कविता तलाश

तलाश

उसकी तलाश और है, मेरी तलाश और थक जाऊं ढूंढ करके तो कहता तलाश और। पहले ही उसने पी लिया भर भर के प्याले गम…

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गजल हिंदी गजल

हिंदी गजल

अपराध हुआ पर सजा नहीं। जरूरी बात पर रजा नहीं।। बन गए जो महान हस्तियाँ, उनका प्रयाण पर कजा नहीं। नृत्य देख शोख सुंदरी का,…

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लेख “भारतीय संस्कृति से विश्व का कल्याण होगा”

“भारतीय संस्कृति से विश्व का कल्याण होगा”

भारतीय संस्कृति पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आघात शतकों से होता आ रहा है। विदेशी धर्मान्ध आक्रांताओं द्वारा सत्य सनातन वैदिक हिन्दू धर्म व संस्कृति को…

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व्यंग्य ऊंची नाक का सवाल (व्यंग्य)

ऊंची नाक का सवाल (व्यंग्य)

इस दौर में जब देश में बाढ़ का प्रकोप है तो नाक से सांस लेने वाले प्राणियों में नाक एक लक्ष्मण रेखा बन गयी है…

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चिंतन “सनातन वैदिक धर्म और इतर मत-मतान्तर”

“सनातन वैदिक धर्म और इतर मत-मतान्तर”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हमारा वर्तमान संसार अथवा ब्रह्माण्ड 1.96 अरब वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया है। इससे पूर्व लगभग 52 लाख वर्षों में परमात्मा…

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लेख प्रभुजी, वे चाकू हम खरबूजा

प्रभुजी, वे चाकू हम खरबूजा

नाटक देखना किसे अच्छा नहीं लगता। गीत और संगीत, हास्य और रुदन, व्यंग्य और करुणा से लिपटे डायलाॅगों के साथ अभिनय का सामूहिक रूप यानि…

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लेख विचारों पर अमल

विचारों पर अमल

इ. राजेश पाठक   १९ वीं सदी के उत्तरार्ध में महाराष्ट्र में नारी-जागरण को लेकर एक संस्था नें खूब ख्याति प्राप्त करी थी, जिसका नाम था ‘शारदा-सदन’.इसकी स्थापना…

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चिंतन “हमारे जन्म का कारण क्या है?”

“हमारे जन्म का कारण क्या है?”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हर कार्य का कारण हुआ करता है। इसी प्रकार हमारे जन्म का भी कारण अवश्य ही कोई है। इस पर विचार…

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राजनीति पाक के ये “नापाक रहनुमा “

पाक के ये “नापाक रहनुमा “

तनवीर जाफ़री                       भारत को  विभाजित कर एक अलग इस्लामी राष्ट्र का गठन करने वाले कुछ मुस्लिम नेताओं ने जब इस राष्ट्र का नामकरण “पाकिस्तान” करने का…

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लेख बच्चों की बरबादी

बच्चों की बरबादी

 –   वैद्य राजेश कपूर युवाओं के दम पर हम सशक्त और सबल भावी भारत की कल्पना को साकार करने का दम भरते हैं. पर…

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चिंतन “वेदों का प्रवेश द्वार ऋषि दयानन्द का ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका ग्रन्थ”

“वेदों का प्रवेश द्वार ऋषि दयानन्द का ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका ग्रन्थ”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वेदों का महत्व मनुष्य-जीवन के लिये सर्वाधिक है। वेद परमात्मा की शाश्वत् वाणी है। यह वाणी ज्ञानयुक्त वाणी है जो मनुष्य…

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लेख सोनभद्र पर वामपंथी पार्टियों का बयान

सोनभद्र पर वामपंथी पार्टियों का बयान

*सोनभद्र : वामपंथी पार्टियों ने कहा — पीड़ितों को दो जमीन, नौकरी और मुआवजा, अपराधियों को भेजो जेल* प्रदेश की चार वामपंथी पार्टियों — माकपा,…

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