लेख भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 

भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 

26 जनवरी गणतंत्र दिवस विवेक रंजन श्रीवास्तव  भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संबंध लोकतंत्र की आत्मा से जुड़ा हुआ है। यह केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं…

Read more
लेख संवैधानिक मूल्य : गणतंत्र की आत्मा और नागरिक दायित्व

संवैधानिक मूल्य : गणतंत्र की आत्मा और नागरिक दायित्व

26 जनवरी गणतंत्र दिवस बाबूलाल नागा    भारतीय संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन है जो देश की आत्मा, उसकी चेतना और दिशा—तीनों को परिभाषित करता है। संविधान की उद्देशिका में निहित स्वतंत्रता, समता, समानता, बंधुता, संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे मूल्य पूरे संविधान की वैचारिक रीढ़ हैं। ये मूल्य “हम भारत के लोग” द्वारा स्वयं को दी गई वह सामूहिक प्रतिबद्धता हैं जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निरंतर स्मरण कराती है। संविधान का सच्चा सम्मान केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि इन मूल्यों को अपने व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में उतारने से होता है।    भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ मना रहा है। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे…

Read more
लेख गणतंत्र के सामने चुनौतियाँ : हमारा दायित्व

गणतंत्र के सामने चुनौतियाँ : हमारा दायित्व

शम्भू शरण सत्यार्थी गणतंत्र केवल शासन-प्रणाली का नाम नहीं है, यह एक जीवित चेतना है जो नागरिकों के आचरण, सोच और साहस से जीवित रहती…

Read more
लेख ज्ञान-परंपरा से लौटती प्राचीन भारतीय गणतंत्र की गरिमा

ज्ञान-परंपरा से लौटती प्राचीन भारतीय गणतंत्र की गरिमा

संदर्भः गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर विशेष आलेख-प्रमोद भार्गवदुनिया के गणतंत्रों में भारत प्राचीन गणतंत्रों में से एक है। यहां के मथुरा, पद्मावती और त्रिपुरी…

Read more
राजनीति वंदे मातरम पर बवाल क्यों ?

वंदे मातरम पर बवाल क्यों ?

वंदे मातरम पर बवाल क्यों ?

Read more
लेख शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा…

Read more
विश्ववार्ता गाजा बोर्ड ऑफ पीस पर वैश्विक कशमकश के मायने

गाजा बोर्ड ऑफ पीस पर वैश्विक कशमकश के मायने

गाजा बोर्ड ऑफ पीस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक महत्वाकांक्षी पहल है जो गाजा संघर्ष को सुलझाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर शांति स्थापना…

Read more
राजनीति विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणतंत्र है भारत

विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणतंत्र है भारत

डा. विनोद बब्बर  गणतंत्र दिवस ‘गण’ और ‘तंत्र’ के सबंधों की पड़ताल करने का अवसर है। इस बात पर गर्व करने का अवसर भी कि…

Read more
विश्ववार्ता दुनिया जल के वैश्विक दिवालियापन की ओर बढ़ रही है

दुनिया जल के वैश्विक दिवालियापन की ओर बढ़ रही है

विश्व स्तर पर लगभग 25 देश अत्यधिक जल तनाव से जूझ रहे हैं। चार अरब से अधिक लोग वर्ष में कम से कम एक माह…

Read more
राजनीति गणतंत्र के 76 वर्ष : संविधान की आत्मा और लोकतंत्र का यथार्थ

गणतंत्र के 76 वर्ष : संविधान की आत्मा और लोकतंत्र का यथार्थ

यह दिन प्रत्येक राष्ट्रप्रेमी के लिए स्वाभाविक रूप से गौरव और आत्मसम्मान का प्रतीक है क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत ने औपनिवेशिक दासता से…

Read more
राजनीति हमारे ही देश में सर्वप्रथम गणतंत्र स्थापित हुआ

हमारे ही देश में सर्वप्रथम गणतंत्र स्थापित हुआ

यह हमारे लिए अत्यंत गौरवपूर्ण बात है कि भारत में गणतंत्र की अवधारणा केवल 1950 की देन नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें हमारी प्राचीन सभ्यता,…

Read more
लेख भारत में गणतंत्र की ढाई हजार वर्ष पुरानी परंपरा

भारत में गणतंत्र की ढाई हजार वर्ष पुरानी परंपरा

संदीप सृजन आधुनिक भारत ने 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र व्यवस्था को स्वीकार कर अपने नीति नियम का लिखित कानून संविधान के रूप में लागू किया लेकिन भारत को दुनिया…

Read more