राजनीति गांधी के राम

गांधी के राम

कुछ दिनों पहले मेरे एक मित्र ने मुझसे कहा, “वो तो अच्छा हुआ कि गोडसे ने गांधी को मार दिया, अगर गांधी आज ज़िंदा होता तो…

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लेख बच्चों में कौतूहल भरने वाली लोक कहावतें और खेल कहां खो गये ?

बच्चों में कौतूहल भरने वाली लोक कहावतें और खेल कहां खो गये ?

                                आत्माराम यादव पीव         बच्चों में मेघनाशक्ति का अद्भुत संचार करने वाली किस्से कहानियाँ, कहावतों का एक दौर गुजरे मुश्किल से तीन…

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राजनीति बिहार के जेपी को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान

बिहार के जेपी को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान

            – मुरली मनोहर श्रीवास्तव                                                 ‘जेपी’ शब्द बिहार का पर्यायवाची बन चुका है। 1974 में जेपी आंदोलन के प्रणेता जेपी (जय प्रकाश नारायण) जिन्होंने…

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लेख आदर्श जीवन की विलक्षण दास्तान : श्री रामनिवास लखोटिया

आदर्श जीवन की विलक्षण दास्तान : श्री रामनिवास लखोटिया

 ललित गर्ग जन्म लेना नियति है किंतु कैसा जीवन जीना यह हमारे पुरुषार्थ के अधीन है। खदान से निकले पाषाण के समान जीवन को…

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पुस्तक समीक्षा आलेख रूपी मोतियों से सजी पुस्तक ‘दो टूक’

आलेख रूपी मोतियों से सजी पुस्तक ‘दो टूक’

पुस्तक: दो टूक लेखक: योगेश कुमार गोयल पृष्ठ संख्या: 112 प्रकाशक: मीडिया केयर नेटवर्क, 114, गली नं. 6, वेस्ट गोपाल नगर, नजफगढ़, नई दिल्ली-43. कीमत:…

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राजनीति एनआरसी, एनपीआर व सीएए को लेकर क्यों मचा है बवाल!

एनआरसी, एनपीआर व सीएए को लेकर क्यों मचा है बवाल!

(लिमटी खरे) संशोधित नागरिकता कानून एवं राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण जैसे संवेदनशील मामलों में विपक्ष पूरी तरह बंटा ही नजर आया। इस मामले में कांग्रेस को…

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राजनीति अंडा परोसने में सरकारें कतराती है ?

अंडा परोसने में सरकारें कतराती है ?

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि अंडे क्यों खिलाना चाहिए । कई बीमारियों का ताल्लुक आहार से होता है ।ऐसे में प्रोटीन युक्त संतुलित…

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राजनीति संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री अपारवल सिंह जी कुशवाह को श्रद्धांजलि

संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री अपारवल सिंह जी कुशवाह को श्रद्धांजलि

आज संघ के वरिष्ठ प्रचारक पूज्य अपारबल सिंह जी के स्वर्गवास का हृदयद्रावक समाचार मिला | लम्बी बीमारी के बाद आज जब उनसे अंतिम विदाई…

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मीडिया आज की भी जरूरत है कर्मवीर और मूकनायक

आज की भी जरूरत है कर्मवीर और मूकनायक

मनोज कुमार शब्द सत्ता की शताब्दी मनाते हुए हम हर्षित हैं लेकिन यह हर्ष क्षणिक है क्योंकि महात्मा गांधी जैसे कालजयी नायक के डेढ़ सौ…

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व्यंग्य कंबल है कि पद्श्री अलंकरण !

कंबल है कि पद्श्री अलंकरण !

                           प्रभुनाथ शुक्ल गरीबी और ठंड का रिश्ता जन्म जन्मांतर का है। जिस…

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धर्म-अध्यात्म अतीत के सभी विद्वानों व राज्याधिकारियों के आलस्य-प्रमाद युक्त कार्यों की कीमत भावी पीढ़ियों को चुकानी पड़ती है

अतीत के सभी विद्वानों व राज्याधिकारियों के आलस्य-प्रमाद युक्त कार्यों की कीमत भावी पीढ़ियों को चुकानी पड़ती है

–मनमोहन कुमार आर्य                मनुष्यों के दो भेद प्रायः देखने को मिलते हैं। एक विद्वान बुद्धिजीवी वर्ग होता है और दूसरा शासित सामान्य अल्प शिक्षित…

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राजनीति क्या मुस्लिम महिलाएँ और बच्चे अब विपक्ष का नया हथियार हैं?

क्या मुस्लिम महिलाएँ और बच्चे अब विपक्ष का नया हथियार हैं?

सीएए को कानून बने एक माह से ऊपर हो चुका है लेकिन विपक्ष द्वारा इसका विरोध अनवरत जारी है। बल्कि गुजरते समय के साथ विपक्ष…

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