ाने पर रोक नहीं है। तो अब होगा यह कि दीवाली के मौके पर अदालत की नाक के नीचे जमकर पटाखे फोड़े […] Read more » ban on crackers ban on crackers useless decision by supreme court Supreme Court useless decision by supreme court पटाखे पटाखों की बिक्री पर रोक
खेत-खलिहान विविधा परंपरागत खेती से दूर होते लद्दाख के किसान October 11, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment अंज़ारा अंजुम खान लद्दाख याक की तरह ही गाय की नस्लों में से एक डज़ो लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कृषि के लिए हमेशा से उपयुक्त माना जाता था। यह 9800 फीट की उंचाई तक और ठंड में आसानी से खेत जोत सकता है। यही कारण है कि इसे खेती के लिए सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना […] Read more » लद्दाख के किसान