शख्सियत समाज कबीर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में May 21, 2016 / May 21, 2016 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment संदर्भ: आज कबीर जयंती बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय ll कबीर के वृहद, विशाल रचना संसार की मात्र इन दो पक्तियों से ही कबीर की वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सर्वस्वीकार्यता सिद्ध हो जाती है. आज के इस दौर में जबकि प्रत्येक व्यक्ति पराये […] Read more » Featured Kabir Jayanti कबीर जयंती कबीर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में
शख्सियत समाज 25 मई : आल्हा जयंती May 20, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 2 Comments on 25 मई : आल्हा जयंती डा.राधेश्याम द्विवेदी आल्हाखण्ड लोककवि जगनिक द्वारा लिखित एक वीर रस प्रधान काव्य हैं जो परमाल रासो का एक खण्ड माना जाता है। आल्हाखण्ड में आल्हा और ऊदल नामक दो प्रसिद्ध वीरों आल्हा और ऊदल की 52 लड़ाइयों का विस्तृत रोमांचकारी वर्णन हैं। कई शताब्दियों तक मौखिक रूप में चलते रहने के कारण उसके वर्तमान रूप […] Read more » आल्हा आल्हा और ऊदल
शख्सियत समाज सर्वश्रेष्ठ लोक संचारक देवर्षि नारद May 17, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” सिर पर खड़ी शिखा, हाथ में वीणा, मुख से नारायण-नारायण शब्द की अनवरत निकलती ध्वनि, पवन पादुका पर सर्वत्र विचरण करने वाले देवर्षि नारद ब्रह्मा के सात मानस पुत्रों में से एक माने गये हैं। पुरातन ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के अनन्य भक्तों में सर्वोच्च, स्वयं वैष्णव और वैष्णवों के परमाचार्य तथा […] Read more » Featured देवर्षि नारद सर्वश्रेष्ठ लोक संचारक
शख्सियत समाज सर्वजन कल्याणकारी प्रथम भारतीय महिला शासिका महारानी अहिल्याबाई होलकर May 16, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment –अशोक “प्रवृद्ध” चतुर्दिक अव्यवस्था का आलम था , और सभी दिशाओं में गड़बड़ी मची हुई थी। शासन और व्यवस्था के नाम पर घोर अत्याचार हो रहे थे। प्रजाजन-साधारण गृहस्थ, किसान- मजदूर अत्यंत हीन अवस्था में सिसक रहे थे। उनका एकमात्र सहारा धर्म अंधविश्वासों, भय, त्रासों और रूढि़यों की जकड़न में कसा जा रहा था। न्याय […] Read more » maharani ahilyabai holkar अहिल्याबाई
लेख शख्सियत साहित्य कृष्णभक्ति के महाकवि सूरदास May 11, 2016 / May 11, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 11 मई पर विशेषः- मृत्युंजय दीक्षित महाकवि सूरदास का हिंदी जगत के साहित्य में अप्रतिम स्थान है। सूरदास के जन्मतिथि स्थान व उनके जन्मांध होने पर विद्वानों मे मतभेद हैं। लेकिन उनकी महानता व कृष्णभक्ति को लेकर सभी विद्वानों में एकरूपता है। सूरदास की साहित्यिक रचनाएं हिंदी जगत के लिए मील का पत्थर साबित हुई […] Read more » Featured कृष्णभक्ति महाकवि सूरदास
शख्सियत समाज महाराणा प्रताप सिंह की 476वीं जयंती May 10, 2016 / May 10, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on महाराणा प्रताप सिंह की 476वीं जयंती डा. राधेश्याम द्विवेदी 22 रानियों से महाराणा प्रताप अकेले योद्धा :-महाराणा उदयसिंह के 22 रानियों से संतानें तो अनेक थीं, लेकिन सिर्फ प्रताप ही वीर शिरोमणि और सिद्धांतों के प्रति अडिग हुए प्रताप को पहले दिन से ही मां जयवंता बाई ने गढ़ा ही ऐसा था। जयवंता बाई पाली के राजा अखेराजसिंह सोनगरा की बेटी […] Read more » Featured Maharana Pratap महाराणा प्रताप सिंह
शख्सियत समाज महानायक वीर महाराणा प्रताप May 9, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित भारत माता की कोख में से एक से बढ़कर एक महान सपूत पैदा हुये हैं जिन्होनें भारतमाता की रक्षा के लिए अपने सर्वस्व सुखों का त्याग कर अपनी मातृभूमि की पूरंे मनोयोग के साथ सुरक्षा की। ऐसे ही महान सपूतों की श्रेणी में नाम आता है महाराणा प्रताप का। भारत के इतिहास में […] Read more » Featured महाराणा प्रताप
कला-संस्कृति शख्सियत समाज शस्त्र शास्त्र के पारंगत और कर्मवीर भगवान परशुराम May 7, 2016 / May 7, 2016 by हितेश शुक्ला | 2 Comments on शस्त्र शास्त्र के पारंगत और कर्मवीर भगवान परशुराम परशुराम जी ने कभी क्षत्रियों को संहार नहीं किया. उन्होंने हैहयवंशीय क्षत्रिय वंश में उग आई उस खर पतवार को साफ किया जिससे क्षत्रिय वंश की साख खत्म होती जा रही थी. जिस दिन भगवान परशुराम को योग्य क्षत्रियकुलभूषण प्राप्त हो गया उन्होंने स्वत दिव्य परशु सहित अस्त्र-शस्त्र राम के हाथ में सौंप दिए जन्म […] Read more » कर्मवीर भगवान परशुराम शस्त्र शास्त्र के पारंगत
शख्सियत समाज आचार्य महाश्रमण May 5, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment पंथ और ग्रंथ के भेद से ऊपर एक निराला संत -ललित गर्ग- भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को हिदायत दी है, तुम गुण ही गुण में वर्तन करते हों, जिससे अनेेक उर्मियों के बीच ही मन नर्तन करता रहता है। इस नर्तन को खत्म करके अर्जुन अब तू गुणों से ऊपर उठ जा, निर्गुण अवस्था […] Read more » Featured आचार्य महाश्रमण
शख्सियत महामहोपाध्याय आर्यमुनि और उनका प्रमाणिक वैदिक साहित्य April 25, 2016 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on महामहोपाध्याय आर्यमुनि और उनका प्रमाणिक वैदिक साहित्य मनमोहन कुमार आर्य पं. आर्यमुनि (जन्म 1862) का आर्यसमाज के इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान है। आर्यसमाज की नई पीढ़ी के अधिकांश लोग इनसे परिचित नहीं है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए आज उनका परिचय इस लेख में दे रहे हैं। आपका जन्म पूर्व पटियाला राज्य के रूमाणा ग्राम में सन् 1862 में हुआ था। […] Read more » Featured आर्यमुनि महामहोपाध्याय आर्यमुनि
शख्सियत आर्यसमाज और डा. भीमराव अम्बेडकर’ April 14, 2016 by मनमोहन आर्य | 4 Comments on आर्यसमाज और डा. भीमराव अम्बेडकर’ डा. भीमराव अम्बेदकर जी की 125 वीं जयन्ती पर -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। डा. भीमरावजी अम्बेडकर आजकल देश व विश्व में एक जाना माना नाम है। आपने भारत के संविधान के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। इसके साथ ही आप भारत में प्रथम कानून मंत्री के रूप में भी आदृत रहे हैं। डा. […] Read more » Featured आर्यसमाज डा. भीमराव अम्बेडकर
कला-संस्कृति शख्सियत सामाजिक समरसता के प्रतीक भगवान श्रीराम April 14, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | 1 Comment on सामाजिक समरसता के प्रतीक भगवान श्रीराम 15 अप्रैल श्री रामनवमी पर विशेषः- मृत्युंजय दीक्षित भारत विविधतापूर्ण भाशा संस्कृति वाला देश है। देश को एक सूत्र में पिरोकर रखने के लिए ऐसे नेतृत्व की सदैव आवष्यकता रही है जो समस्त विविधताओं में समन्वय स्थापित कर सामाजिक व्यवस्था में समरसता बनाएं रख सकें। इस दृष्टि से मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम सामाजिक समरसता के […] Read more » Featured Ram navami भगवान श्रीराम