कविता हिंदी ग़ज़ल

हिंदी ग़ज़ल

कुछ भी कर लो राजनीति में। कोठी भर लो राजनीति में।। रूप अगर मोहित करता हो सीता हर लो राजनीति में। सेर पे सवा सेर…

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लेख “आत्मा की सत्ता पर स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती जी के सारगर्भित विचार”

“आत्मा की सत्ता पर स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती जी के सारगर्भित विचार”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। स्वामी डॉ0 सत्यप्रकाश सरस्वती आर्यसमाज के शीर्ष विद्वानों में से एक थे। आर्यसमाज में वेद और विज्ञान से जुड़े उच्चकोटि के…

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लेख शिक्षा में नैतिक मूल्य विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी

शिक्षा में नैतिक मूल्य विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2019। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र मनुमुक्त भवन, नारनौल हरियाणा में ‘शिक्षा में नैतिक मूल्यों का समावेश’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में उल्लेखनीय लेखन, पत्रकारिता,…

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राजनीति हे! राजनीते , अहम त्वमेव शरणम गच्छामि

हे! राजनीते , अहम त्वमेव शरणम गच्छामि

 प्रभुनाथ शुक्ल हे! राजनीते तुझे शत्-शत् नमन। तेरी कोई भाषा और परिभाषा भी है यह मैं आज तक नहीं पढ़ पाया हूं। तेरे व्यक्तित्व की…

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समाज *”सोनभद्र हत्याकांड”  “प्रिंयका नहीं ये आंधी है दूसरी इंदिरा गांधी है”*

*”सोनभद्र हत्याकांड” “प्रिंयका नहीं ये आंधी है दूसरी इंदिरा गांधी है”*

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुए दस लोगों के जघन्य हत्याकांड के बाद प्रियंका गांधी की संघर्षशील कार्यशैली के चलते देश में अपनी राजनीतिक जमीन…

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कविता तलाश

तलाश

उसकी तलाश और है, मेरी तलाश और थक जाऊं ढूंढ करके तो कहता तलाश और। पहले ही उसने पी लिया भर भर के प्याले गम…

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गजल हिंदी गजल

हिंदी गजल

अपराध हुआ पर सजा नहीं। जरूरी बात पर रजा नहीं।। बन गए जो महान हस्तियाँ, उनका प्रयाण पर कजा नहीं। नृत्य देख शोख सुंदरी का,…

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लेख “भारतीय संस्कृति से विश्व का कल्याण होगा”

“भारतीय संस्कृति से विश्व का कल्याण होगा”

भारतीय संस्कृति पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आघात शतकों से होता आ रहा है। विदेशी धर्मान्ध आक्रांताओं द्वारा सत्य सनातन वैदिक हिन्दू धर्म व संस्कृति को…

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व्यंग्य ऊंची नाक का सवाल (व्यंग्य)

ऊंची नाक का सवाल (व्यंग्य)

इस दौर में जब देश में बाढ़ का प्रकोप है तो नाक से सांस लेने वाले प्राणियों में नाक एक लक्ष्मण रेखा बन गयी है…

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चिंतन “सनातन वैदिक धर्म और इतर मत-मतान्तर”

“सनातन वैदिक धर्म और इतर मत-मतान्तर”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हमारा वर्तमान संसार अथवा ब्रह्माण्ड 1.96 अरब वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया है। इससे पूर्व लगभग 52 लाख वर्षों में परमात्मा…

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लेख प्रभुजी, वे चाकू हम खरबूजा

प्रभुजी, वे चाकू हम खरबूजा

नाटक देखना किसे अच्छा नहीं लगता। गीत और संगीत, हास्य और रुदन, व्यंग्य और करुणा से लिपटे डायलाॅगों के साथ अभिनय का सामूहिक रूप यानि…

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लेख विचारों पर अमल

विचारों पर अमल

इ. राजेश पाठक   १९ वीं सदी के उत्तरार्ध में महाराष्ट्र में नारी-जागरण को लेकर एक संस्था नें खूब ख्याति प्राप्त करी थी, जिसका नाम था ‘शारदा-सदन’.इसकी स्थापना…

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